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फर्जी पॉवर ऑफ अटॉर्नी मामला: 32 दिन बाद एसडीएम को हुआ था गलती का एहसास, आदेश पर लगाई थी रोक

Wed, 18 Oct 2023 02:18 PM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: किरन रौतेला Updated Wed, 18 Oct 2023 02:18 PM IST
सार

राजातालाब तहसील के तत्कालीन उपजिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार मिश्र के फील्ड बुक पुष्ट करने के आदेश के एक महीने बाद आठ अक्तूबर 2023 को किसान सेवा संरक्षण समिति के अध्यक्ष दिनेश नारायण सिंह ने मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा से इसकी शिकायत की।

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Fake power of attorney case: SDM realized the mistake after 32 days, put a stay on the order
यूनिटेक - फोटो : social media

विस्तार

फर्जी पॉवर ऑफ अटॉर्नी के जरिये बलिया के कमलदेव सिंह के पक्ष में यूनिटेक की अधिसूचित जमीन के सीमांकन का आदेश जारी करने के 32 दिन बाद किसानों की शिकायत के बाद एसडीएम राजातालाब शैलेंद्र कुमार मिश्र को अपनी गलती का एहसास हो गया था। इस बीच किसानों ने मंडलायुक्त और जिलाधिकारी से शिकायत कर दी थी।

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कार्रवाई की भनक लगने पर एसडीएम ने अपने अधीनस्थों से जवाब तलब शुरू किया और 10 अक्तूबर को सीमांकन वाली जमीन पर किसानों की आपत्ति को स्वीकार करते हुए मेड़बंदी की कार्रवाई रोकने का आदेश भी जारी कर दिया था। जिलाधिकारी की ओर से इस प्रकरण पर मांगे गए स्पष्टीकरण में भी एसडीएम ने अपने 10 अक्तूबर के आदेश का हवाला देते हुए जवाब दिया था कि जल्द ही विधि संगत आदेश पारित कर दिया जाएगा।

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राजातालाब तहसील के तत्कालीन उपजिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार मिश्र के फील्ड बुक पुष्ट करने के आदेश के एक महीने बाद आठ अक्तूबर 2023 को किसान सेवा संरक्षण समिति के अध्यक्ष दिनेश नारायण सिंह ने मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा से इसकी शिकायत की। मंडलायुक्त ने जिलाधिकारी से पूरे प्रकरण की जांच कराने की सलाह दी। इस पर जिलाधिकारी ने एसडीएम ने पूरे प्रकरण की आख्या मांगी तो उन्होंने आनन-फानन में 10 अक्तूबर को दिनेश नारायण सिंह की ओर से आए तजबीजसानी (रेस्टोरेशन) आवेदन को स्वीकार करते हुए अपने आदेश पर रोक लगा दी थी।

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10 अक्तूबर को ही राजस्व निरीक्षक को पत्र जारी कर मेड़बंदी की कार्रवाई रोकने के लिए कहा। इसी दिन जिलाधिकारी की ओर से मांगी गई आख्या में कहा कि शासन की ओर से धारा-24 के राजस्व वाद के त्वरित निस्तारण का हवाला दिया था। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व की रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी ने एसडीएम शैलेंद्र कुमार मिश्र को अपर उप जिलाधिकारी सदर पद पर तैनात किया। साथ ही इस प्रकरण में लिप्त कानूनगो महेंद्र सिंह, लेखपाल लक्ष्मण गिरी और पेशकार हेमंत कुमार संत को निलंबित कर दिया है।

 

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यूनिटेक बिल्डर

तहसील परिसर में दिनभर पसार रहा सन्नाटा

तहसील परिसर में मंगलवार को दिनभर सन्नाटा पसरा रहा। अधिवक्ताओं द्वारा पारित किए गए शोकसभा के चलते पूरे दिन उप जिलाधिकारी, तहसीलदार सहित अन्य कोई न्यायालय नहीं चला। लिहाजा तहसील परिसर पहुंचने वाले दूर-दूर गांव से आए वादकारियों को अपने केस में जनरल डेट लेकर लौटना पड़ा।

19 को होगी यूनिटेक के मामले में सुनवाई

मंगलवार को मेसर्स यूनिटेक लिमिटेड बनाम सरकार वाला विवादित मुकदमा भी लगा था। जिसमें उप जिलाधिकारी की ओर से जनरल डेट 20 अक्टूबर दिया गया था। अधिवक्ता आशीष कुमार ने प्रतिवाद करते हुए अगली तारीख 19 अक्तूबर को लिया। उन्होंने उप जिलाधिकारी से उनके चेंबर में मिलकर मामले को निस्तारित करने और फाइल खारिज करने की मांग की। अब उस मामले की सुनवाई 19 अक्तूबर को होगी।

किसान बोले, सुप्रीम कोर्ट तक लड़ी जाएगी लड़ाई

यूनिटेक प्रकरण में राजातालाब तहसील के अधिकारियों-कर्मचारियों तक की गई कार्रवाई को लेकर किसान खुश हैं। मंगलवार को दाउदपुर, ऊंचगांव, घाटमपुर, पिलखनी आदि गांव के किसानों ने किसान संरक्षण समिति के अध्यक्ष दिनेश नारायण सिंह के आवास पर एकत्रित होकर उनका सम्मान और स्वागत किया। किसान हरेंद्र सिंह, दिलीप त्रिपाठी, आशीष राय रिंकू, प्रेम सिंह, जियाराम पटेल आदि ने इसे किसानों की जीत बताई। दिनेश नारायण सिंह का कहना था कि वे किसानों की समस्या को लेकर चिंतित हैं। इसके लिए वे सुप्रीम कोर्ट तक किसानों की लड़ाई लड़ेंगे।

लेखपाल संघ अध्यक्ष ने कहा अभिलेख में कोई छेड़छाड़ नहीं

लेखपाल संघ के जिला अध्यक्ष मानसिंह का कहना है कि राजातालाब तहसील अंतर्गत मौजा दाउदपुर में हाईटेक टाउनशिप के लिए नोटिफाइड यूनीटेक की जमीन के नामांतरण प्रकरण में कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है। बताया कि उन्होंने पूरे मामले का अध्ययन किया है और वह इसकी विस्तृत जानकारी जिलाधिकारी को देंगे। प्रकरण में अभिलेख में किसी प्रकार का नामांतरण की कार्रवाई नहीं हुई है और न ही मौके पर कोई कब्जा परिवर्तन हुआ है।

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