BHU: कम उपस्थिति पर कार्रवाई होने से विधि छात्रों ने रोका शिक्षकों का रास्ता, कल रात से दे रहे हैं धरना
बीएचयू विधि संकाय में दो दिन पहले ही परीक्षा शुरू हुई है। इसमें 70 प्रतिशत से कम उपस्थिति वाले छात्रों को परीक्षा देने से मना किया गया है। इसके विरोध में छात्र गुरुवार शाम से ही धरना दे रहे हैं।
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काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) विधि संकाय में कम उपस्थिति के विरोध में छात्रों का धरना जारी है। शुक्रवार दिन भर प्रदर्शन करने के बाद छात्रों ने शिक्षकों का रास्ता रोक लिया और विधि संकाय के गेट पर ही धरना शुरू कर दिया। एक तरफ शिक्षकों की कार रही तो सामने सड़क पर बैठे छात्र। मौके पर पहुंचे प्रॉक्टोरियल बोर्ड के कर्मियों ने छात्रों को हटाने की कोशिश की लेकिन वो धरने पर अड़े रहे।
इधर शिक्षक अलग-अलग कार में बैठे रहे। उधर, धरने पर बैठे छात्र नारेबाजी करते रहे। रास्ता रोकने की सूचना पर पहुंचे डीन प्रो. अजय कुमार सिंह ने छात्रों से कहा कि अब इस मामले में कुछ भी नहीं हो सकता। छात्रों का कहना है कि कुछ लोगों की परीक्षा है, इसलिए आज फैसला हर हाल में चाहिए ही। फिलहाल हंगामा जारी है।
धरना दे रहे एलएलबी के छात्र की तबीयत बिगड़ी
इससे पहले दिन में धरने के दौरान एक छात्र की तबीयत खराब हो गई और उसको अस्पताल में भर्ती कराया गया। छात्र विधि संकाय में कल रात से ही धरने पर बैठे हुए हैं। छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से जानबूझकर परीक्षा से वंचित किया जा रहा है ,जो गलत है। छात्रों ने नारेबाजी करते हुए परीक्षा में बैठने की अनुमति देने की मांग की है।
विधि संकाय में दो दिन पहले ही परीक्षा शुरू हुई है, जिसमें 70 प्रतिशत से कम उपस्थिति वाले छात्रों को परीक्षा देने से मना किया गया है। इस दौरान रात भर धरना देने वाले छात्र की अचानक तबीयत खराब हो गई। वह जमीन पर गिर पड़ा। छात्र को एंबुलेंस बुलाकर अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।
छात्रों की बात
- एक महीने पहले एलएलबी, बीएएलएलबी और एलएलएम के जिन छात्रों की उपस्थिति कम थी, मात्र एक अंडरटेकिंग लेकर परीक्षा में बैठने का मौका दे दिया गया। जबकि, अंतिम सेमेस्टर के छात्रों के साथ जानबूझकर परीक्षा से वंचित किया जा रहा है।
- परीक्षा जल्द होने वाली है। उपस्थिति की सूची अभी तक जारी नहीं की गई।
- महीने के कुछ विशेष दिनों पर जो कक्षाएं चलीं, उनमें कुछ छात्रों को पूरे महीने की उपस्थिति चढ़ा दी गई है। जबकि, जो उस दिन नहीं आए उन्हें पूरे महीने की उपस्थिति से वंचित किया गया। इनकी उपस्थिति की गणना का कोई पैमाना तय नहीं है।
- बार काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमों के मुताबिक, हमारी कक्षाओं के लेक्चर उस मानक पर नहीं हैं।
- जो भी छात्र नियमित आए हैं उनकी उपस्थिति, नियमित आने वालों से कम है।
- प्रोफेसर के निजी कारणों से निरस्त हुई कक्षा का नुकसान छात्रों पर डाला जा रहा है।