{"_id":"572e53e54f1c1b01045cd69f","slug":"any-hospital-that-is-not-safe","type":"story","status":"publish","title_hn":"ऐसे तो कोई भी अस्पताल सुरक्षित नहीं...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ऐसे तो कोई भी अस्पताल सुरक्षित नहीं...
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sun, 08 May 2016 02:15 AM IST
विज्ञापन
ऐसे तो कोई भी अस्पताल सुरक्षित नहीं...
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बीएचयू अस्पताल में हुए विस्फोट का सच जानने में जांच एजेंसियां जुट गई हैं। तफ्तीश इस बात की भी हो रही है कि क्या एसी प्लांट में अथवा आक्सीजन सिलेंडर में विस्फोट से इतना बड़ा धमाका हो सकता है कि पूरी पांच मंजिली इमारत हिल जाए। ऐसे में तो शहर का कोई भी अस्पताल और नर्सिंग होम सुरक्षित नहीं है। कमोवेश ऐसी ही व्यवस्था अन्य अस्पतालों और नर्सिंग होम्स की है। एसी और आक्सीजन सप्लाई की यही व्यवस्था हर जगह है।
हालांकि घटनास्थल का मंजर यह बता रहा था कि विस्फोट कितना जबरदस्त था। दीवारों का ढहना, फाल्स सिलिंग का टूटकर गिरना और खिड़की दरवाजे का पूरी तरह से क्षतिग्रस्त होना जांच एजेंसियों को चौंका रहा है। जांच में जुटी एजेंसियां तो फिलहाल एसी प्लांट की सेंट्रल यूनिट में ब्लास्ट की बात कर रहीं हैं मगर बीएचयू अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक का कहना है कि जब वे मौके पर पहुंचे तो उन्हें वहां अमोनियम नाइट्रेट की गंध मिली।
यह ब्लास्ट सामान्य नहीं था। एसी की पाइपलाइन या फिर ऑक्सीजन सिलेंडर से इतना बड़ा धमाका नहीं हो सकता। धमाके के बाद इमरजेंसी कक्ष में अंधेरा छाने के साथ धुआं भर गया था और वहां अमोनिया नाइट्रेट की गंध आ रही थी। इससे भी जाहिर है कि ये ब्लास्ट सामान्य नहीं था। इसके पीछे कोई गहरी साजिश भी हो सकती है। -डॉ. ओपी उपाध्याय, चिकित्सा अधीक्षक, बीएचयू अस्पताल
विज्ञापन
कई दफा जब एसी का कंप्रेशर बहुत ज्यादा गर्म हो जाता है तो उसके ब्लास्ट होने की आशंका रहती है। हीट प्रेशर के चलते कंप्रेशर के फटने से तेज धमाका भी होता है। मगर अब एसी में क्लोरो फ्लोरो कार्बन गैस का इस्तेमाल होता है। यह गैस विस्फोटक नहीं है। ऐसे में इसे एसी प्लांट की वजह से विस्फोट कहना थोड़ी जल्दबाजी होगी। -प्रो. लल्लन मिश्र, केमिस्ट्री विभाग, बीएचयू
विज्ञापन
हालांकि घटनास्थल का मंजर यह बता रहा था कि विस्फोट कितना जबरदस्त था। दीवारों का ढहना, फाल्स सिलिंग का टूटकर गिरना और खिड़की दरवाजे का पूरी तरह से क्षतिग्रस्त होना जांच एजेंसियों को चौंका रहा है। जांच में जुटी एजेंसियां तो फिलहाल एसी प्लांट की सेंट्रल यूनिट में ब्लास्ट की बात कर रहीं हैं मगर बीएचयू अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक का कहना है कि जब वे मौके पर पहुंचे तो उन्हें वहां अमोनियम नाइट्रेट की गंध मिली।
विज्ञापन
यह ब्लास्ट सामान्य नहीं था। एसी की पाइपलाइन या फिर ऑक्सीजन सिलेंडर से इतना बड़ा धमाका नहीं हो सकता। धमाके के बाद इमरजेंसी कक्ष में अंधेरा छाने के साथ धुआं भर गया था और वहां अमोनिया नाइट्रेट की गंध आ रही थी। इससे भी जाहिर है कि ये ब्लास्ट सामान्य नहीं था। इसके पीछे कोई गहरी साजिश भी हो सकती है। -डॉ. ओपी उपाध्याय, चिकित्सा अधीक्षक, बीएचयू अस्पताल
विज्ञापन
कई दफा जब एसी का कंप्रेशर बहुत ज्यादा गर्म हो जाता है तो उसके ब्लास्ट होने की आशंका रहती है। हीट प्रेशर के चलते कंप्रेशर के फटने से तेज धमाका भी होता है। मगर अब एसी में क्लोरो फ्लोरो कार्बन गैस का इस्तेमाल होता है। यह गैस विस्फोटक नहीं है। ऐसे में इसे एसी प्लांट की वजह से विस्फोट कहना थोड़ी जल्दबाजी होगी। -प्रो. लल्लन मिश्र, केमिस्ट्री विभाग, बीएचयू