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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Mother meet his child after a year, know what was the reason

पांच साल के बच्चे से एक साल बाद मिल पाई मां, जानिये क्या थी वजह

Sun, 30 Jul 2017 02:26 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला,वाराणसी
ब्यूरो, अमर उजाला,वाराणसी Updated Sun, 30 Jul 2017 02:26 PM IST
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Mother meet his child after a year, know what was the reason
mother - फोटो : getty

एक छोटे बच्चे के लिए उसकी मां ही पूरी दुनिया होती है। लेकिन सोचिए अगर एक साल तक कोई बच्चा अपनी मां से न मिल पाए तब क्या होगा ? कुछ ऐसा ही हुआ यूपी के वाराणसी जिले में। यहां  आशा ज्योति केंद्र के प्रयास से एक मां अपने बेटे से साल भर बाद मिल पाई।

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इसमें सोनभद्र स्थित केंद्र की टीम ने भी सराहनीय भूमिका निभाई। केंद्र पर सात जुलाई को अंजली नाम की एक महिला पहुंची और सामाजिक कार्यकर्ता सोनल श्रीवास्तव और काउंसलर वर्तिका पांडेय को आपबीती सुनाई। रामनगर थाना क्षेत्र के कटेसर की रहने वाली अंजली की शादी नौ वर्ष पहले चौबेपुर थाना क्षेत्र के बीकापुर पियरी निवासी राजकुमार से हुई थी।
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उसने बताया की चार वर्ष पहले उसके पति की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। इसके बाद से उसके ससुराल वाले उसे परेशान करने लगे। आएदिन मारपीट और गाली-गलौच से आजिज अंजली अपने मायके जाना चाहती तो ससुराल वाले उसके बेटे को अपने कब्जे में ले लेते।
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एक दिन ससुराल वालों ने धोखे से उसे छह साल की बेटी के साथ मायके भेज दिया लेकिन उसके पांच साल के लड़के को अपने पास रोक लिया। उसने बताया कि पिछले साल जून से वह अपने बेटे के बिना रह रही है। इस पर काउंसलर ने अंजली के ससुर को फोन किया तो वह अपशब्द कहने लगे।

उन्होंने उत्तर दिया कि बच्चा अपनी मर्जी से उनके पास रह रहा है। यदि बच्चा चाहिए तो आकर ले जाइये। सोनल ने बताया कि दूसरे दिन टीम अंजली के ससुराल जाने के लिये निकली ही थी कि पता चला कि उसके ससुर लड़के को लेकर शक्ति नगर, सोनभद्र चले गए है।

इसके बाद सोनभद्र स्थित आशा ज्योति केंद्र से संपर्क किया गया। वहां की टीम ने इस मामले में शक्ति नगर थाने से संपर्क कर मदद मांगी। इस पर थाना प्रभारी ने अंजली के ससुर को लड़के के साथ बुलाया।


शुक्रवार को बनारस की टीम अंजली, उसके पिता और भाई को लेकर शक्ति नगर पहुंची। शनिवार को बच्चों को बनारस लाने के बाद कागजी कार्रवाई पूरी कर अंजली को उसका बच्चा सौंप दिया गया।

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