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Gyanvapi Case: ज्ञानवापी के सील वजूखाना का 3 पंप लगाकर निकाला गया पानी, मुस्लिम पक्ष को सौंपी गईं मछलियां

Sat, 20 Jan 2024 01:00 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी Published by: शाहरुख खान Updated Sat, 20 Jan 2024 01:00 PM IST
सार

कड़ी सुरक्षा के बीच ज्ञानवापी परिसर स्थित सील वजूखाने की सफाई चल रही है। श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में जाने वाले सामानों की सघन चेकिंग की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार वजूखाने की सफाई का काम दो से ढाई घंटे में पूरा कर लिया जाएगा।

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Gyanvapi Masjid Case Varanasi News: Cleaning of Sealed Wazukhana Tank in Gyanvapi
Gyanvapi case - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट के आदेश से शनिवार की सुबह ज्ञानवापी परिसर स्थित सील वजूखाने की सफाई कराई गई। जिलाधिकारी एस. राजलिंगम की देखरेख में 2 घंटे 35 मिनट तक सफाई चली। तीन फायर पंप की मदद से गंदा पानी बाहर निकाला गया। सफाई के दौरान 110 मछलियां मिली हैं। 40 जिंदा मछलियां अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी के संयुक्त सचिव एसएम यासीन को सौंप दी गईं। 70 मृत मछलियों को अलग करवा दिया गया। बाद में डीएम की देखरेख में वजूखाने को फिर सील कर दिया गया।
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ज्ञानवापी स्थित वजूखाना की सफाई के लिए नगर निगम के 26 सफाई कर्मी, जलकल विभाग और अग्निशमन विभाग की टीम सुबह 8:30 बजे काशी विश्वनाथ धाम के गेट नंबर चार के बाहर पहुंची। चेकिंग के बाद सबको प्रवेश दिया गया। मां शृंगार गौरी केस के वादी पक्ष और मसाजिद कमेटी के दो-दो प्रतिनिधि भी अंदर गए। अधिकारियों ने बताया कि सुबह 9:15 बजे से सफाई शुरू हुई, जो 11.50 बजे तक चली। 
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सबसे पहले वजूखाने से मृत और जिंदा मछलियां बाहर निकाली गईं। इसके बाद अग्निशमन विभाग के तीन फायर पंप से वजूखाने का पानी निकाला गया। फिर, विश्वनाथ धाम की प्रेशर पंप मशीन से वजूखाने की काई और गंदगी साफ की गई। काई और गंदगी साफ करने के बाद वजूखाने में पोंछा लगाया गया। ब्लीचिंग पाउडर और चूने का छिड़काव कराया गया। इस दौरान पुलिस आयुक्त मुथा अशोक जैन और जिलाधिकारी एस. राजलिंगम के साथ ही पुलिस-प्रशासन और विश्वनाथ धाम के आला अफसर मौजूद रहे।
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दर्शनार्थियों को शृंगार गौरी के रास्ते भेजा गया

वजूखाने की सफाई के दौरान गेट नंबर चार से बाबा विश्वनाथ के दर्शन-पूजन की व्यवस्था में बदलाव किया गया था। ज्ञानवापी की तरफ से दर्शनार्थियों को बाबा विश्वनाथ के गर्भ गृह की तरफ नहीं जाने दिया गया। वहीं, जिन श्रद्धालुओं के पास सुगम दर्शन का टिकट था या फिर जिनका प्रोटोकॉल लगा हुआ था, उन्हें प्रोटोकॉल ऑफिस से मां शृंगार गौरी वाले रास्ते से बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए भेजा गया।

बदबू इतनी कि नाक पर रूमाल रखना भी काम नहीं आ रहा था
हिंदू पक्ष के अधिवक्ता सुधीर त्रिपाठी ने बताया कि वजूखाने में गंदगी और मृत मछलियों के कारण बहुत ज्यादा दुर्गंध थी। मॉस्क, मफलर और रूमाल भी काम नहीं कर रहा था। सफाई के बाद स्थिति में सुधार आया। उन्होंने बताया कि वजूखाने में मिले शिवलिंग के अरघे में पानी की सप्लाई वाले कनेक्शन को प्लंबर बुलाकर कटवा दिया गया। वजूखाने की दो टंकियां हैं, उनमें पानी न जाने पाए, यह व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। सारा काम दोनों पक्षों की सहमति से शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ है।

मछलियों को किसी मस्जिद के हौज में डलवाएंगे
मसाजिद कमेटी के संयुक्त सचिव एसएम यासीन ने बताया कि ज्ञानवापी में जिंदा मिली मछलियों को किसी मस्जिद के हौज में डलवाएंगे। फिलहाल, उन्हें पर्याप्त पानी में सुरक्षा के साथ रखा गया है। पुलिस और प्रशासनिक अफसरों की मौजूदगी में शांतिपूर्ण तरीके से वजूखाने की सफाई का काम संपन्न हुआ है।

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