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Varanasi News: विदेश में नौकरी के नाम पर वसूलते थे 50 हजार रुपये, देते थे फर्जी दस्तावेज; सात आरोपी गिरफ्तार

Tue, 26 Aug 2025 02:59 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: प्रगति चंद Updated Tue, 26 Aug 2025 02:59 PM IST
सार

वाराणसी पुलिस और साइबर सेल को बड़ी सफलता हाथ लगी है। विदेशों में नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी कंपनी और कॉल सेंटर संचालित किए जाने के अंतरराज्यीय गिरोह के सात आरोपियों को साइबर सेल और चौक पुलिस ने गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है। 

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Cyber cell and police in Varanasi arrested seven accused of interstate gang for operating fake company
पुलिस के गिरफ्त में सभी आरोपी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले दो कॉल सेंटर का साइबर सेल और चौक पुलिस ने खुलासा किया। भेलूपुर थाना क्षेत्र के महमूरगंज मोतीझील स्थित किराये के मकान में संचालित दो कॉल सेंटर से अंतरराज्यीय गिरोह के दो महिला समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। 

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गिरोह के सदस्य 50 हजार रुपये लेकर फर्जी दस्तावेज देते थे। आरोपियों के कब्जे से एक लैपटॉप, नौ मोबाइल समेत कूटरचित दस्तावेज बरामद हुए। एक साल से संचालित कॉल सेंटर के जरिये 6 हजार लोगों को निशाना बनाने की तैयारी थी। मंगलवार को पुलिस लाइन के सभागार में डीसीपी क्राइम ने आरोपियों को मीडिया के सामने पेश किया। 
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डीसीपी क्राइम सरवणन टी. ने बताया कि आरोपियों में रोहनिया के बच्छाव पश्चिम पुरा निवासी राकेश यादव, अखरी बाईपास शिवधामनगर काॅलोनी निवासी राहुल गुप्ता, आदपुर के जुगुलटोला निवासी मो. असलम, नचनीकुआं निवासी अमित कुमार यादव, जुगुलटोला मच्छोदरी निवासी प्रियांशु प्रजापति है। 

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डीसीपी क्राइम ने बताया कि आरोपी लोगों को कॉल करके इजराइल, ओमान, कंबोडिया और साउथ अफ्रीका आदि देशों में जॉब का ऑफर देते थे। इसके बाद वीजा, पासपोर्ट, मेडिकल व फ्लाइट टिकट आदि के नाम पर मोटी रकम लेते थे। फर्जी जॉब ऑफर लेटर, फर्जी वीजा, फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट व फर्जी फ्लाइट के टिकट बनाकर भेज देते थे।

जब व्यक्ति एयरपोर्ट पर जाता था, तब उसे पता चलता था कि उसकी फ्लाइट ही नहीं है। सारे पैसे किसी न किसी म्यूल एकाउंट में मंगाए जाते थे और लोगों को कॉल करने के लिए फर्जी सिम का प्रयोग किया जाता था। इनके एजेंट्स कोलकाता, दिल्ली व मुंबई तक फैले हुए हैं, जिनके माध्यम से लोगों को फंसाया जाता था। छह ऐसे शिकायती पत्र मिले हैं। इनसे 23 लाख की धोखाधड़ी हुई है।  

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