मॉस्क, नॉनवेज और चाइनीज व्यंजन... कोरोना से जुड़े सारे सवालों के जवाब यहां
देश के साथ वाराणसी में कोरोना को लेकर हाई अलर्ट है और जिला स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, विदेशी पर्यटकों को लेकर होटल, लॉज, हॉस्टल संचालकों को सतर्कता बरतने को कहा गया है। यह भी कहा गया है कि अगर ऐसे लोगों में बुखार, सर्दी, खांसी, सांस लेने में तकलीफ हो तो इसकी सूचना तुरंत दें। बाबतपुर एयरपोर्ट पर अब तक 13229 यात्रियों की स्क्रीनिंग और स्वास्थ्य परीक्षण किया जा चुका है।
सबसे जरूरी बात जो सामने आ रही है, वह यह कि सच्चाई से ज्यादा लोग इस बीमारी से जुड़ी अफवाहों को हकीकत मान परेशान हो रहे हैं। ऐेसे में कोरोना को लेकर सारे सवालों मसलन, सांस लेने से भी फैलाव, शराब और नानवेज छोड़ दिया जाए, तो कोरोना भाग जाएगा, सारे सवालों से पहले जानें क्या है कोरोना वायरस की हकीकत।
जानें कोरोना बीमारी की हकीकत
पिछले साल दिसंबर में चीन के वुहान शहर से कोरोना वायरस के मरीज मिले थे। यह वायरस निमोनिया से पीड़ित मरीजों में पाया गया था। इंसान से इंसान में फैलने वाला वायरस है। कोरोना वायरस पहले ऊंट, बिल्ली, चमगादड़ में मिलता था। अब इंसानों में भी फैलने लगा है। डब्ल्यूएचओ ने इसे नोबेल कोरोना 2019 नाम दिया है।
शराब से जुड़ी अफवाह में कितना दम
सोशल मीडिया के सभी प्लेटफार्म पर आपने ऐसे कई पोस्ट वायरल होते देखें होंगे, पर यह कोरी अफवाह है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ऐल्कॉहॉल वाले हैंडवॉश से हाथ धोने की सलाह जरूर दी थी, लेकिन शराब के सेवन पर कोई गाइडलाइन नहीं जारी की है।
चाइनीज फूड से कोरोना का खतरा
चाइनीज फूड नूडल्स, मोमोज खाने से कोरोना नहीं होगा और इनसे कोरोना का रिस्क फैक्टर नहीं माना गया है।
आनलाइन शापिंग के गिफ्ट बॉक्स से कोरोना का खतरा
अगर आप ऐसा मान रहे हैं कि आनलाइन शापिंग से चीन से आने वाले प्रोडक्ट से कोरोना का खतरा है, तो कोरी कल्पना है।कोरोना का वायरस बॉक्स और कार्टून पर ज्यादा देर नहीं रह सकता। इसलिए इनसे इंफेक्शन होने का खतरा नहीं है।