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Varanasi News: नई तकनीक और आसान लोन से संवरेगा पूर्वांचल का औद्योगिक भविष्य
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वाराणसी समेत पूर्वांचल के एमएसएमई को आसानी से लोन मिल सकेगा। इससे नए उद्योगों को पंख लगेंगे। चांदपुर स्थित दी स्मॉल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के कार्यालय में भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) और एसोसिएशन के बीच डीआईए पहल के तहत एक समझौता हुआ। इस पर एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश भाटिया और सिडबी के सहायक महाप्रबंधक अक्षय कुमार ने हस्ताक्षर किए। मौके पर सिडबी के सहायक प्रबंधक रवि होरो और दुर्गेश खरे भी उपस्थित रहे।
सिडबी के सहायक महाप्रबंधक अक्षय कुमार ने बताया कि इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य एसोसिएशन की संस्थागत क्षमता को बढ़ाना तथा सदस्य इकाइयों को व्यावसायिक विस्तार, तकनीकी उन्नयन और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना है। समझौते के तहत डीआईए पोर्टल के जरिये उद्यमियों को प्रबंधन, सर्वेक्षण, ई-लर्निंग, वेबिनार, विश्लेषण और डैशबोर्ड जैसी आधुनिक डिजिटल सुविधाएं मिलेंगी। तकनीकी और वित्तीय सहायता के अलावा, उद्योगों को वित्त, निर्यात, डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट), विपणन, वैधानिक अनुपालन और हरित विकास के लिए विशेषज्ञ परामर्श भी उपलब्ध कराया जाएगा।
एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश भाटिया ने कहा कि एमएसएमई देश की अर्थव्यवस्था और रोजगार की रीढ़ हैं, जिन्हें मौजूदा दौर में केवल वित्त ही नहीं, बल्कि डिजिटल कौशल और विशेषज्ञ मार्गदर्शन की भी सख्त दरकार है। वहीं, महासचिव नीरज पारीख ने विश्वास जताया कि इस पहल से स्थानीय उद्यम आधुनिक तकनीक अपनाकर गुणवत्ता और उत्पादन क्षमता बढ़ा सकेंगे। अंत में उपाध्यक्ष अनुपम देवा ने सिडबी का आभार व्यक्त किया।
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सिडबी के सहायक महाप्रबंधक अक्षय कुमार ने बताया कि इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य एसोसिएशन की संस्थागत क्षमता को बढ़ाना तथा सदस्य इकाइयों को व्यावसायिक विस्तार, तकनीकी उन्नयन और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना है। समझौते के तहत डीआईए पोर्टल के जरिये उद्यमियों को प्रबंधन, सर्वेक्षण, ई-लर्निंग, वेबिनार, विश्लेषण और डैशबोर्ड जैसी आधुनिक डिजिटल सुविधाएं मिलेंगी। तकनीकी और वित्तीय सहायता के अलावा, उद्योगों को वित्त, निर्यात, डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट), विपणन, वैधानिक अनुपालन और हरित विकास के लिए विशेषज्ञ परामर्श भी उपलब्ध कराया जाएगा।
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एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश भाटिया ने कहा कि एमएसएमई देश की अर्थव्यवस्था और रोजगार की रीढ़ हैं, जिन्हें मौजूदा दौर में केवल वित्त ही नहीं, बल्कि डिजिटल कौशल और विशेषज्ञ मार्गदर्शन की भी सख्त दरकार है। वहीं, महासचिव नीरज पारीख ने विश्वास जताया कि इस पहल से स्थानीय उद्यम आधुनिक तकनीक अपनाकर गुणवत्ता और उत्पादन क्षमता बढ़ा सकेंगे। अंत में उपाध्यक्ष अनुपम देवा ने सिडबी का आभार व्यक्त किया।
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