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Budhwa Mangal: संगीत की फुहार, इत्र और गुलाबजल की खुशबू से निखरा बुढ़वा मंगल, सुबह-ए-बनारस के मंच पर सजी महफिल
Wed, 27 Mar 2024 12:14 PM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Wed, 27 Mar 2024 12:14 PM IST
सार
होली के बाद पहले मंगलवार को गंगातट पर बुढ़वा मंगल की महफिल सजी। इस दौरान पुरुष दुपलिया टोपी, सफेद कुर्ता-पायजामा तो महिलाएं गुलाबी साड़ी में नजर आईं। महफिल में इत्र व गुलाबजल की खुशबू के साथ संगीत का रस घुला तो सभी मदमस्त हो गए।
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Budhwa Mangal 2024
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बनारसी ठाटबाट का हिस्सा रहा बुढ़वा मंगल मंगलवार को जवां दिखा। अस्सी घाट के सुबह-ए-बनारस के मंच पर सजी बुढ़वा मंगल की महफिल में इत्र व गुलाबजल की खुशबू के साथ संगीत का रस घुला तो सभी मदमस्त हो गए। पुरुष दुपलिया टोपी, सफेद कुर्ता-पायजामा तो महिलाएं गुलाबी साड़ी में नजर आईं।
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आरंभ होली पर काव्यार्चन से हुआ। अरविंद मिश्रा हर्ष के संचालनत्व में कंचनलता चतुर्वेदी, प्रियंका अग्निहोत्री, प्रियंका सिंह, डॉ. अलका दुबे, डॉ. धर्म प्रकाश मिश्रा, डॉ. प्रवीण तिवारी, रुद्रनाथ त्रिपाठी पुंज, अंकित खत्री नादान, जगदीश्वरी चौबे, डॉ. जयप्रकाश मिश्रा, डॉ. नागेश शांडिल्य, सूर्य प्रकाश मिश्रा आदि ने काव्य पाठ किया।
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इसके बाद संगीतज्ञ डॉ. राजेश्वर आचार्य की अगुवाई में सजी संगीत की महफिल में तेजस्वनी वर्णेकर ने उपशास्त्रीय गायिकी से आनंद की वर्षा की। उन्होंने कौन तरह से खेलत होरी देखो लला..., ना खेलूंगी मैं तोसे होरी कन्हैया... आदि सुनाया।
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बुढ़वा मंगल में अभिनव प्रयोग करते हुए काशी के युवा रॉकस्टार अमित त्रिवेदी और उनकी टीम ने भगवान शिव की रॉकिंग होली की अद्भुत प्रस्तुति दी। संचालन अंकिता खत्री ने किया। इस मौके पर पं. प्रमोद मिश्र, मंजू मिश्रा, डॉ. वीरेंद्र प्रताप सिंह, अभय श्रीवास्तव, पं. रमेश तिवारी, कृष्णमोहन आदि रहे।