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राज्यपाल बोले, विश्वविद्यालयों में नहीं चलेगी मनमानी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 20 Dec 2014 01:56 AM IST
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वाराणसी। सूबे के राज्यपाल रामनाईक ने कहा कि यूपी के विश्वविद्यालयों की कार्य प्रणाली में सुधार के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे। अब मनमानी नहीं चलने दी जाएगी। समय से दाखिले होंगे और परीक्षाओं के परिणाम सभी समय से जारी किए जाएंगे। इसके लिए प्रदेश के सभी 21 विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और
कुलसचिवों की जनवरी के पहले हफ्ते में राजभवन में बैठक होगी। वह शुक्रवार को संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में बोल रहे थे। दीक्षांत में दो घंटे विलंब से अपराह्न करीब एक बजे पहुंचे राज्यपाल ने मेधावियों को स्वर्ण पदक वितरित करने के बाद कहा कि
प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों की स्थिति में सुधार लाने और उच्च शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। छात्र-छात्राओं के प्रवेश और परीक्षाएं समय से हों तथा परीक्षाफल भी समय से आएं, इसकी तैयारी की जा रही है। जिन विश्वविद्यालयों में अभी दीक्षांत नहीं हो सके हैं, उनसे
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समय तय करने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिलाने का प्रयास किया जाएगा। महामहिम ने मेधावियों को आदर्श समाज की रचना का संकल्प दिलाया और सीख दी कि वो आसमान में उड़ने की स्पर्धा के लिए तैयार रहें।
उन्होंने आगे बढ़ने के चार सूत्र भी बताए। कहा कि हमेशा हंसते रहो, अच्छे कार्यों को अपनाओ, अच्छा करने की कोशिश करो और किसी की अवमानना मत करो। कहा कि योग हमारी पूंजी है। इसे अपनाकर दुनिया के सामने हम सृजनात्मक महाशक्ति के रूप में खड़े हो सकते हैं।
एमजेएमसी की मिली मान्यता
वाराणसी। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में अगले शैक्षणिक सत्र से एमजेएमसी की पढ़ाई होगी। राजभवन में कार्य परिषद के इस प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। दरअसल राज्यपाल अपने संबोधन के दौरान यह जानकारी देना भूल गए थे। बहुद्देश्यीय भवन के लोकार्पण के समय कुलपति डॉ. पी नाग ने जब उन्हें याद दिलाया तब उन्होंने यह जानकारी दी।
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कुलसचिवों की जनवरी के पहले हफ्ते में राजभवन में बैठक होगी। वह शुक्रवार को संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में बोल रहे थे। दीक्षांत में दो घंटे विलंब से अपराह्न करीब एक बजे पहुंचे राज्यपाल ने मेधावियों को स्वर्ण पदक वितरित करने के बाद कहा कि
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प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों की स्थिति में सुधार लाने और उच्च शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। छात्र-छात्राओं के प्रवेश और परीक्षाएं समय से हों तथा परीक्षाफल भी समय से आएं, इसकी तैयारी की जा रही है। जिन विश्वविद्यालयों में अभी दीक्षांत नहीं हो सके हैं, उनसे
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समय तय करने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिलाने का प्रयास किया जाएगा। महामहिम ने मेधावियों को आदर्श समाज की रचना का संकल्प दिलाया और सीख दी कि वो आसमान में उड़ने की स्पर्धा के लिए तैयार रहें।
उन्होंने आगे बढ़ने के चार सूत्र भी बताए। कहा कि हमेशा हंसते रहो, अच्छे कार्यों को अपनाओ, अच्छा करने की कोशिश करो और किसी की अवमानना मत करो। कहा कि योग हमारी पूंजी है। इसे अपनाकर दुनिया के सामने हम सृजनात्मक महाशक्ति के रूप में खड़े हो सकते हैं।
एमजेएमसी की मिली मान्यता
वाराणसी। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में अगले शैक्षणिक सत्र से एमजेएमसी की पढ़ाई होगी। राजभवन में कार्य परिषद के इस प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। दरअसल राज्यपाल अपने संबोधन के दौरान यह जानकारी देना भूल गए थे। बहुद्देश्यीय भवन के लोकार्पण के समय कुलपति डॉ. पी नाग ने जब उन्हें याद दिलाया तब उन्होंने यह जानकारी दी।