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आठ साल के मासूम ने दी बहादुर पिता को मुखाग्नि, लोगों की डबडबा उठी आंखें

Fri, 25 May 2018 09:21 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी/सोनभद्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी/सोनभद्र Updated Fri, 25 May 2018 09:21 PM IST
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Martyr rajesh bind funeral on manikarnika ghat in varanasi
शहीद का बेटा अमन - फोटो : अमर उजाला
छत्तीसगढ़ नक्सली हमले के दौरान शहीद हुए जौनपुर के राजेश बिंद का अंतिम संस्कार शुक्रवार को राजकीय सम्मान के साथ बनारस के मणिकर्णिका घाट पर किया गया। शहीद राजेश को उनके आठ वर्षीय बेटे अमन ने मुखाग्नि दी तो मौजूद लोगों की आंखें डबडबा उठी और माहौल गमगीन हो उठा।
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मछलीशहर तहसील क्षेत्र के करियांव गांव निवासी राजेश बिंद गुरुवार को ड्यूटी के दौरान बारूदी सुरंग के विस्फोट में शहीद हुए थे। अंतिम संस्कार से पहले सीआरपीएफ की 95 बटालियन के कमांडेंट उदय प्रताप सिंह, एडीएम सिटी वीरेंद्र पांडेय, एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह, सीओ दशाश्वमेध स्नेहा तिवारी सहित पुलिस और प्रशासन के अन्य अधिकारियों ने पुष्पांजलि अर्पित की।
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इसके बाद सीआरपीएफ और जिला पुलिस के जवानों ने शहीद राजेश बिंद को गार्ड ऑफ आनर दिया और उन्हें मुखाग्नि दी गई। इस दौरान शहीद के परिजन और करियांव गांव के कई ग्रामीण मौजूद रहे। राजेश वर्ष 2006 में सीआरपीएफ में कांस्टेबल के तौर पर भर्ती हुए थे।
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बता दें कि राजेश कुमार बिंद का शव गुरुवार की रात तकरीबन रात ढाई बजे गांव पहुंचा। शव पहुंचते ही शहीद की पत्नी उषा देवी, मां प्रभावती व दादी चमेला देवी शव से लिपटकर दहाडे़ मारकर रोने लगीं।

शहीद के बड़े भाई सुरेश कुमार, छोटे भाई विश्वनाथ और सबसे छोटा भाई आशीष का भी रो रोकर बुरा हाल रहा। शहीद का बड़ा बेटा आठ वर्षीय अमन शव के पास बैठा रहा। वहीं दोनों बेटी चार वर्षीय मीनाक्षी और दो वर्षीय सोनाक्षी घटना से अंजान रहीं।

शुक्रवार की सुबह सात बजे सेना व प्रशासन के अधिकारी, जनप्रतिनिधियों ने शहीद को पुष्प चक्र अर्पित कर नमन किया। राज्य पुलिस व सीआरपीएफ ने शहीद को गार्ड आफ आनर दिया। इसके बाद शहीद के पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए वाराणसी ले जाया गया। 

अंतिम दर्शन के लिए उमड़े लोग

Martyr rajesh bind funeral on manikarnika ghat in varanasi
विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
शहीद राजेश के अंतिम दर्शन के लिए आसपास के गांव के हजारों लोग उमड़ पड़े। भीड़ से एक घंटे तक गोधना निगोह मार्ग जाम हो गया। लोगों ने बताया कि शहीद राजेश विनम्र स्वभाव के थे। ग्रामीणों ने बताया कि जब भी छुट्टी में घर आते तो सभी से मिलने जरूर जाते थे।

मछलीशहर सांसद प्रतिनिधि राजेश सिंह ने कहा कि शहीद राजेश के बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा अपने कालेज में देंगे। उन्होंने बताया कि शहीद का बड़ा लड़का अमन उनके स्कूल में कक्षा तीन का छात्र है। दोनों लड़कियों को भी वह नि:शुल्क शिक्षा देंगे।

उधर, शहीद राजेश बिंद को श्रद्धांजलि देने जिले के आला अफसर नहीं पहुंचे। डीएम के अवकाश पर होने के नाते सीडीओ प्रभारी डीएम के रूप में तैनात हैं। उनसे शहीद के परिवार वालों ने बात भी की लेकिन वह घर नहीं गए। एसपी भी नहीं पहुंचे। इसको लेकर लोगों ने नाराजगी जताई।

शहीद राजेश बिंद के परिजनों ने जिले से आला अफसरों के नहीं आने पर मछलीशहर एसडीएम जगदंबा सिंह को मांगों का ज्ञापन सौंपा। इसमें मांग की कि गोधना निगोह मार्ग शहीद के नाम किया जाय। गांव में ही शहीद स्थल बनाया जाए। शहीद की पत्नी के नाम शहर में जमीन लीज पर देकर पेट्रोल पंप दिया जाए। एसडीएम मछलीशहर ने बताया कि उनकी मांगों को शासन को भेजा जाएगा। 
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