BHU : दीक्षांत में नहीं आए तो 30 दिन बाद घर पहुंचेगी डिग्री, साफा-उत्तरीय के 200 लगेंगे रुपये; पढ़ें खबर
Varanasi News : बीएचयू के स्वतंत्रता भवन सभागार में होने वाले दीक्षांत समारोह के आयोजन की तैयारियां चल रही हैं। 14 दिसंबर से तीन दिन तक कार्यक्रम होंगे। सात से 13 दिसंबर तक उत्तरीय और साफा वितरित किए जाएंगे।
विस्तार
बीएचयू के 104वें दीक्षांत समारोह का तीन दिवसीय शेड्यूल जारी कर दिया गया है। 14 से 16 दिसंबर के बीच अलग-अलग संकायों में तीन दिन तक डिग्रियां दी जाएंगी।
जो छात्र दीक्षांत में नहीं आ पाएंगे, उनकी डिग्री एक महीने के बाद घर भेज दी जाएगी। किसी छात्र का स्थाई पता बदल गया है, तो इसकी सूचना परीक्षा नियंता को देनी होगी। दीक्षांत में ड्रेस कोड होगा। 7 से 13 दिसंबर के बीच उतरीया और साफा संबंधित संकायों में वितरित किया जाएगा। बाकी एकेडमिक कॉस्टयूम यानी कि कुर्ता-पैजामा, धोती, साड़ी की व्यवस्था खुद ही करनी पड़ेगी। साफा-उत्तरीय के लिए 6 दिसंबर तक बीएचयू की ऑनलाइन वेबसाइट पर 200 रुपये जमा करने होंगे।
वेबसाइट पर एक स्वीकृति फॉर्म भी जारी किया गया है। इसे भरकर जमा करना होगा। लड़कियों को लाल बॉर्डर वाली सफेद साड़ी और छात्रों को सफेद कुर्ता-पैजामा या धोती पहनना होगा। सात दिसंबर को दोपहर दो बजे से 13 दिसंबर शाम पांच बजे तक साफा-उत्तरीय दिया जाएगा। उत्तरीय पर बीएचयू के सिंह द्वार का चित्र होगा।
15 हजार को मिलेगी डिग्री
14 दिसंबर को स्वतंत्रता भवन सभागार में शैक्षणिक सत्र 2023-24 के लिए दीक्षांत समारोह होगा। कुल 450 मेडल दिए जाएंगे। इमें 425 गोल्ड और 25 सिल्वर मेडल है। 15 हजार छात्र-छात्राओं और शोधार्थियों को उपाधियां दी जाएंगी। समारोह में बीएचयू के ही पूर्व छात्र और जीस्केलर कंपनी के फाउंडर व सीईओ जय चौधरी मुख्य अतिथि होंगे।
परीक्षा नियंत्रक बने चारों संबद्ध कॉलेजों के प्रोफेसर इंचार्ज
महिला महाविद्यालय समेत बीएचयू के चारों संबद्ध कॉलेजों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित किया जाएगा। बीएचयू के परीक्षा नियंत्रक प्रो. एनके मिश्र को चारों संबद्ध कॉलेजों का प्रोफेसर इंचार्ज नियुक्त किया गया। वो आर्य महिला पीजी कॉलेज, वसंता कॉलेज फॉर वुमेन, डीएवी कॉलेज और वसंत कन्या महाविद्यालय के कॉलेज के प्रिंसिपल और मैनेजमेंट कमेटी से वार्ता कर समस्याओं का निराकरण कराएंगे। कुलपति ने अर्थशास्त्र विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. पद्मिनी रविंद्र नाथ को महिला महाविद्यालय का कोआर्डिनेटर बनाया गया है। इस पद के साथ ही विभाग और बाकी जिम्मेदारियों को भी निभाएंगे।
शोध निष्कर्षों को पत्रिकाओं में प्रकाशित कराएं
आईएमएस बीएचयू के सेमिनार हाॅल में पीएचडी शोधकर्ताओं के लिए संवादात्मक सत्र हुआ। इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज ने आईआईटी रुड़की के प्रबंधन अध्ययन विभाग के पूर्व प्रमुख प्रो विनय के नंगिया ने बताया कि नई शिक्षा नीति भारत में उच्च शिक्षा को कैसे बदलने जा रही है, जिसमें संस्थानों के भीतर बेहतर शासन और जवाबदेही को बढ़ावा दिया जाएगा। आग्रह किया कि अपने शोध निष्कर्षों को प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में प्रकाशित करने पर ध्यान केंद्रित करें।