{"_id":"58efe2d04f1c1b9c36cf929f","slug":"entrusted-the-municipal-was-sleeping","type":"story","status":"publish","title_hn":"अतिक्रमण हो रहा, नगर निगम सो रहा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अतिक्रमण हो रहा, नगर निगम सो रहा
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Fri, 14 Apr 2017 02:12 AM IST
विज्ञापन
जाम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर की सड़कों, गलियों, कुंडों, तालाबों पर लगातार हो रहे अतिक्रमण से नगर निगम ने आंखें मूंद ली हैं। नगर निगम और पुलिस की मिलीभगत से सड़कों पर दूकानें सज गई हैं। कब्जेदारों के पैसे के बूते शहर में कई इलाकों में सड़कों से लेकर तालाबों और कुंडों पर बहुमंजिली इमारतें तन गईं। शहर के प्रमुख मार्गो में गिनी जाने वाले मलदहिया-लहुराबीर और लोहटिया-मैदागिन मार्ग पर सड़क किनारे बनी नालियों पर कब्जा कर दूकानें लगाई जाती हैं। लहुराबीर से नई सड़क, अर्दली बाजार, पांडेयपुर, तेलियाबाग, लंका में सड़क पर ठेलों-खोमचे की दूकानें हैं। सड़क किनारे ठेले लगाने से जाम तो लगता ही है। दरअसल, ऊपरी कमाई के लिए सड़कों की पटरियां और गलियां बेच दी गईं हैं। गौरतलब है कि नगर निगम की ओर से सात हजार छोटी-बड़ी दूकानों को लाइसेंस जारी किया गया है लेकिन असल में 15 हजार से अधिक दूकानें बिना लाइसेंस के चल रही हैं। यही नहीं, नगर निगम की सीमा में 160 से अधिक कुंड और तालाब हैं। इसमें 60 से अधिक कुंडों और तालाबों पर इमारतें खड़ी हो गईं हैं। जब रोकने की बारी थी तो नगर निगम ने कुछ नहीं किया। अब कई मामले अदालत में हैं।
प्रदेश के विकास एवं नगर नियोजन राज्यमंत्री सुरेश पासी ने गुरुवार को लखनऊ में वीडीए के अधिकारियों को विकास कार्यों के लिए भूमि का प्रबंध करने का निर्देश दिया। साफ कहा, निजी कंपनियां जैसे किसानों से जमीन ले रही हैं, वैसे ही किसानों की सहमति लेकर भूमि की व्यवस्था होनी चाहिए। ट्रांसपोर्ट नगर योजना, समाजवादी आवास योजना समेत कई बिंदुओं पर विस्तार से मंथन हुआ।
बैठक में वीडीए उपाध्यक्ष पीसी श्रीवास्तव, सचिव एमपी सिंह शामिल हुए। इस दौरान ई-टेंडरिंग को सहमति देने के साथ-साथ सख्त हिदायत दी गई कि जिस प्रापर्टी पर कब्जा हो गया है, उसे हर हाल खाली कराया जाए। भवन निर्माण के लिए मानचित्र की प्रक्रिया को सरल बनाने, निर्माणाधीन अवैध भवनों से शमन शुल्क वसूलने के साथ-साथ वीडीए की ओर से कराए जा रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर ध्यान देने का भी निर्देश दिया गया।
विज्ञापन
मार्निंग वाक करने, मुख्य मार्ग से हटकर सुरक्षित पैदल और साइकल से चलने के लिए बनाए गए साइकल ट्रैक अतिक्रमण की भेंट चढ़ गया। वीडीए ने शहर के दो मार्गों पर 135 लाख रुपये खर्च कर साइकल ट्रैक तैयार कराया है लेकिन अब इस पर दूकानें हैं। उसका इस्तेमाल ऑटो और बाइक मैकेनिक ही नहीं फल बेचने वाले भी कर रहे हैं। आशापुर चौराहे पर तो साइकल ट्रैक पर ही बस स्टैंड बना दिया गया है।
सपा सरकार के निर्देश पर वीडीए ने आशापुर से पचंक्रोशी पर 1250-1250 मीटर लंबी सड़क के दोनों किनारों पर साइकल ट्रैक बनवाया है। इस पर करीब 75 लाख रुपये वीडीए ने खर्च कर दिए मगर इसका लाभ जनता को नहीं मिल रहा है। वीडीए ने यहां अतिक्रमण होने के बावजूद उसे हटवाने की जहमत नहीं उठाई। भोजूबीर से सिंधोरा मार्ग पर भी 900-900 मीटर लंबे ट्रैक पर लगभग 60 लाख रुपये खर्च कर दिए गए। इस मार्ग पर भी कहीं गंदगी है तो कहीं दूकानें सजी हुई हैं।
विज्ञापन
प्रदेश के विकास एवं नगर नियोजन राज्यमंत्री सुरेश पासी ने गुरुवार को लखनऊ में वीडीए के अधिकारियों को विकास कार्यों के लिए भूमि का प्रबंध करने का निर्देश दिया। साफ कहा, निजी कंपनियां जैसे किसानों से जमीन ले रही हैं, वैसे ही किसानों की सहमति लेकर भूमि की व्यवस्था होनी चाहिए। ट्रांसपोर्ट नगर योजना, समाजवादी आवास योजना समेत कई बिंदुओं पर विस्तार से मंथन हुआ।
विज्ञापन
बैठक में वीडीए उपाध्यक्ष पीसी श्रीवास्तव, सचिव एमपी सिंह शामिल हुए। इस दौरान ई-टेंडरिंग को सहमति देने के साथ-साथ सख्त हिदायत दी गई कि जिस प्रापर्टी पर कब्जा हो गया है, उसे हर हाल खाली कराया जाए। भवन निर्माण के लिए मानचित्र की प्रक्रिया को सरल बनाने, निर्माणाधीन अवैध भवनों से शमन शुल्क वसूलने के साथ-साथ वीडीए की ओर से कराए जा रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर ध्यान देने का भी निर्देश दिया गया।
विज्ञापन
मार्निंग वाक करने, मुख्य मार्ग से हटकर सुरक्षित पैदल और साइकल से चलने के लिए बनाए गए साइकल ट्रैक अतिक्रमण की भेंट चढ़ गया। वीडीए ने शहर के दो मार्गों पर 135 लाख रुपये खर्च कर साइकल ट्रैक तैयार कराया है लेकिन अब इस पर दूकानें हैं। उसका इस्तेमाल ऑटो और बाइक मैकेनिक ही नहीं फल बेचने वाले भी कर रहे हैं। आशापुर चौराहे पर तो साइकल ट्रैक पर ही बस स्टैंड बना दिया गया है।
सपा सरकार के निर्देश पर वीडीए ने आशापुर से पचंक्रोशी पर 1250-1250 मीटर लंबी सड़क के दोनों किनारों पर साइकल ट्रैक बनवाया है। इस पर करीब 75 लाख रुपये वीडीए ने खर्च कर दिए मगर इसका लाभ जनता को नहीं मिल रहा है। वीडीए ने यहां अतिक्रमण होने के बावजूद उसे हटवाने की जहमत नहीं उठाई। भोजूबीर से सिंधोरा मार्ग पर भी 900-900 मीटर लंबे ट्रैक पर लगभग 60 लाख रुपये खर्च कर दिए गए। इस मार्ग पर भी कहीं गंदगी है तो कहीं दूकानें सजी हुई हैं।