दुकान तोड़ने पहुंची नगर निगम की टीम के विरोध में उतरे लोग, हंगामा
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लोगों के विरोध के बाद रात करीब 1 बजे महिलाओं को हिरासत में लेकर दुकानों को तोड़ने का काम शुरू कराया गया। अभी एक दुकान ध्वस्त हुआ था, जबकि दुकानदार एक दिन की मोहलत मांग रहे थे। रात 1.30 बजे निगम अधिकारियों ने बुधवार तक की मोहलत दे दी और गुरूवार से फिर दुकानों के तोड़ने की बात कही। इसके साथ ही सभी दुकानों को रत्नाकर पार्क के पास शिफ्ट करने की जानकारी भी दुकानदारों को दी गई। समाचार लिखे जाने तक अभी कागजी कार्रवाई चल रही थी।
तांगा स्टैंड के पास जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए गोदौलिया पर मल्टीलेबल पार्किंग बनाने की योजना है। इसके लिए तांगा स्टैंड को तोड़ दिया गया है। इसके साथ ही स्टैंड से सटे 40 दुकानों को भी तोड़ा जाना है। इसके लिए नगर निगम ने सभी का आवंटन रद्द करते हुए नोटिस जारी कर दिया, लेकिन कोई दुकानदार हटने को तैयार नहीं हुआ, उल्टे इसका विरोध शुरू कर दिया।
इधर नोटिस की समय सीमा समाप्त होने के बाद मंगलवार को नगर निगम की टीम पुलिस बल के साथ दुकानों को तोड़ने पहुंच गई, जिसका विरोध शुरू हो गया। इस पर तीन थानों की पुलिस, अर्द्धसैनिक बल, जेसीबी के साथ नगर निगम के अपर नगर आयुक्त सुमित कुमार, तहसीलदार विनय कुमार, संतोष कुमार सहित नगर निगम की पूूरी टीम पहुंच गई। लेकिन दुकानदार परिवार संग हटने को तैयार नहीं है।
दुकानदारों का कहना है कि जब तक बेहतर विकल्प नहीं दिया जाएगा, तब तक नहीं हटेंगे। अपर नगर आयुक्त सुमित कुमार ने बताया कि पार्किंग बनाना है। इसमें से कई दुकानदारों की मौत हो चुकी है, जो अवैध रूप से काबिज हैं।
कुछ लोगों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा का एफआईआर भी दर्ज करा दिया गया। उन्होंने कहा कि विकल्प सुझाए गए हैं, वार्ता हुई है, लेकिन ये लोग मानने को तैयार नहीं है। इसलिए पुलिस बल भी बुलाया गया है।
तीन विकल्प दे रहा नगर निगम :
नगर निगम ने दुकानदारों के सामने तीन विकल्प पहला भदैनी स्थित रत्नाकर पार्क, भारत माता मंदिर सहित एक और विकल्प दिया जा रहा है, लेकिन एक भी दुकानदार तैयार नहीं है। दुकानदारों का कहना है कि जब तक बेहतर विकल्प नहीं मिलेगा तब तक आंदोलन जारी रहेगा।