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Varanasi News: नवरात्र में बढ़ेगा बिजली का लोड, 512 पंडालों को अस्थायी कनेक्शन लेना जरूरी
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हथुआ मार्केट में बन रहा मां दुर्गा का पंडाल । अमर उजाला
वाराणसी। नवरात्र में शहर के 512 पूजा पंडालों में रोशनी और सजावट के लिए बिजली की खपत करीब 700 मेगावाट तक बढ़ेगी। इसके साथ ही घरों और बाजारों में बढ़ी मांग का असर बिजली के कुल लोड पर पड़ेगा। दुर्गा पूजा में बनने वाले पंडालों को बिजली निगम ने अस्थायी कनेक्शन लेना अनिवार्य किया है। लेकिन महज 10 प्रतिशत को छोड़कर 90 प्रतिशत पंडालों ने अस्थायी कनेक्शन के लिए आवेदन नहीं किया है। इससे निगम को भारी नुकसान तो होगा ही, कोई बड़ी दुर्घटना होने पर जवाबदेही भी तय नहीं हो पाएगी।
नवरात्र में शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक बड़ी संख्या में दुर्गा पूजा पंडाल लगाए जा रहे हैं। इन पंडालों में झालर, एलईडी लाइट, साउंड सिस्टम, पंखे और अन्य विद्युत उपकरण लगाए जाएंगे। सामान्य दिनों की तुलना में इनकी वजह से स्थानीय स्तर पर बिजली का अतिरिक्त भार बढ़ता है। एक ही क्षेत्र में कई पंडाल होने पर संबंधित ट्रांसफार्मर और फीडर पर भी अतिरिक्त लोड पड़ सकता है। त्योहारी सीजन में घरों और बाजारों की बिजली खपत बढ़ने के साथ पंडालों की रोशनी भी अतिरिक्त मांग पैदा करेगी। इस दौरान वाराणसी का कुल बिजली लोड 700 मेगावाट तक पहुंचने का अनुमान है। ऐसे में निगम के सामने बढ़े हुए लोड को संभालने के साथ निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने की चुनौती होगी। खासकर उन इलाकों में समस्या बढ़ेगी, जहां पहले से ट्रांसफार्मर और फीडर पर अधिक भार है। यदि पंडालों में अतिरिक्त लोड के लिए अलग से कनेक्शन और उचित लोड स्वीकृत नहीं है तो अचानक बढ़ी खपत स्थानीय विद्युत नेटवर्क को प्रभावित कर सकती है।
अस्थायी कनेक्शन नहीं तो होगी बिजली चोरी
पूजा पंडालों के लिए अस्थायी विद्युत कनेक्शन की व्यवस्था इसलिए महत्वपूर्ण है, ताकि पंडाल में इस्तेमाल होने वाले विद्युत भार का आकलन कर उसी के अनुरूप आपूर्ति की जा सके। यदि घरेलू या किसी अन्य स्थायी कनेक्शन से पंडाल का अतिरिक्त लोड चलाया जा रहा है तो कनेक्शन पर स्वीकृत भार से अधिक खपत का दबाव पड़ सकता है। वहीं, खुले तार, अस्थायी जोड़ या मानक के विपरीत वायरिंग होने पर करंट लगने और आग लगने का खतरा भी बढ़ सकता है।
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एक पंडाल का लोड बढ़ा सकता है पूरे इलाके का दबाव
पंडाल में लगने वाली सजावट की लाइटें देखने में कम बिजली खपत करने वाली लग सकती हैं, लेकिन साउंड सिस्टम, बड़ी संख्या में एलईडी, पंखे और अन्य उपकरण मिलकर लोड बढ़ा देते हैं। एक ही फीडर से कई पंडालों के जुड़े होने पर इसका असर पूरे इलाके की बिजली व्यवस्था पर पड़ सकता है।
वर्जन
बिजली का अनावश्यक लोड न बढ़े इसकेे लिए सभी पंडालों को अस्थायी कनेक्शन लेना अनिवार्य किया गया है। इसके लिए टीम लगाकर जांच भी कराएंगे। - संदीप कुमार, प्रबंध निदेशक, पूविविनिलि
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नवरात्र में शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक बड़ी संख्या में दुर्गा पूजा पंडाल लगाए जा रहे हैं। इन पंडालों में झालर, एलईडी लाइट, साउंड सिस्टम, पंखे और अन्य विद्युत उपकरण लगाए जाएंगे। सामान्य दिनों की तुलना में इनकी वजह से स्थानीय स्तर पर बिजली का अतिरिक्त भार बढ़ता है। एक ही क्षेत्र में कई पंडाल होने पर संबंधित ट्रांसफार्मर और फीडर पर भी अतिरिक्त लोड पड़ सकता है। त्योहारी सीजन में घरों और बाजारों की बिजली खपत बढ़ने के साथ पंडालों की रोशनी भी अतिरिक्त मांग पैदा करेगी। इस दौरान वाराणसी का कुल बिजली लोड 700 मेगावाट तक पहुंचने का अनुमान है। ऐसे में निगम के सामने बढ़े हुए लोड को संभालने के साथ निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने की चुनौती होगी। खासकर उन इलाकों में समस्या बढ़ेगी, जहां पहले से ट्रांसफार्मर और फीडर पर अधिक भार है। यदि पंडालों में अतिरिक्त लोड के लिए अलग से कनेक्शन और उचित लोड स्वीकृत नहीं है तो अचानक बढ़ी खपत स्थानीय विद्युत नेटवर्क को प्रभावित कर सकती है।
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अस्थायी कनेक्शन नहीं तो होगी बिजली चोरी
पूजा पंडालों के लिए अस्थायी विद्युत कनेक्शन की व्यवस्था इसलिए महत्वपूर्ण है, ताकि पंडाल में इस्तेमाल होने वाले विद्युत भार का आकलन कर उसी के अनुरूप आपूर्ति की जा सके। यदि घरेलू या किसी अन्य स्थायी कनेक्शन से पंडाल का अतिरिक्त लोड चलाया जा रहा है तो कनेक्शन पर स्वीकृत भार से अधिक खपत का दबाव पड़ सकता है। वहीं, खुले तार, अस्थायी जोड़ या मानक के विपरीत वायरिंग होने पर करंट लगने और आग लगने का खतरा भी बढ़ सकता है।
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एक पंडाल का लोड बढ़ा सकता है पूरे इलाके का दबाव
पंडाल में लगने वाली सजावट की लाइटें देखने में कम बिजली खपत करने वाली लग सकती हैं, लेकिन साउंड सिस्टम, बड़ी संख्या में एलईडी, पंखे और अन्य उपकरण मिलकर लोड बढ़ा देते हैं। एक ही फीडर से कई पंडालों के जुड़े होने पर इसका असर पूरे इलाके की बिजली व्यवस्था पर पड़ सकता है।
वर्जन
बिजली का अनावश्यक लोड न बढ़े इसकेे लिए सभी पंडालों को अस्थायी कनेक्शन लेना अनिवार्य किया गया है। इसके लिए टीम लगाकर जांच भी कराएंगे। - संदीप कुमार, प्रबंध निदेशक, पूविविनिलि