{"_id":"60a90d7d8ebc3e719e5fa52d","slug":"former-vice-chancellor-of-bhu-prof-yc-simhadri-death-will-be-remembered-as-a-strict-administrator","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"बीएचयू के पूर्व कुलपति प्रो.वाईसी सिम्हाद्री का निधन, कड़े प्रशासक के रूप में किए जाएंगे याद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीएचयू के पूर्व कुलपति प्रो.वाईसी सिम्हाद्री का निधन, कड़े प्रशासक के रूप में किए जाएंगे याद
Sat, 22 May 2021 07:26 PM IST
उत्पल कांत
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Published by: उत्पल कांत
Updated Sat, 22 May 2021 07:26 PM IST
सार
काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के कुलपति रहे प्रो. वाईसी सिम्हाद्री का निधन हो गया है। बीएचयू में 31 अगस्त 1998 से 20 फरवरी 2002 तक सिम्हाद्री ने कुलपति के रूप में सेवा दी।
विज्ञापन
पूर्व कुलपति प्रोफेसर वाईसी सिम्हाद्री
- फोटो : social media
विस्तार
काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के पूर्व कुलपति प्रोफेसर वाईसी सिम्हाद्री (79) का शनिवार को विशाखापट्टनम के निजी अस्पताल में दिल का दौरा पड़ने से शनिवार सुबह निधन हो गया। पिछले दिनों कोरोना को मात देने के बाद वह निमोनिया से पीड़ित थे। बीएचयू से जुड़े अधिकारियों, शिक्षकों ने उनको श्रद्धांजलि दी।
विज्ञापन
विश्वविद्यालय में 31 अगस्त 1998 से 20 फरवरी 2002 तक सिम्हाद्री ने कुलपति के रूप में सेवा दी। उनके कार्यकाल को लोग कड़े फैसले लेने वाले प्रशासक के रूप में याद करते हैं। अराजकता मुक्त कैंपस और विश्वविद्यालय को आगे बढ़ाने की दिशा में उनके योगदान की लोग सराहना करते हैं।
विज्ञापन
बीएचयू के अलावा प्रो. सिम्हाद्री पटना विश्वविद्यालय, आंध्रा विश्वविद्यालय, आचार्य नागार्जुन विश्वविद्यालय के कुलपति भी रहे। इधर, बीएचयू पीआरओ सेल की ओर से शोक संदेश जारी कर श्रद्धांजलि दी गई। इसमें कहा गया है कि विश्वविद्यालय के विकास, विश्वविद्यालय परिवार के कल्याण के लिए प्रो. सिम्हाद्री एक अभिभावक के रूप में याद किए जाएंगे।
विज्ञापन
Trending Videos
बीएचयू के चीफ प्रॉक्टर प्रो.आनंद चौधरी ने कहा कि एक कड़े प्रशासक के रूप में सिम्हाद्री सदैव याद किए जाएंगे। उनके कार्यकाल में आईएमएस बीएचयू में सीनियर रेजिडेंट के रूप में था। परिसर में स्वच्छता की अलख जगाने के साथ ही परिसर को अराजकता मुक्त बनाने में उनका अहम योगदान रहा। - ,