Leech Therapy: बीएचयू में जलौका केंद्र में होगा जोंक थेरेपी से उपचार, जानें- कैसे होता है इलाज?
जोंक थेरेपी एक ब्लड प्यूरीफिकेशन थेरेपी है जो शरीर से जहरीले खून को बाहर निकालने में मददगार है। इस प्रक्रिया के दौरान, औषधीय जोंक का उपयोग किया जाता है।
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आईएमएस बीएचयू के आयुर्वेद संकाय के चिकित्सक अब जलौका यानी जोंक थेरेपी से भी मरीजों का इलाज कर सकेंगे। इसके लिए शनिवार को अस्पताल में जलौका केंद्र का उदघाटन सर सुंदर लाल अस्पताल के एमएस प्रो. केके गुप्ता ने किया। सेंट्रल फैसिलिटी सेंटर में यह सुविधा शुरू की गई है। इसमें आयुर्वेद के साथ ही मार्डन मेडिसिन के भी डॉक्टर उपचार कर सकेंगे।
संकाय में बहुत पहले से ही इस विधि से उपचार की व्यवस्था थी लेकिन प्रयाप्त जोंक नही मिल पाते थे। नई व्यवस्था में यहां जोक पालन की भी तैयारी है। इस दौरान उप चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर पंकज भारती,डॉक्टर अंकुर,डॉक्टर आशीष वर्मा,प्रो.केके पांडेय आदि लोग मौजूद रहे।
क्या होती है जोंक थेरेपी
जोंक थेरेपी एक ब्लड प्यूरीफिकेशन थेरेपी है जो शरीर से जहरीले खून को बाहर निकालने में मददगार है। इस प्रक्रिया के दौरान, औषधीय जोंक का उपयोग किया जाता है जो अशुद्ध रक्त को चूसते हैं और रक्त में कुछ ऐसे एंजाइम छोड़ते हैं जो प्रतिरक्षा बढ़ाने के साथ-साथ शरीर की उपचार शक्ति में सहायक होते हैं।