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भदैनी हत्याकांड : आरोपी विक्की अरेस्ट..., उसने अकेले ही खत्म किया ताऊ का परिवार! जुगनू ने ही बताई थी ये बात

Thu, 06 Feb 2025 09:21 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Thu, 06 Feb 2025 09:21 PM IST
सार

वाराणसी के भदैनी निवासी एक परिवार के पांच सदस्यों की हत्या में परिवार के मुखिया राजेंद्र के छोटे भतीजे ने पुलिस को कई बड़ी जानकारी दी है। विशाल गुप्ता उर्फ विक्की के छोटे भाई प्रशांत गुप्ता उर्फ जुगनू ने परिवार के बारे में अहम खुलासा किया है।

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Bhadaini murder case in varanasi Accused Vicky arrested he killed uncle family
varanasi mass murder - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वाराणसी के भदैनी निवासी एक ही परिवार के पांच सदस्यों की हत्या में शक के घेरे में आए बड़े भतीजे विशाल गुप्ता उर्फ विक्की के छोटे भाई प्रशांत गुप्ता उर्फ जुगनू ने परिवार के बारे में अहम जानकारियां दी थी। गुरुवार को पुलिस ने आरोपी विक्की और उसके भाई को जुगनू को गिरफ्तार कर लिया है।

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जुगनू ने पुलिस को बताया कि उसके पिता कृष्णा और मां बबिता की हत्या बड़े पापा राजेंद्र ने गोली मार कर कराई थी। मां-बाप का केस खत्म हो गया तो विक्की अकसर दादी से लड़ता था कि उसे गवाह क्यों नहीं बनाया गया? वह गवाही देता और बताता कि उसके मां-बाप की किसने और कैसे हत्या कराई थी।
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बड़े पापा हम दोनों भाई और बहन को कभी एकसाथ नहीं बैठने देते थे
जुगनू ने पुलिस को था बताया कि जब उसके मां-बाप की हत्या की गई थी तो उसे धकेल कर विक्की ने ही बचाया था। हालांकि, इसके बावजूद उसके पेट और बाजू में गोली लगी थी। जुगनू ने कहा था कि उसके बड़े पापा ने कभी उसे, विक्की और बहन डाली को एकसाथ नहीं बैठने दिया। 
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तीनों बस दादी के सहारे किसी तरह से पले-बढ़े। बड़े पापा का डर ऐसा था कि वो जहां कहते थे, वह वहां आंख मूंद कर दस्तखत कर देता था। विक्की बचपन से ही बड़े पापा को पसंद नहीं करता था और कभी-कभार उनकी बात का विरोध करता था। इसी चक्कर में उसकी पिटाई भी होती रहती थी।

 

वारदात के बाद से ही राजेंद्र का बड़ा भतीजा विक्की लापता
भदैनी निवासी राजेंद्र प्रसाद गुप्ता, उसकी पत्नी नीतू और तीन बच्चों नमनेंद्र, सुबेंद्र व गौरांगी का शव गत पांच नवंबर को उनके घर में मिला था। पांचों की गोली मार कर हत्या की गई थी। वारदात के बाद से ही राजेंद्र का बड़ा भतीजा विक्की लापता है, जबकि छोटा भतीजा पुलिस की निगरानी में है। 

पुलिस के लाख जतन के बाद वारदात के आठवें दिन मंगलवार को भी विक्की का पता नहीं लग सका था। इस संबंध में डीसीपी काशी जोन गौरव बंसवाल ने बताया था कि पुलिस टीमें हरसंभव प्रयास कर रही हैं कि विक्की गिरफ्त में आ जाए। उम्मीद है कि जल्द ही हमें बेहतर परिणाम मिलेंगे।

