Gyanvapi: कार्बन डेटिंग की मांग करना, पैर पर कुल्हाड़ी मारने जैसा; जितेंद्र बिसेन बोले- अब अकेले लड़ेंगी राखी
हिंदू पक्ष की ओर से दायर याचिका के चलते माहौल गरम है। मुकदमे की पांच वादी महिलाओं में से एक राखी सिंह के पैरोकार ने कार्बन डेटिंग न कराने की मांग उठाई है। उन्होंने अब कहा कि शिवलिंग की कार्बन डेटिंग की मांग करना खुद के पैर पर कुल्हाड़ी मारने जैसा है।
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वाराणसी के बहुचर्चित ज्ञानवापी श्रृंगार गौरी मामले में अधिवक्ता आयुक्त के सर्वें में सामने आए शिवलिंग की कार्बन डेटिंग के मुद्दे पर हिंदू पक्ष में रार बढ़ती ही जा रही है। मुकदमे की पांच वादी महिलाओं में से एक राखी सिंह के पैरोकार विश्व बौद्धिक सनातन संघ के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह बिसेन ने सोमवार को इस मामले में बड़ा बयान दिया।
उन्होंने कहा कि कार्बन डेटिंग की मांग करने वाली वादी महिलाएं सीता साहू, मंजू व्यास, रेखा पाठक और लक्ष्मी देवी संख्या में अधिक हैं। हमारा पक्ष संख्या में कम है। अदालत आपकी बात जरूर मानेगी। इस बात को ध्यान में रखते हुए आप लोग अदालत में आवेदन देकर अपने मुकदमे को सेपरेट करवा लें। यानी चार महिलाओं का मुकदमा अलग और राखी सिंह का मुकदमा अलग हो जाए। इसके बाद हम सभी स्वतंत्र होकर अपने-अपने लक्ष्य की ओर बढ़ पाएंगे।
आपसी मतभेद के कारण लक्ष्य से भटक रहे
सनातन संघ के अध्यक्ष ने कहा कि इस मुकदमे को हम सभी ने साथ मिलकर कोर्ट में फाइल किया था। अब आपसी मतभेद और एक दूसरे से तालमेल ना बैठने के कारण उपरोक्त मुकदमे को अपने लक्ष्य तक पहुंचने में बाधा आ रही है। हमारा आपसी मतभेद संपूर्ण सनातन समाज की भावनाओं को आहत कर रहा है। आप लोगों ने बिना विचार किए गैरजरूरत बयानबाजी की।
अभी तक तो मुकदमे से संबंधित सब कुछ ठीक चल रहा था। लेकिन आप लोगों के द्वारा भगवान आदि विश्वेश्वर स्वयंभू ज्योतिर्लिंग की कार्बन डेटिंग की मांग करना अपने ही पैरों पर कुल्हाड़ी मारने जैसा है। कार्बन डेटिंग या अन्य किसी प्रकार की वैज्ञानिक जांच यदि करवानी ही थी तो बाकी पूरे परिसर की करवानी चाहिए थी।
जिसमें हमारा पूरा सहयोग और समर्थन आप सभी को मिलता। लेकिन आप लोगों ने शिवलिंग की आयु, आकृति और प्रकृति इत्यादि के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए पवित्र शिवलिंग की कार्बन डेटिंग की मांग की। यह हमारी दृष्टि में उचित नहीं है।
यही कारण है कि हम लोगों ने इसका न्यायालय में विरोध किया है। आप लोगों ने बिना हम लोगों से इस विषय में विचार विमर्श किए आवेश में आकर और मीडिया में छाए रहने के लिए यह निंदनीय कार्य किया है। यदि इसी प्रकार एक दूसरे के मतभेद के साथ न्यायिक प्रक्रिया में हम लोग न्यायालय में कार्य करेंगे तो शायद उस पवित्र उद्देश्य की प्राप्ति हम लोगों के लिए असंभव हो सकती हैं।
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शिवलिंग की कार्बन डेटिंग होगी या नहीं, 7 अक्तूबर को फैसला
ज्ञानवापी सर्वे में मिले शिवलिंग की कार्बन डेटिंग होगी या नहीं, इस पर कोर्ट का आदेश सात अक्तूबर को आएगा। इस मामले में बीते गुरुवार को सुनवाई पूरी होने के बाद आदेश के लिए जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने सात अक्तूबर की तारीख नियत की है।