{"_id":"58e795764f1c1bf5465b8e20","slug":"ram-bihar-choube-son-says-mla-sushil-singh-is-the-mastermind-of-my-father-murder","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":" रामबिहारी चौबे हत्याकांडः 'विधायक सुशील सिंह के इशारे पर हुई थी मेरे पिता की हत्या'","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
रामबिहारी चौबे हत्याकांडः 'विधायक सुशील सिंह के इशारे पर हुई थी मेरे पिता की हत्या'
amar ujala.com written by पुष्पेन्द्र कुमार त्रिपाठी
Updated Fri, 07 Apr 2017 07:09 PM IST
विज्ञापन
बसपा नेता रामबिहारी चौबे
- फोटो : अमर उजाला
बसपा नेता रामबिहारी चौबे की हत्या भाजपा विधायक सुशील सिंह के इशारे पर की गई है। जो गिरफ्त में आए हैं वह तो शूटर हैं। शुक्रवार को पुलिस के खुलासे के बाद यह कहना था रामबिहारी चौबे के बेटे अमरनाथ चौबे का। उन्होंने कहा कि विधायक सुशील सिंह ने ही उनके पिता की हत्या की साजिश रची।
इसलिए पुलिस विधायक सुशील का नार्को टेस्ट कराकर स्थिति स्पष्ट करे और उन्हें गिरफ्तार करे। चौबेपुर थाना क्षेत्र के श्रीकंठपुर निवासी अमरनाथ चौबे ने कहा कि 2012 में उनके पिता सकलडीहा से बसपा के टिकट पर विधानसभा का चुनाव लड़े थे। इसके साथ ही एमएलसी बृजेश सिंह के बेहद करीब थे। इन्हीं सब बातों से विधायक सुशील उनके पिता से रंजिश रखने लगे थे।
अमरनाथ ने कहा कि जब विधायक ने उपयुक्त मौका पाया तो अपने शूटर अजय मरदह और अन्य बदमाशों को भेजकर उनके पिता की हत्या करा दी। कहा कि चौबेपुर थानाध्यक्ष ने बहादुरी का काम किया है लेकिन पुलिस जब तक हत्या की साजिश रचने वालों को गिरफ्तार नहीं करती तब तक मामले में न्याय नहीं हो पाएगा।
विज्ञापन
अमरनाथ ने कहा कि पुलिस अधिकारी विधायक सुशील के राजनीतिक प्रभाव में न आएं और निष्पक्ष तरीके से कार्रवाई कर उन्हें न्याय दिलाएं।
उधर, विधायक सुशील सिंह ने कहा कि चौबे जी की हत्या के बाद अमरनाथ ने नामजद मुकदमा क्यों नहीं दर्ज कराया था। हम नार्को क्या सारी एजेंसियों के टेस्टों के लिए तैयार हैं। मगर हम चाहेंगे कि हमारे साथ अमरनाथ का भी नार्को टेस्ट हो।
उसकी गतिविधियां देख ऐसा लगता है कि खुद का प्रभाव क्षेत्र बनाने के लिए चौबे जी की हत्या उनके बेटे ने ही कराई है क्योंकि बाप-बेटे में नहीं बनती थी। इन दिनों वह मुख्तार अंसारी, मुन्ना बजरंगी और सुभाष ठाकुर गैंग के लोगों से मेलजोल बढ़ा रहा है।
विज्ञापन
इसलिए पुलिस विधायक सुशील का नार्को टेस्ट कराकर स्थिति स्पष्ट करे और उन्हें गिरफ्तार करे। चौबेपुर थाना क्षेत्र के श्रीकंठपुर निवासी अमरनाथ चौबे ने कहा कि 2012 में उनके पिता सकलडीहा से बसपा के टिकट पर विधानसभा का चुनाव लड़े थे। इसके साथ ही एमएलसी बृजेश सिंह के बेहद करीब थे। इन्हीं सब बातों से विधायक सुशील उनके पिता से रंजिश रखने लगे थे।
विज्ञापन
अमरनाथ ने कहा कि जब विधायक ने उपयुक्त मौका पाया तो अपने शूटर अजय मरदह और अन्य बदमाशों को भेजकर उनके पिता की हत्या करा दी। कहा कि चौबेपुर थानाध्यक्ष ने बहादुरी का काम किया है लेकिन पुलिस जब तक हत्या की साजिश रचने वालों को गिरफ्तार नहीं करती तब तक मामले में न्याय नहीं हो पाएगा।
विज्ञापन
अमरनाथ ने कहा कि पुलिस अधिकारी विधायक सुशील के राजनीतिक प्रभाव में न आएं और निष्पक्ष तरीके से कार्रवाई कर उन्हें न्याय दिलाएं।
उधर, विधायक सुशील सिंह ने कहा कि चौबे जी की हत्या के बाद अमरनाथ ने नामजद मुकदमा क्यों नहीं दर्ज कराया था। हम नार्को क्या सारी एजेंसियों के टेस्टों के लिए तैयार हैं। मगर हम चाहेंगे कि हमारे साथ अमरनाथ का भी नार्को टेस्ट हो।
उसकी गतिविधियां देख ऐसा लगता है कि खुद का प्रभाव क्षेत्र बनाने के लिए चौबे जी की हत्या उनके बेटे ने ही कराई है क्योंकि बाप-बेटे में नहीं बनती थी। इन दिनों वह मुख्तार अंसारी, मुन्ना बजरंगी और सुभाष ठाकुर गैंग के लोगों से मेलजोल बढ़ा रहा है।
Trending Videos
...और जेल तक अजय के पीछे लगा रहा गाड़ियों का तांता
अजय मरदह को कोर्ट में पेश करने ले जाते पुलिसकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
अजय मरदह को शुक्रवार को चौबेपुर थाने से पुलिस लाइन लाया गया और फिर न्यायालय में पेश कर जेल ले जाया गया। इस दौरान अजय ने पुलिस को एहसास कराया कि वह कितना रसूखदार है। पुलिस वाहन में मौजूद अजय मरदह के पीछे लगभग आधा दर्जन से अधिक लक्जरी गाड़ियों का तांता लगा था।
पुलिस अधिकारियों ने अजय मरदह वाली जीप के पीछे गाड़ियों का काफिला देखकर चौबेपुर थानाध्यक्ष पर नाराजगी भी जताई। मगर, गाड़ियों के काफिले का तांता जिला जेल तक नहीं टूटा।
बता दें कि अजय के खिलाफ वाराणसी, गाजीपुर, भदोही जिले में हत्या, हत्या के आरोप, गैंगेस्टर, गुंडा एक्ट, आर्म्स एक्ट सहित अन्य आरोपों में 22 मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस अधिकारियों ने अजय मरदह वाली जीप के पीछे गाड़ियों का काफिला देखकर चौबेपुर थानाध्यक्ष पर नाराजगी भी जताई। मगर, गाड़ियों के काफिले का तांता जिला जेल तक नहीं टूटा।
बता दें कि अजय के खिलाफ वाराणसी, गाजीपुर, भदोही जिले में हत्या, हत्या के आरोप, गैंगेस्टर, गुंडा एक्ट, आर्म्स एक्ट सहित अन्य आरोपों में 22 मुकदमे दर्ज हैं।