वाराणसी पहुंचा टिड्डियों का दल, हमले से बचने की तैयारी खुद जांची जिलाधिकारी ने, रातभर चला बचाव अभियान
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टिड्डी दल के हमले से देश में फसलों को काफी नुकसान हुआ है। उत्तर भारत के कई राज्यों में टिड्डियां पहुंच गई हैं। उत्तर प्रदेश के भी कई जिलों में टिड्डियों ने हमला कर दिया है। टिड्डियों का एक छोटा दल सुबह के समय वाराणसी भी पहुंच गया। पिंडरा विकास खण्ड के आधा दर्जन गांवों में टिड्डियों को दवा का छिड़काव कर मारने का अभियान गुरुवार को रात में 10 बजे एसडीएम पिंडरा के नेतृत्व में चला। मौके पर पहुचे डीएम कौशलराज शर्मा, सीडीओ मधुसूदन हुलगी अधिकारियों व कर्मचारियों को निर्देशित करते रहे।
सबसे पहले विकास खण्ड के राजपुर से अभियान की शुरुआत की गई। उसके बाद चितौरा, घोघली, घोघरी, नहिया कोर्रा में टिड्डियों को मारने का अभियान चला। दर्ज़नों की संख्या में सफाई कर्मचारी बैटरी से चालित होने वाली स्प्रे मशीन को लेकर खेतों में उतरे। वही दूसरी तरफ फायर ब्रिगेड की गाड़ियां में लगी रही। टिड्डियों का एक छोटा दल मोहनसराय, शाहनबद, दरेखु में भी नजर आया।
सुबह के समय जिला कृषि अधिकारी सुभाष मौर्य ने पुष्टि करते हुए बताया कि जिले में टिड्डियों का हमला हुआ है। काशी विद्यापीठ विकासखंड के रास्ते पहुंचा टिड्डी दल अब पूरे जिले में कई छोटे-छोटे दलों में फैल रहा है। इनसे बचने के लिए आला अफसर जुट गए हैं।
वाराणसी के जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा ने बताया कि गुरुवार को दो छोटे टिड्डियों के दल जिले में प्रवेश कर गए हैं, जो मिर्जापुर से आए हैं। राजातालाब तहसील के गांवों से सदर तहसील के गांव चिरईगांव ब्लॉक की तरफ जा रही हैं। एक तीसरा दल जौनपुर जिले से आकर पिंडरा तहसील में देखा गया है। इसके लिए फायर ब्रिगेड की गाडियां, दवाई, मैन्युअल स्प्रे पंप, की पर्याप्त व्यवस्था है।
दो दिन पहले कछवा रोड में आया था नजर :
सेवापुरी विकास खंड के कछवा रोड इलाके में 23 जून को कुछ टिड्डियों का झुंड नजर आया था। मगर कृषि विभाग ने ग्रास हॉपर होने की बात कही थी।
टिड्डी दल के आने पर ये करें किसान
- टिड्डी दल के आक्रमण की जानकारी ग्राम प्रधान के माध्यम से जिला प्रशासन तत्काल दें।
- टिड्डियों के आते ही टीन, थाली बजाकर शोर मचाकर टिड्डियों को भगाने का प्रयास करें।
- बलुई मिट्टी इसके प्रजनन के लिए अनुकूल होती है। ऐसे में खेत की जुताई कर पानी भरें।
- खेतों में क्लोरोपायरिफास या लेमडासाईहैलोथिन कीटनाशक का छिड़काव करवाएं।
- क्षेत्रीय केंद्रीय एकीकृत नाशीजीव लखनऊ के फोन नंबर 0522-2732036 पर संपर्क करें।