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Varanasi News: दिल्ली और दरभंगा विश्वविद्यालय में जीवंत होगी काशी की शास्त्रार्थ परंपरा, जानें- कब होगी शुरूआत
Thu, 09 May 2024 05:27 PM IST
अमन विश्वकर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
Published by: अमन विश्वकर्मा
Updated Thu, 09 May 2024 05:27 PM IST
सार
Varanasi News: यह जानकारी देते हुए प्रो. रामनारायण द्विवेदी ने बताया कि दोनों विश्वविद्यालय ने शास्त्रार्थ कराने के लिए के संपर्क किया है। 10 जून के बाद दोनों जगह शास्त्रार्थ कराने की तारीख भी तय हो जाएगी।
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श्री काशी विश्वनाथ धाम
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
काशी की शास्त्रार्थ परंपरा अब दिल्ली और दरभंगा विश्वविद्यालय में जीवंत होगी। उत्तर प्रदेश नागकूप शास्त्रार्थ समिति और काशी विद्वत परिषद की ओर से होने वाले आयोजन से संस्कृत और संस्कृत के छात्रों को भी देश में नया मंच मिलेगा। दिल्ली और दरभंगा विश्वविद्यालय ने काशी की तर्ज पर शास्त्रार्थ कराने की पहल की है।
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उत्तर प्रदेश नागकूप शास्त्रार्थ समिति की ओर से पूर्णिमा और अमावस्या पर शास्त्रार्थ कराया जाता है। शास्त्रार्थ की परंपरा को नए सिरे से जीवंत करने में काशी विद्वत परिषद के महामंत्री प्रो. रामनारायण द्विवेदी का योगदान महत्वपूर्ण है। उनकी इस पहल से संस्कृत के छात्रों में काशी की प्राचीन परंपरा के प्रति लगाव और उनकी भागीदारी भी बढ़ी है।
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कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय और दिल्ली विश्वविद्यालय ने काशी की इस शास्त्रार्थ परंपरा को अपने विश्वविद्यालय में जीवंत करने के लिए रुचि दिखाई है। उन्होंने नागकूप शास्त्रार्थ समिति और काशी विद्वत परिषद से इस मामले में संपर्क किया है।
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