भदोही में दुर्गा पंडाल में लगी आग: ग्रीन कॉरिडोर बनाकर घायलों को पहुंचाया गया अस्पताल, तीन घंटे तक चीख-पुकार
भदोही- औराई मार्ग पर स्थित दुर्गा पंडाल में भीषण आग ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया। घटना के कारण तीन घंटे तक चीख-पुकार और भगदड़ की स्थिति बनी रही। झुलसे लोगों को पुलिस ने ग्रीन कॉरिडोर बनाकर वाराणसी के अलग-अलग अस्पतालों तक पहुंचाया।
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भदोही के नरथुआं स्थित एकता दुर्गा पंडाल में रविवार की रात करीब आठ बजे आरती के समय आग लग गई। घटना में किशोर समेत दो की मौत हो गई। आग की लपटों से 50 से अधिक झुलस गए। इनमें से 33 को वाराणसी रेफर किया गया। घटना के कारण तीन घंटे तक चीख-पुकार और भगदड़ की स्थिति बनी रही। पंडाल से सीएचसी और निजी अस्पताल तक हर कोई भाग दौड़ लगाता रहा। झुलसे बच्चों और महिलाओं की चीख-पुकार अग्निकांड की भयावहता को दर्शा रही थी।
झुलसे लोगों को पुलिस ने ग्रीन कॉरिडोर बनाकर वाराणसी के अलग-अलग अस्पतालों तक पहुंचाया। इसमें करीब 15 पीड़ितों को बीएचयू ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया, जबकि 20 घायलों को मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा के बर्न वार्ड में लाया गया। बीएचयू अस्पताल की इमरजेंसी में भी डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ की टीम को अलर्ट कर दिया गया।
भदोही में हादसे के बाद वाराणसी में अलर्ट
पूजा पंडाल में आग लगने की जानकारी मिलने के बाद से ही पुलिस और जिला प्रशासन के साथ ही स्वास्थ्य महकमा अलर्ट हो गया। जानकारी मिलने के बाद स्थानीय स्तर पर सीएमओ ने बीएचयू अस्पताल प्रशासन और मंडलीय अस्पताल के एसआईसी से बात कर पीड़ितों के इलाज संबंधी तैयारियां करने का निर्देश दिया।
साथ ही जिले की सीमा से सटे स्वास्थ्य केंद्रों और 108 नंबर की एंबुलेंस सेवा से जुड़े लोगों को भी अलर्ट कर दिया गया। रात करीब सवा 11 बजे तक बीएचयू में करीब 15 पीड़ित पहुंच चुके थे, जहां चिकित्सकों ने इलाज शुरू कर दिया।
उधर मंडलीय अस्पताल तक आने में पीड़ितों को कोई परेशानी न हो, इसके लिए पुलिस ने यहां तक पहुंचने वाले रास्तों पर ग्रीन कॉरिडोर बनाया। पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने बताया कि भदोही की घटना में झुलसे सभी लोगों को ग्रीन कॉरिडोर बनाकर बीएचयू और मंडलीय अस्पताल सुरक्षित पहुंचाया गया। सभी घायलों का इलाज समय पर शुरू हो सके, इसके लिए कमिश्नरेट पुलिस अलर्ट है।
भगदड़ होने से अधिकतर लोग घायल होकर आग की चपेट में आए
भदोही- औराई मार्ग पर स्थित दुर्गा पंडाल में भीषण आग ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया। घटना में आयोजन समिति की बड़ी लापरवाही सामने आ रही है। पंडाल स्थल पर चलने वाले शो में प्रोजेक्टर के माध्यम से धार्मिक कार्यक्रम दिखाए जा रहे थे। गुफानुमा बने स्थल में आने-जाने का सिर्फ एक ही रास्ता है। आग लगने के बाद अंदर भगदड़ मच गई। इससे कई महिलाएं और बच्चे गिर गए। आग तेजी से फैली और उसके चपेट में सभी आ गए।
औराई तहसील क्षेत्र में नरथुआं स्थित पंडाल सबसे आकर्षक बनता है। यहां नवरात्र में धार्मिक शो भी प्रोजैक्टर के माध्यम से दिखाया जाता है। उक्त शो देखने के लिए नरथुआं, उपरौठ, बारीगांव, औराई, घोसिया, भवानीपुर, जेठूपुर, उगापुर, औराई सहित दर्जन भर से अधिक गांव की महिलाएं और बच्चे पहुंचते हैं। रविवार को भी उक्त गुफानुमा स्थल पर 150 से अधिक महिलाएं और बच्चे मौजूद रहे। शार्ट सर्किट से आग लगी तो अंदर भगदड़ मच गई। आने-जाने का एक मात्र गेट होने से बच्चे और महिलाएं अंदर ही गिर गईं। उक्त गुफा फाइबर और प्लास्टिक के पन्नी से बनाई गई थी।
तीन साल पहले भी इसी पंडाल में लगी थी आग
इससे कुछ ही पलों में पूजा पंडाल धू-धू कर जलने लगे। वहां मौजूद लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला और अधिकतर लोग झुलस गए। बताया जाता है कि तीन साल पूर्व भी उक्त पंडाल में आग लगी थी, लेकिन उस दौरान समिति के लोगों ने किसी तरह आग बुझा ली थी। तीन साल पूर्व की हुई घटना के बाद भी अधिकारियों ने न तो वहां की तैयारियां देखी न ही आयोजन समिति की ओर से दी गई व्यवस्था ही जांची जबकि पंडाल में भारी भीड़ उमड़ रही थी। अगर पहले ही पंडाल में आने-जाने की व्यवस्था की गई होती तो घटना इतनी बड़ी नहीं होती।