आईएसआई एजेंट गिरफ्तार: सेना से रिटायर्ड ताऊ बोले- गोली मार दो उसे हमारा नहीं कोई संबंध
राशिद अहमद की गिरफ्तारी की सूचना छित्तूपुर स्थित उसके पिता के परिजनों को मिली तो सभी अवाक रह गए। बीएचयू प्राक्टोरियल बोर्ड में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करने वाले सेना से 2008 में सेवानिवृत्त राशिद के ताऊ मोहम्मद सलीम ने कहा कि भतीजा देशद्रोही हो गया है। उसे सरकार को गोली मार देनी चाहिए। सेना में रहते हुए यह मौका मुझे मिला होता तो मैं ही उसे गोली मार देता। सरकार मेरी भी जांच करा सकती है, ऐसे देशद्रोही भतीजे से मेरा कोई संबंध नहीं है।
राशिद की मां शहजादी का निकाह छित्तूपुर स्थित मस्जिद के पास रहने वाले इदरीश अहमद के साथ हुआ था। दोनों में तलाक हो गया तो इदरीश ने फिर शादी कर ली। बीते 15 साल से शाहजादी चौरहट पड़ाव स्थित अपने मायके में रह रही है। टेलर का काम करने वाले इदरीश बीते एक साल से दूसरी पत्नी की बेटी के पास मुंबई में हैं।
मोहल्ले के लोगों ने बताया कि करीब चार माह पहले राशिद छित्तूपुर आया था। राशिद जब अपने पिता के घर आता था तो दो-चार दिन रुकता था। इस दौरान वह हमेशा पैसे और धर्म के लिए लड़ने की बात करता था। लोग उससे कुछ और बात करने को कहते तो वह नाराज हो जाता था। मोहल्ले के लोग भी हैरान थे कि आखिरकार राशिद आईएसआई के एजेंट्स के झांसे में आकर राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में कैसे संलिप्त हो गया।
दोस्त के पेटीएम एकाउंट में मंगवाए रुपये
राशिद ने आईएसआई एजेंट्स से जुलाई 2019 में अपने एक दोस्त के पेटीएम एकाउंट में पांच हजार रुपये मंगवाए थे। इसके बाद ये रुपये अपनी मां के खाते में ट्रांसफर कर एटीएम से निकाले थे। जांच कर रही एटीएस की टीम राशिद के उस दोस्त से भी पूछताछ कर रही है कि आखिरकार उससे क्या कह कर पाकिस्तान से रुपये मंगवाए गए थे। राशिद के पासपोर्ट और पुराने वीजा की भी जांच की जा रही है। राशिद कब-कब पाकिस्तान गया, इसका ब्योरा जुटाया गया है। वहीं, भारतीय सिम की मदद से आईएसआई एजेंट्स ने जिन व्हाट्स ग्रुप में राशिद को जोड़ा था, उनकी भी पड़ताल की जा रही है।
गणतंत्र दिवस के मद्देनजर जारी हाई अलर्ट के बीच बड़ी सफलता
गणतंत्र दिवस के मद्देनजर शीर्ष सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों ने अतिरिक्त सतर्कता बरतने की चेतावनी स्थानीय पुलिस और प्रशासन को दी है। इससे पहले राशिद की गिरफ्तारी एटीएस के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार राशिद की गिरफ्तारी के बाद उससे जुड़े लोगों को चिह्नित कर कार्रवाई करने में आसानी होगी।
इन सवालों के जवाब चाहिए एटीएस को
- कितने स्थानों और सैन्य अड्डों की रेकी कर फोटो/वीडियो पाकिस्तान भेजे गए।
- कितनी बार फोटो/वीडियो भेजने के बदले रुपये और गिफ्ट मिले।
- किस स्थान और सैन्य अड्डों की फोटो/वीडियो भेजने के लिए आईएसआई एजेंट्स ने कहा था।
- इस काम में कितने और लोग शामिल हैं। कितने लोगों ने मदद की या मदद करने की पेशकश की।
- आईएसआई एजेंट्स ने भारत में किससे मिलने के लिए कहा था और किन व्हाट्स एप ग्रुप से जोड़ा था।