यूपी: कलेजे के टुकड़ों के साथ जान देने पहुंची मां, पहले बेटी को फेंका फिर मासूम संग गंगा में उतरी
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में एक महिला मंगलवार की दोपहर धरम्मरपुर घाट के पास आत्महत्या करने के लिए अपने मासूम बच्चों के साथ गंगा में गहरे पानी में घुस गई। जैसे ही मल्लाहों की नजर उस पर पड़ी, वह गंगा में कूद पड़े और सभी को सकुशल बचा लिया। इसके बाद सभी को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया।
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के जमानियां कोतवाली के मतसा गांव निवासी हरीहर की पत्नी सरिता(25) मंगलवार को दिन में करीब एक बजे करंडा थाना क्षेत्र के धरम्मरपुर गंगा घाट पर पहुंची। पहले अपनी पांच वर्षीय पुत्री परी को गंगा गंगा में फेंक दिया। इसके बाद अपने तीन वर्षीय पुत्र अनुराग को गोद में लेकर गहरे पानी में उतर गई और सभी डूबने लगे।
घाट के पास ही अपनी झोपड़ी में सोए मल्लाह रामवृक्ष की जैसे ही डूब रहे लोगों पर नजर पड़ी, वह अपने पुत्रों को बचाने की आवाज लगाते हुए गंगा में कूद पड़ा। उसके पीछे-पीछे उसके तीनों पुत्र में पानी में उतर गए। किसी तरह से मां और उसके बच्चों को बचाकर पानी से बाहर निकाला।
जानकारी होते ही मौके पर लोगों की भीड़ लग गई। मल्लाह लोगों के सहयोग से तीनों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गया। महिला द्वारा बताने पर घटना की जानकारी उसके परिजनों को दी। कुछ ही देर में पति हरीहर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंच गया।
पति ने बताया कि उसकी पत्नी घर से नाराज होकर सुबह दस बजे बच्चों के साथ निकल गई थी। हम लोग उसकी इधर-उधर खोजबीन कर रहे थे। इसी दौरान हमें बच्चों के साथ पत्नी के गंगा में कूदने की सूचना मिली। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. रूद्रकांत सिंह ने बताया कि एक महिला और दोनों बच्चों की हालत ठीक है। इस संबंध में कोतवाल राजीव कुमार सिंह ने बताया कि ऐसी किसी घटना की न तो किसी ने सूचना दी है और न ही तहरीर।
लोग निहारते रहे मासूमों को
मां द्वारा अपने दो मासूम बच्चे के साथ आत्महत्या करने के प्रयास की जिसे भी जानकारी हुई, लोग वहां पहुंचकर पांच वर्षीय परी और तीन वर्षीय अनुराग को निहारती रहीं। लोग यह कहने लगे कि ऊपर वाले का शुक्र है कि मल्लाहों की नजर पड़ गई और उन्होंने मां और मासूम बच्चों को बचा लिया। इस घटना के बाद दोनों बच्चे भी पूरी तरह से सहमे रहे।