पुलिस का मानना था विक्की ने अकेले की हत्या
फॉरेंसिक एक्सपर्ट की रिपोर्ट और क्राइम सीन के अनुसार, पुलिस का अब मानना था कि विक्की ने अकेले ही अपने बड़े पापा सहित पांचों लोगों की हत्या की है। पुलिस के अनुसार, भदैनी स्थित घर में नीतू, नमनेंद्र, गौरांगी और सुबेंद्र में किसी का भी शव बेड पर नहीं था।

पुलिस का कहना है कि विक्की के साथ शूटर होते तो वह कहीं न कहीं कैमरे में जरूर कैद होते। वहीं, सोए हुए राजेंद्र को बिस्तर पर लगी मच्छरदानी के बाहर से गोली मारी गई थी। पुलिस के अनुसार, वारदात में एक असलहा और दो मैगजीन के इस्तेमाल की प्रबल संभावना थी।

बुजुर्ग दादी कब तीन रोटी अतिरिक्त बनवाईं, ध्यान नहीं
विक्की की दादी शारदा देवी दो रोटी खाती हैं। मगर, एक रात वह अपनी बड़ी बहू नीतू को तीन रोटी अतिरिक्त बनाने को कहीं थी। इस पर नीतू ने पूछा भी था कि आज आखिरकार इतनी भूख कैसे लगी है। हालांकि, उम्र ज्यादा होने की वजह से शारदा को याद नहीं है कि वह तीन अतिरिक्त रोटी दीपावली की रात बनवाई थी या उससे एक रात पहले बनवाई थीं।

पुलिस से बातचीत करने के दौरान भी शारदा देवी भूल जाती हैं कि उन्होंने कुछ देर पहले क्या बताया था? उनकी उम्र को देखते हुए पुलिस कर्मी भी उनसे परिवार के सदस्य की तरह ही बातचीत करते हुए नए तथ्यों को टटोलने की कोशिश करते थे।

करोड़पति परिवार का क्रिया-कर्म भी नहीं हो पा रहा
राजेंद्र अपने पीछे करोड़ों की संपत्ति छोड़ गया। राजेंद्र सहित परिवार के पांचों सदस्यों को मुखाग्नि उसके छोटे भतीजे जुगनू ने पुलिस की निगरानी में दी थी। उसके बाद भी जुगनू पुलिस की निगरानी में ही था। ऐसे में मृत्यु के बाद हिंदू धर्म के अनुसार, पांचों का क्रिया-कर्म भी नहीं हो पा रहा था।

दसवां और तेरही पर भी संशय था। कारण कि राजेंद्र के रिश्तेदार उसके घर से दूरी बनाए हुए हैं। मां शारदा बुजुर्ग होने के साथ ही बीमार भी हैं। एकाध रिश्तेदार जो घर पर मौजूद थे, उनकी भी उम्र इतनी है कि अकेले कुछ कर पाना उनके वश की बात नहीं है। इसे लेकर भदैनी इलाके के लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं व्याप्त थी।

वाराणसी में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की हत्या
वाराणसी में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। भदैनी इलाके में एक बहुमंजिला मकान के अलग-अलग तल से मंगलवार यानी 5 नवंबर को एक महिला, उसके दो बेटों और एक बेटी का शव मिला था। जबकि घटनास्थल से लगभग 14 किलोमीटर दूर मीरापुर रामपुर स्थित निर्माणाधीन मकान में महिला के पति का अर्धनग्न शव बेड पर मिला। उसे भी गोली मारी गई थी। पांचों की कनपटी और सीने में गोली मारी गई थी।
 

दोनों ही घटनास्थल से मिले खोखा के आधार पर पुलिस दावा कर रही थी कि पांचों लोगों की हत्या में .32 बोर की पिस्टल का इस्तेमाल किया गया था। पुलिस पुराने विवाद और घटनाओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही थी। परिवार के मुखिया मृत राजेंद्र पर अपने पिता, छोटे भाई और उसकी पत्नी के साथ ही एक चौकीदार की हत्या का आरोप था।

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