2014 के मुकाबले 2019 में ज्यादा पड़े वोट, मतदान में मिर्जापुर रह अव्वल
लोकसभा चुनाव के सातवें और अंतिम चरण में रविवार को पूर्वांचल के सात संसदीय क्षेत्रों वाराणसी, बलिया, घोसी, गाजीपुर, राबर्ट्सगंज, मिर्जापुर और चंदौली में औसतन 58.22 फीसदी मतदान हुआ। मिर्जापुर में सबसे ज्यादा 60.76 फीसदी वोट पड़े।
आजमगढ़ में प्राथमिक विद्यालय करऊत में पुनर्मतदान हुआ। यहां 56.69 फीसदी वोट पड़े जो 12 मई को हुए मतदान से 4.20 फीसदी ज्यादा है। चंदौली में झंडा हटाने और अन्य मामलों को लेकर दो मतदेय स्थलों पर सपा और भाजपा कार्यकर्ताओं में पथराव हुआ, लाठियां चलीं। गाजीपुर और बलिया में फर्जी मतदान को लेकर पथराव हुआ। मऊ में अभिकर्ता और होमगार्ड के बीच हाथापाई हुई।
वाराणसी, सोनभद्र, मिर्जापुर, बलिया, मऊ में कई जगहों पर सड़क, बिजली, पानी की समस्याओं के विरोध में मतदान का बहिष्कार भी किया गया। 259 जगहों पर ईवीएम और वीवीपैट की खराबी से मतदान रुका और हंगामा हुआ।
मिर्जापुर में 71 बूथों पर ईवीएम खराबी होने से मतदान देर से शुरू हुआ। घोसी में 37 जगहों पर ईवीएम और वीवीपैट मशीन में खराबी के चलते वोटिंग देर से शुरू हुई। गाजीपुर में 23 जगहों पर ईवीएम के दगा देने से घंटे भर से अधिक समय तक मतदान रुका रहा।
वाराणसी में 15 बूथों पर शुरू में ईवीएम खराब रहीं और मतदाताओं ने हंगामा किया। चंदौली के अजगरा विधानसभा के लटौनी गांव में दबंगों ने मतदान से रोकने के लिए कुछ बस्तियों में मतदाताओं की उंगली पर स्याही लगा दी थी।
सूचना पर डीएम सुरेंद्र सिंह और एसएसपी आनंद कुलकर्णी पहुंचे और ग्रामीणों का मतदान कराया। चंदौली में 65 बूथों पर ईवीएम गड़बड़ी की शिकायतें आईं। राबर्ट्सगंज में 58.10 फीसदी मतदान हुआ। 18 ईवीएम खराब होने से मतदान देर से शुरू हुआ। बलिया में 30 जगहों पर ईवीएम खराबी से मतदान बाधित हुआ।
| सीट | मतदान (2019) | मतदान (2014) |
| मिर्जापुर | 60.76 | 58.58 |
| चंदौली | 60.22 | 58.70 |
| घोसी (मऊ) | 59.13 | 55.04 |
| गाजीपुर | 58.60 | 54.94 |
| वाराणसी | 58.05 | 58.25 |
| राबर्ट्सगंज (सोनभद्र) | 58.10 | 54.16 |
| बलिया | 52.70 | 48.27 |
| कुल | 58.22 | 55.42 |