काशी का तीसरा स्वर्ण मंदिर: मार्कंडेय महादेव का शिखर कराया जाएगा स्वर्ण मंडित, लागत आएगी एक करोड़
काशी विश्वनाथ मंदिर और संत रविदास मंदिर के बाद मार्कंडेय महादेव तीसरा मंदिर होगा, जिसके शिखर स्वर्ण मंडित होंगे। धार्मिक ट्रस्ट के सहयोग से यह किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने बताया कि साढ़े तीन करोड़ की लागत से अतिथि गृह भी बनाया जाएगा।
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काशी में मार्कंडेय महादेव मंदिर तीसरा स्वर्ण मंदिर होगा। धार्मिक ट्रस्ट के सहयोग से एक करोड़ रुपये की लागत से मंदिर के शिखर को स्वर्ण मंडित किया जाएगा। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर और संत रविदास मंदिर के बाद मार्कंडेय महादेव तीसरा मंदिर होगा, जिसके शिखर स्वर्ण मंडित होंगे। यह जानकारी सोमवार को डाक बंगले में आयोजित चौपाल में केंद्रीय मंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने दी।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि मार्कंडेय महादेव मंदिर प्रांगण के पास डाक बंगले की भूमि पर साढ़े तीन करोड़ की लागत से अत्याधुनिक अतिथि गृह का निर्माण किया जाएगा। अतिथि गृह का निर्माण जल्द ही शुरू हो जाएगा। उन्होंने उपजिलाधिकारी सदर की मौजूदगी में राजस्व विभाग से जमीन के सीमांकन का निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मार्कंडेय महादेव को विश्व के पटल पर ले जाकर यहां के धार्मिक व पौराणिक स्थल पर्यटन के रूप में विकसित करना है। इससे यहां लोगों को रोजगार भी मिलेगा।
बीएचयू के प्रो. राकेश उपाध्याय ने बताया कि केंद्रीय मंत्री के निर्देशन में दिल्ली व बागपत की एक धार्मिक ट्रस्ट के सहयोग से एक करोड़ रुपये की लागत से मार्कंडेय महादेव का स्वर्ण शिखर बनेगा। शिखर तांबे का होगा, जिस पर सोने का पानी चढ़ा होगा। स्वर्ण शिखर समिति में उपजिलाधिकारी सदर के साथ डॉ. राकेश उपाध्याय व मंजीत सिंह होंगे।
उन्होंने बताया कि मंदिर समिति जमीन देगी तो वैदिक गुरुकुल यज्ञशाला भी बनेगी। इसके संचालन के लिए चंद्रावती से जुड़े जैन स्वावलंबी इच्छुक हैं। सत्यसांई के उत्तराधिकारी मधुसूदन सांई के ट्रस्ट काशी में अत्याधुनिक अस्पताल का निर्माण कराना चाहती है। जिसमें दवा व इलाज मुफ्त होगा। इसके लिए पांच एकड़ जमीन तलाश की जा रही है। मार्कंडेय महादेव मंदिर में केंद्रीय मंत्री ने जलाभिषेक कराया। इस मौके पर भोलानाथ उपाध्याय, जयप्रकाश पांडेय, आशीष दुबे, मंजीत सिंह, राम जी मौर्य, लक्ष्मण सिंह, पंकज त्रिपाठी, घनश्याम सिंह, प्रियांशु मिश्रा आदि कई प्रमुख लोग शामिल रहे।