लेक्चरर से आईपीएस बने हैं अमित, जानें वाराणसी के नए एसएसपी के बारे में
उत्तर प्रदेश की सरकार ने आईपीएस अमित पाठक को वाराणसी के नए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के तौर पर तैनात किया है। अमित पाठक का नाम उत्तर भारत के तेजतर्रार आईपीएस अफसरों में शुमार किया जाता है।
उन्नाव में 22 जनवरी 1979 को जन्मे अमित पाठक केमेस्ट्री से एमएससी हैं। यूजीसी नेट क्वालीफाई कर वह कानपुर विश्वविद्यालय में ऑर्गेनिक केमेस्ट्री के लेक्चरर नियुक्त हुए थे। वर्ष 2007 में आईपीएस चयनित होने के बाद बेहतर पुलिसिंग की बदौलत अमित पाठक हमेशा सुर्खियों में रहे।
एसटीएफ में तीन साल के कार्यकाल के दौरान अमित पाठक ने कई सनसनीखेज घटनाओं का खुलासा किया था। इनमें सोशल मीडिया में 3700 करोड़ रुपये के घोटाले का पर्दाफाश कर उन्होंने आरोपियों को गिरफ्तार किया था और उनसे 650 करोड़ रुपये की बरामदगी की थी। इसे इतिहास की अब तक की सबसे बड़ी बरामदगी माना गया है। इसके अलावा पेट्रोल पंपों पर घटतौली और चिप के मामले का भी उन्होंने खुलासा किया था।
बिहार के चर्चित डॉक्टर दंपती अपहरण कांड का पर्दाफाश भी अमित पाठक की उपलब्धि में शामिल है। एसटीएफ ने अमित के नेतृत्व में डॉक्टर दंपती को सकुशल बरामद किया था। इसके अलावा बिजनौर में एनआइए अधिकारी तंजील अहमद और उनकी पत्नी की हत्या का पर्दाफाश भी शामिल है। हत्यारोपी मुनीर को गिरफ्तार कर अमित पाठक ने भेल भेजा था। इसके साथ ही अमित पाठक जिस भी जिले में तैनात रहते हैं वहां की यातायात व्यवस्था को सुधारने और भ्रष्टाचार में लिप्त पुलिसकर्मियों को पकड़ने के लिए अक्सर साइकिल और बाइक से ही अकेले निकल पड़ते हैं।