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राहतः बीएचयू अस्पताल में हड़ताल खत्म, चौथे दिन काम पर लौटे जूनियर डॉक्टर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sat, 07 Apr 2018 07:48 PM IST
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मरीजों की लगी भीड़
- फोटो : अमर उजाला
बीएचयू के सर सुंदर लाल अस्पताल में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल चौथे दिन दोपहर में खत्म हो गई। इसके बाद ओपीडी में इलाज कराने आए मरीजों को राहत हुई। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक की ओर से छात्रों के खिलाफ लंका थाने में दी गई तहरीर पर मुकदमा दर्ज होने के बाद डॉक्टर सशर्त काम पर वापस लौटे।
इसके लिए उन्होंने अधीक्षक को पत्र लिखकर इसकी सूचना दी है। साथ ही हड़ताल के दौरान अपनी उपस्थिति लगवाने की बात कही है, जिससे कि कोई परेशानी न हो।
मंगलवार को सर्जरी विभाग की ओपीडी में इलाज कराने गए शास्त्री तृतीय वर्ष के छात्र आकाश मिश्रा की जूनियर डॉक्टरों ने पिटाई कर दी थी। इससे उसका सिर फट गया था। मामले में आकाश की तहरीर पर लंका पुलिस ने अज्ञात डॉक्टरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था।
इधर बुधवार से ही डॉक्टर ओपीडी सेवा ठप कर हड़ताल पर चल रहे थे। इस दौरान उनकी कई बार कुलपति और अधिकारियों से बात हुई लेकिन वह मुकदमा दर्ज होने का प्रमाण मिलने पर हड़ताल खत्म करने की मांग पर अड़े रहे।
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शनिवार को डॉक्टरों ने डॉक्टर्स लाउंज में प्रेसकांफ्रेंस कर हड़ताल खत्म करने की घोषणा की। बताया कि चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ओपी उपाध्याय की ओर से दी गई तहरीर पर मुकदमा दर्ज होने के बाद ही हड़ताल वापस लिया।
इसकी कॉपी कुलपति, आईएमएस निदेशक, चीफ प्रॉक्टर, डीन, लंका एसओ को भी दी गई है। कहा कि हमारी बिंदुवार मांगों पर कार्रवाई होने के साथ ही किसी तरह की अनुपस्थिति न किए जाने का आश्वासन दिया गया है, तभी हड़ताल वापस लिया।
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इसके लिए उन्होंने अधीक्षक को पत्र लिखकर इसकी सूचना दी है। साथ ही हड़ताल के दौरान अपनी उपस्थिति लगवाने की बात कही है, जिससे कि कोई परेशानी न हो।
मंगलवार को सर्जरी विभाग की ओपीडी में इलाज कराने गए शास्त्री तृतीय वर्ष के छात्र आकाश मिश्रा की जूनियर डॉक्टरों ने पिटाई कर दी थी। इससे उसका सिर फट गया था। मामले में आकाश की तहरीर पर लंका पुलिस ने अज्ञात डॉक्टरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था।
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इधर बुधवार से ही डॉक्टर ओपीडी सेवा ठप कर हड़ताल पर चल रहे थे। इस दौरान उनकी कई बार कुलपति और अधिकारियों से बात हुई लेकिन वह मुकदमा दर्ज होने का प्रमाण मिलने पर हड़ताल खत्म करने की मांग पर अड़े रहे।
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शनिवार को डॉक्टरों ने डॉक्टर्स लाउंज में प्रेसकांफ्रेंस कर हड़ताल खत्म करने की घोषणा की। बताया कि चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ओपी उपाध्याय की ओर से दी गई तहरीर पर मुकदमा दर्ज होने के बाद ही हड़ताल वापस लिया।
इसकी कॉपी कुलपति, आईएमएस निदेशक, चीफ प्रॉक्टर, डीन, लंका एसओ को भी दी गई है। कहा कि हमारी बिंदुवार मांगों पर कार्रवाई होने के साथ ही किसी तरह की अनुपस्थिति न किए जाने का आश्वासन दिया गया है, तभी हड़ताल वापस लिया।
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जूनियर डॉक्टरों ने मांगी मरीजों से माफी
अस्पताल परिसर में इंतजार करते लोग
