उम्र बहत्तर...युवाओं को दे रहे टक्कर: BHU में फुटबॉल मैच, महामना को हराकर सीर एकादश ने जीता मुकाबला
बीएचयू स्थित बिड़ला मैदान में युवाओं और बुजुर्गों के बीच फुटबाॅल प्रतियोगिता ने दर्शकों को आकर्षित कर दिया। इसमें बुजुर्गों खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। निर्णायक गोल करने वाले 72 साल के ललई सिंह की काफी सराहना हुई।
विस्तार
Football: काशी हिंदू विश्वविद्यालय के बिड़ला मैदान पर युवाओं और बुजुर्ग खिलाड़ियों के बीच मैच खेला गया। सीर एकादश और महामना एकादश के बीच खेले गए मुकाबले में राजेश यादव के दो गोल की मदद से सीर एकादश ने दो गोल से मैच जीत लिया। निर्णायक गोल करने वाले 72 साल के ललई सिंह ने बताया कि उम्र सिर्फ एक नंबर है।
इस पड़ाव पर ललई सिंह और उनकी टीम के खिलाड़ी रोज मैदान पर सुबह साढ़े सात बजे पहुंच जाते हैं। बुजुर्ग और युवाओं के बीच तालमेल इतना है कि दोनों टीम महज 15 मिनट में तैयार होकर मैदान पर उतर जाते हैं।
युवाओं की टीम झारखंड निवासी अमित तो बुजुर्गों की टीम में डॉ. रमेश सिंह टीम के धाकड़ खिलाड़ी हैं। टीमों के खिलाड़ियों को मैदान पर देख लगता है कि 72 साल के बुजुर्ग आज के युवाओं को टक्कर दे रहे हैं।
खेल की शुरुआत एंफीथियेटर से हुई
ललई सिंह ने बताया कि बताया कि फुटबॉल खेलने की शुरुआत 20 साल पहले एंफीथियेटर से हुई। बरेका से लेकर शहर के अलग-अलग हिस्सों से फुटबॉल के जाने माने खिलाड़ी आने लगे। छह सात साल में टीम रोज आने लगी और खिलाड़ियों की संख्या भी बढ़ गई। एक समस्या थी कि रविवार को मैदान बंद रहता था।
रोज दो घंटे करते हैं अभ्यास
मूलरूप से चंदौली के बबूरी निवासी ललई सिंह ने बताया कि रोज दो घंटे मैदान पर अभ्यास करते हैं। 45 मिनट वार्मअप के बाद टीम खेलने उतरती है। मैच में एक-एक गोल के लिए खिलाड़ी संघर्ष करते हैं। कई बार गोल के लिए गर्मागर्मी हो जाती है, लेकिन अगले ही पल सब खेलने पर फोकस करते हैं।
इनकी भी सुनें
फुटबॉल दुनिया में सर्वाधिक देशों में खेला जाता है। राष्ट्रीय फुटबॉल में वाराणसी ने सर्वाधिक खिलाड़ी दिए हैं। यहां फुटबॉल तेजी से उभर रहा है। बेनिया बाग मैदान में पाकिस्तानी टीम आ चुकी है। - राना अनवर सदस्य यूपी फुटबॉल संघ।