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करवा चौथ: व्रत से पहले खत्म हो जाएगा भद्रा का साया, सात महायोग में पूजन; कार्तिक मास के त्योहार हो जाएंगे शुरू

Tue, 27 Oct 2026 09:56 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Aman Vishwakarma Updated Tue, 27 Oct 2026 09:56 AM IST
सार

करवा चौथ का व्रत 29 अक्तूबर को रखा जाएगा। व्रत से पहले भद्रा का साया समाप्त हो जाएगा और सात महायोग में पूजन होगा। इसी के साथ कार्तिक मास के व्रत-त्योहार शुरू हो जाएंगे। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस दौरान शुक्र का उदय भी होगा। करवा चौथ पर चंद्रोदय का मुहूर्त रात 7:57 बजे बताया गया है।

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Karwa Chauth Bhadra pass before fast worship place amidst seven auspicious planetary alignments festive season
करवा चौथ के मुहूर्त। - फोटो : अमर उजाला डिजिटल

विस्तार

करवा चौथ 29 अक्तूबर को है। इसके साथ कार्तिक मास के त्योहार शुरू हो जाएंगे। सुहागिन महिलाएं निर्जला व्रत रखकर पति की दीर्घायु की कामना करेंगी। करवा चाैथ रोहणी नक्षत्र, सात महायोग और कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चंद्रोदय व्यापिनी चतुर्थी को मनाया जाएगा। चंद्रोदय रात में 07:57 बजे होगा। सुहागिन महिलाएं चंद्रमा को अर्घ्य देकर पूजन करेंगी। हालांकि इस बार भद्रा का साया व्रत के पहले ही खत्म हो जाएगा। शुक्र के पूरब दिशा में होने से व्रत फलदायी होगा।

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 हिंदू पंचांग के अनुसार, करवा चौथ कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है। सुहागिन महिलाएं निर्जला व्रत रखेंगी। सोलह शृंगार कर चंद्रोदय होने पर पति की लंबी आयु, आरोग्य व सौभाग्य के लिए भगवान शिव-पार्वती, कार्तिकेय, गणेश व चंद्रदेव का पूजन करेंगी। चंद्रमा के उदय होने पर अर्घ्य अर्पित कर व्रत तोड़ेंगी।

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तैयारियां शुरू

श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के पूर्व अध्यक्ष प्रो. नागेंद्र पांडेय ने बताया कि करवा चौथ उत्तर भारत में विशेषकर मनाया जाता है। आचार्य दैवज्ञ कृष्ण शास्त्री ने बताया कि करवा चौथ के एक दिन पहले 28 अक्तूबर की शाम 5:31 बजे भद्रा लगेगा और भोर में 4:27 बजे समाप्त हो जाएगा। 

इसलिए व्रत और पूजा पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। 28 को ही सुबह 7:35 बजे शुक्र पूरब में उदय होंगे। इनके उदय को मंगलकारी माना गया है। बताया कि करवा चौथ पर वरीयान योग, परिघ, पंच महापुरुष, बुध आदित्य, पाराशरी राजयोग, मालव्य पंच, सरस्वती, अखंड सौभाग्य, अखंड सौभाग्य  योग बन रहे हैं। 

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कुमकुम, सिंदूर व पंचामृत से करेंगी पूजा 
मिट्टी का टोंटीदार करवा, ढक्कन, जल का लोटा, पूजा की छलनी से पूजा होगी। पीली मिट्टी, लकड़ी की चौकी, अक्षत (चावल), कुमकुम, सिंदूर, हल्दी, चंदन, धूप-अगरबत्ती, दीपक, कपूर, रुई, पुष्प, गेहूं, कच्चा दूध, दही, शुद्ध घी, शहद, शकर, गंगाजल, मिठाई, शकर, हलवा और आठ पुड़िया आदि चढ़ाई जाएगी।

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करवा चौथ मिलन समारोह में दिखी परंपरा की झलक
वाराणसी। खत्री मित्र मंडल की ओर से सोमवार को एक होटल में करवा चौथ मिलन समारोह का आयोजन हुआ। सभी महिलाएं पारंपरिक परिधानों में सज-धजकर पहुंचीं। कार्यक्रम की शुरुआत करवा चौथ की कहानी पर आधारित नाटक के मंचन से हुई। समूह की महिलाओं ने इस प्रस्तुति में भाग लिया। इस मौके पर समूह की चेयरपर्सन आरती अरोड़ा ने करवा चौथ के महत्व के बारे में बताया। कार्यक्रम में कई खेल आयोजित किए गए और सामूहिक नृत्य भी हुआ। ऋतु अरोड़ा, शालिनी, नेहा टंडन और रिद्धि ने नृत्य प्रस्तुत किया।  

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