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जर्मनी में भारतीय डिजाइनों का जलवा, भदोही के स्टर्लिंग रग्स को मिला अवार्ड

Mon, 16 Jan 2017 08:25 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी Updated Mon, 16 Jan 2017 08:25 PM IST
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indian carpet designer get award in domotex award 2017
इसी सुपर मून डिजायन को मिला सर्वश्रेष्ठ डिजाइन का पुरस्कार - फोटो : twitter
जर्मनी के हनोवर शहर  में डोमोटेक्स-2017 में भारत के दो कालीन डिजाइनों ने जलवा बिखेर दिया है। विश्व की बेहतरीन डिजाइन श्रेणियों में दिए जाने वाले आठ में से दो अवार्ड भारतीय कालीन निर्यातकों ने प्राप्त किया। सर्वश्रेष्ठ मॉडर्न डिजाइन सुपीरियर श्रेणी में भदोही के नईबाजार की स्टर्लिंग रग्स को जबकि सर्वश्रेष्ठ मॉडर्न कलेक्शन श्रेणी में जयपुर की जयपुर रग्स को मिले हैं।
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रविवार रात 10 बजे जब सम्मान समारोह में भारतीय निर्यातकों ने पुरस्कार प्राप्त किए तो वहां मौजूद भारतीयों का सिर गर्व से ऊंचा हो गया।   जर्मनी का हनोवर शहर हर साल जनवरी में विश्व के सबसे बड़े टेक्सटाइल मेले का साक्षी बनता है।
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इस फेयर में हर साल 60 देशों के 1450 प्रदर्शक अपने उत्पादों का प्रदर्शन करने आते हैं। 12 वर्ष पूर्व डोमोटेक्स प्रबंधन ने कालीन डिजाइन अवार्डों की शुरुआत की थी, जिसका 12वां संस्करण रविवार  रात भव्य समारोह में जारी हुआ।
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आठ श्रेणियों में मिलने वाले आठ पुरस्कारों के लिए 21 देशों के 386 कालीन निर्माताओं ने अपने अपने उत्कृष्ट डिजाइनों का नामांकन किया था। इनमें से ज्यूरी के सदस्यों ने 24 डिजाइनों (प्रत्येक श्रेणी में तीन) को नामित किया था, जिसमें छह भारतीय कालीनों को जगह मिली थी। नईबाजार (भदोही) की स्टर्लिंग रग्स के लिए वहां मौजूद नुमान वजीरी ने पुरस्कार ग्रहण किया।      
भारतीय कालीन प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईसीटी) के निदेशक, प्रो.केके गोस्वामी ने कहा कि यह बड़े गर्व की बात है। वजीरी फैमिली केवल नईबाजार या भदोही जनपद के लिए नहीं बल्कि देश के सभी कालीन निर्माताओं और निर्यातकों का सर ऊंचा हुआ है।  
जिस सुपर मून डिजाइन के लिए नुमान वजीरी को सर्वश्रेष्ठ डिजाइन का पुरस्कार मिला है उसे तैयार करने में तीन महीने का समय लगा।
पूरे कालीन में केवल ऊन और सिल्क का इस्तेमाल किया गया है। नुमान वजीरी के पिता अखिल भारतीय कालीन निर्माता संघ (एकमा) के पूर्व मानद सचिव, अरशद वजीरी बताते हैं कि इस डिजाइन को अकेले नुमान ने ही तैयार किया।

इसमें घर के किसी सदस्य का कोई दखल नहीं था। उधर नुमान ने जर्मनी उक्त कालीन की कीमत पूछे जाने पर नुमान ने कहा कि अब उसकी कीमत मत पूछिए क्योंकि वह मेरे लिए अनमोल हो गया है।   
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