- फोटो : अमर उजाला
हड़ताल पर रहने वाले जूनियर डॉक्टरों ने तीन दिन तक काम ठप करने की वजह से मरीजों को हुई परेशानी के लिए उनसे माफी मांगी है। डॉक्टर्स लाउंज में हुई प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि इस घटना के बाद से अपनी मांग मनवाने के लिए इसके अलावा और कोई विकल्प बचा नहीं था। मजबूरी में हड़ताल करना पड़ा।
पहले अस्पताल प्रशासन को 24 घंटे का समय दिया गया था, जब कार्रवाई नहीं हुई तब जाकर ये कदम उठाना पड़ा। अस्पताल के जूनियर डॉक्टर भले ही सुबह 11.30 बजे हड़ताल से वापस आ गए हो लेकिन ओपीडी में शनिवार को भी सन्नाटे जैसा माहौल रहा।
इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सर्जरी विभाग से लेकर न्यूरोलॉजी, टीबी-चेस्ट रोग, इंडोक्रोनालॉजी आदि विभागों की ओपीडी के पास की कुर्सिया खाली रही। इसके अलावा दोपहर बाद जांच केंद्र पर भी मरीजों की संख्या कम ही दिखी।
कुलपति प्रो.राकेश भटनागर का कहना है कि बातचीत के बाद जूनियर डॉक्टरों की मांगें मान ली गई। इसके बाद उन्होंने अपना हड़ताल वापस ले लिया। आईएमएस के निदेशक, अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक को इस तरह की समस्याओं का समाधान कराने को कहा गया है, जिससे कि मरीजों को किसी तरह की असुविधा न हो।
पहले अस्पताल प्रशासन को 24 घंटे का समय दिया गया था, जब कार्रवाई नहीं हुई तब जाकर ये कदम उठाना पड़ा। अस्पताल के जूनियर डॉक्टर भले ही सुबह 11.30 बजे हड़ताल से वापस आ गए हो लेकिन ओपीडी में शनिवार को भी सन्नाटे जैसा माहौल रहा।
इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सर्जरी विभाग से लेकर न्यूरोलॉजी, टीबी-चेस्ट रोग, इंडोक्रोनालॉजी आदि विभागों की ओपीडी के पास की कुर्सिया खाली रही। इसके अलावा दोपहर बाद जांच केंद्र पर भी मरीजों की संख्या कम ही दिखी।
कुलपति प्रो.राकेश भटनागर का कहना है कि बातचीत के बाद जूनियर डॉक्टरों की मांगें मान ली गई। इसके बाद उन्होंने अपना हड़ताल वापस ले लिया। आईएमएस के निदेशक, अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक को इस तरह की समस्याओं का समाधान कराने को कहा गया है, जिससे कि मरीजों को किसी तरह की असुविधा न हो।
एमएस और छात्र के बीच बातचीत का आडियो वॉयरल
डॉक्टर को दिखाने के लिए लाइन में लगे लोग
- फोटो : अमर उजाला
अस्पताल में चल रही हड़ताल के बीच एमएस और छात्र के बीच बातचीत का एक आडियो बड़ी तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। आरोप है कि इसमें एमएस डॉ.ओपी उपाध्याय की आवाज में बीएचयू के एक पूर्व छात्र को देख लेने की धमकी दी जा रही हे।
इसमें एक भाजपा के एक स्थानीय नेता के साथ ही कई लोगों का नाम भी लिया गया है। इसका ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद से एमएस के पास फोन आने शुरू हो गए और हर कोई इसकी सत्यता पूछने लगा।
हालांकि इस बारे में पूछे जाने पर डॉ. उपाध्याय ने ऐसे किसी भी बातचीत और आडियो वायरल होने से इन्कार किया है। कहा कि कुछ लोग उनकी साफ सुथरी छवि को धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने किसी को धमकी नहीं दी है।
इसमें एक भाजपा के एक स्थानीय नेता के साथ ही कई लोगों का नाम भी लिया गया है। इसका ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद से एमएस के पास फोन आने शुरू हो गए और हर कोई इसकी सत्यता पूछने लगा।
हालांकि इस बारे में पूछे जाने पर डॉ. उपाध्याय ने ऐसे किसी भी बातचीत और आडियो वायरल होने से इन्कार किया है। कहा कि कुछ लोग उनकी साफ सुथरी छवि को धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने किसी को धमकी नहीं दी है।