Electricity Theft: पूर्वांचल में रोजाना बिजली चोरी के 26 मामले आ रहे सामने, फरवरी में 741 चोरी पकड़ी गई
पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड में रोजाना 26 बिजली चोरी के मामले सामने आ रहे हैं। पकड़े जाने पर संबंधित के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।
विस्तार
पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड में प्रतिदिन लगभग 26 लोगों के खिलाफ बिजली चोरी की एफआईआर दर्ज हुई है। फरवरी महीने में 741 बिजली की चोरी पकड़ी गई। साल 2024 में 14,242 लोग बिजली चोरी करते पकड़े गए थे। प्रदेश में बिजली चोरी रोकने और व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए सरकार की तरफ से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। बिजली विभाग की तरफ से एबीसी तार और तार भूमिगत कर बिजली की चोरी रोकी जा रही है। लेकिन इसके बाद भी लोग लगातार बिजली चोरी कर रहे हैं।
28 दिनों में मिर्जापुर में 113, चंदौली में 110, गाजीपुर में 104, बलिया में 84, वाराणसी में 77, मऊ में 74, जौनपुर में 69, आजमगढ़ में 67, सोनभद्र में 60 और भदोही में 50 बिजली चोरी की एफआईआर दर्ज की गई है। पूर्वांचल में बिजली चोरी के लगभग 90 हजार मामले पेंडिंग हैं। इसके निस्तारण के लिए उपभोक्ता कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं।
2 किलोवाट पर सबसे ज्यादा चोरी
बिजली की चोरी सबसे ज्यादा 2 किलोवाट के कनेक्शन पर हो रही है। घरेलू कनेक्शन लेकर उससे ज्यादा बिजली का इस्तेमाल कर रहे है। देखा जाए तो सबसे अधिक 72 मामले चंदौली में है, जबकि सबसे कम 18 मामले मऊ में दर्ज किए गए है। वहीं गाजीपुर में 42, सोनभद्र में 41, जौनपुर में 39, वाराणसी में 38, मिर्जापुर में 34, आजमगढ़ और बलिया में 26-26, भदोही में 25 मामले सामने आए है। पूर्वांचल डिस्काॅम की विजिलेंस टीम सूचना मिलने पर और बिजली चोरी वाले इलाकों में लगातार छापेमारी कर बिजली चोरी रोकने का प्रयास कर रही है।
क्या बोले अधिकारी
पूर्वांचल डिस्कॉम की विजिलेंस टीम लगातार बिजली चोरी करने वालों पर कार्रवाई कर रही है, पहले के मुकाबले अब चोरी की घटना कम हो रही है। कोई भी हमारी टीम की बिजली चोरी की सूचना दे सकता है, सूचना पर कार्रवाई की जाएगी। -समर बहादुर, अपर पुलिस अधीक्षक, पूर्वांचल डिस्कॉम