यूपी में नाइट कर्फ्यू: बनारस के कारोबारियों ने सरकार के फैसले का किया स्वागत, बोले- जीवन बचने से ही जीविका बचेगी
कोरोना की तीसरी लहर के खतरे को देखते योगी सरकार ने पूरे प्रदेश में 25 दिसंबर से रात 11 बजे से सुबह पांच बजे तक नाइट कर्फ्यू लगाने का ऐलान किया। इसको लेकर वाराणसी में कारोबारियों ने कहा कि सरकार का यह फैसला काफी सराहनीय है।
विस्तार
कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के खतरे को देखते हुए योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। यूपी में 25 दिसंबर यानि कि शनिवार रात 11 बजे से नाइट कर्फ्यू लगने जा रहा है। नाइट कर्फ्यू रात 11 बजे से सुबह पांच बजे तक लागू होगा। शादी समारोह में भी लोगों की संख्या 200 तक सीमित कर दी गई है। इसके अलावा अन्य गाइडलाइंस जारी की हैं।
सरकार के इस फैसले का वाराणसी के कारोबारियों ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि उचित समय पर बिल्कुल सही फैसला लिया गया है। जीवन बचने से ही जीविका भी बचेगी। क्योंकि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान कई लोगों की जान गई थी। ऐसे में यह कदम जरूरी था।
अपर पुलिस आयुक्त, अपराध व मुख्यालय सुभाषचंद्र दुबे ने कहा कि नाइट कर्फ्यू का पूर्णतयः पालन कराया जाएगा। सभी थाना प्रभारियों को इसके लिए निर्देशित कर दिया गया है।
महानगर उद्योग व्यापार समिति के अध्यक्ष प्रेम मिश्रा ने कहा कि रात्रिकालीन कर्फ्यू एक ऐसा मुद्दा है जिससे व्यापाररी समुदाय चिंताजनक स्थिति में आ जाता है। लेकिन जीवन बचने से ही जिविका बचेगी, ऐसा मेरा मानना है। साथ ही सुरक्षित रहना एक महत्त्वपूर्ण निर्णय होगा। जो सबके हित में होगा।
टूरिज्म वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल मेहता ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा रात्रि कर्फ्यू लगाए जाने का स्वागत है। शादी समारोह समेत अन्य आयोजनों में लोगों की संख्या की सीमित गई है। जिसका असर होटलों में होने वाले नववर्ष और आगामी जनवरी- फरवरी की शादियों पर पड़ेगा। तीसरी लहर की आहट से ही पर्यटन उद्योग के लिए चिंता का विषय है।
टूरिज्म वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल मेहता ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा रात्रि कर्फ्यू लगाए जाने का स्वागत है। शादी समारोह समेत अन्य आयोजनों में लोगों की संख्या की सीमित गई है। जिसका असर होटलों में होने वाले नववर्ष और आगामी जनवरी- फरवरी की शादियों पर पड़ेगा। तीसरी लहर की आहट से ही पर्यटन उद्योग के लिए चिंता का विषय है।
महानगर उद्योग व्यापार समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष शोभनाथ विश्वकर्मा ने कहा कि रात्रि कर्फ्यू रात नौ बजे से सुबह पांच बजे तक हो। इसके साथ-साथ सप्ताह में रविवार पूरी तरह से लॉकडाउन हो तभी इस महामारी से बचा जा सकता है। दूसरी लहर से हम सभी को सबक लेना चाहिए। अगर हमें अपना व्यापार और परिवार को बचाना है तो हम सभी को अभी से ही तैयारी करनी होगी।
'नाइट कर्फ्यू की जगह पर नियम को कड़े करने की थी जरूरत'
शादियों और न्यू ईयर पार्टी पर ग्रहण
ओमिक्रॉन की दहशत और नाइट कर्फ्यू से जनवरी और फरवरी में जिले भर की 5000 शादियों पर ग्रहण लगता दिखाई दे रहा है। टेंट व कैटरिंग कारोबारियों से लेकर अन्य सजावट, फूल, बैंड, बाजा और आतिशबाजी वालों की भी मुश्किलें बढ़ गई हैं। क्योंकि शादी में अतिथियों की संख्या की बाध्यता के चलते अब हर कोई सिर्फ सादगी से ही शादी करना चाहेगा।
14 जनवरी के बाद से वैवाहिक लग्न शुरू हो रहा है। नववर्ष को लेकर होटलों और क्लबों में पार्टी पर भी ग्रहण लग गया है। रात्रि कर्फ्यू रहेगा तो मेहमान कैसे आएंगे, खुद वेडिंग कारोबार से जुड़े कारोबारियों और उनके कर्मियों को भी आवाजाही में दिक्कत आएगी।
पढ़ेंः कोरोना मरीजों का ग्राफ बढ़ा: वाराणसी में बैंक कर्मी मिला संक्रमित, सक्रिय मामले बढ़कर चार हुए