UP: वाराणसी में अवैध प्लॉटिंग पर नियंत्रण के लिए ड्रोन सर्वे, थ्रीडी GIS मॉडलिंग शुरू; 20 स्टाफ की होगी भर्ती
वाराणसी में अवैध प्लॉटिंग को लेकर वीडीए ने अब कमर कंस ली है। ड्रोन सर्वे और थ्रीडी जीआईएस मॉडलिंग से कब्जेदारों को शिकंजे में लिया जाएगा। उपाध्यक्ष ने बताया कि इस बार सख्त कार्रवाई होगी।
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Varanasi News: वीडीए उपाध्यक्ष पुर्ण बोरा ने बताया कि अवैध प्लॉटिंग पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सभी जोन में ड्रोन सर्वे और थ्रीडी जीआईएस मॉडलिंग से जांच की जा रही है। बृहस्पतिवार को वीडीए सभागार में बैठक की अध्यक्षता कर रहे वीडीए उपाध्यक्ष ने कहा कि सोशल मीडिया और जनसंपर्क माध्यमों से मिली सूचनाओं के आधार पर 200 अवैध प्लॉट्स चिह्नित किए गए हैं। जिन पर जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
कहा कि वीडीए की ओर से विकास, प्रवर्तन कार्यों को और गति दी जाएगी। 20 स्टाफ की भर्ती की जा रही है। 5 एसोसिएट इंजीनियर, 15 फील्ड स्टाफ हैं। सभी प्लॉटर्स/डेवलपर्स जल्द से जल्द अपने-अपने लेआउट को स्वीकृत कराएं।
निर्धारित समयावधि में लेआउट स्वीकृत न कराने की स्थिति में सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिक संख्या में स्वीकृत लेआउट वाले क्षेत्रों में प्राधिकरण की ओर से आधारभूत ढांचे का और बेहतर विकास किया जाएगा। भविष्य में वाराणसी एक सुंदर, सुव्यवस्थित और आधुनिक शहर बनेगा।
सात दिन में ले-आउट की स्वीकृति देगा वीडीए
वीडीए उपाध्यक्ष ने कहा कि प्राधिकरण की ओर से लेआउट की स्वीकृति मात्र 7 दिन में दी जाएगी। स्वीकृत लेआउट पर भवन मानचित्र 48 घंटे में पास होगा। बिना स्वीकृत मानचित्र के भवन निर्माण करने पर बैंक ऋण (होम लोन) नहीं मिलेगा। मानचित्र स्वीकृत कराना प्लॉटर्स और नागरिक दोनों के हित में हैं।
किसी भी समस्या के लिए सीधे वीडीए उपाध्यक्ष से मिले
किसी भी प्रकार की समस्या, सुझाव, जानकारी के लिए आमजन, प्लॉटर्स सुबह 10 से 12 बजे तक वीडीए कार्यालय में उपाध्यक्ष से सीधे मिल सकते हैं। सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 0542-2283305, 7518102822 पर भी संपर्क कर सकते हैं।