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एएनयू और आईआईटी बीएचयू ने अकादमिक सहयोग के लिए मिलाया हाथ
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आईआईटी बीएचयू और ऑस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी (एएनयू) ने अकादमिक, अनुसंधान सहयोग के लिए हाथ मिलाया है। शिक्षकों, छात्रों को एक दूसरे के संस्थान का दौरा और शोध करने का मौका मिलेगा। वहीं, आने वाले दिनों में संयुक्त पीएचडी डिग्री शुरू करने की भी चर्चा है।
बैठक में दोनों संस्थानों के बीच संयुक्त सहयोग, छात्र और संकाय आदान-प्रदान के विभिन्न तरीकों पर चर्चा की गई। प्रो. जगदीश ने ’चेन्नूपति और विद्या जगदीश इंडोमेंड फंड’ के बारे में बताया। इसके माध्यम से शोधकर्ता इंटर्नशिप और प्रोजेक्ट फेलो के माध्यम से अनुसंधान सुविधाओं का दौरा कर सकते हैं और उन तक पहुंच सकते हैं।
आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रो. प्रमोद कुमार जैन ने बताया कि छात्रों और शोधकर्ताओं को एएनयू में अध्ययन करने और पहले चरण में 12 सप्ताह तक अनुसंधान करने का अवसर मिलेगा। संकाय सदस्यों ने भी प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की और प्रारंभिक करियर अनुसंधान विकास, उभरते अनुसंधान विषयों और वर्तमान में विज्ञान की प्रमुख समस्याओं से अवगत कराया।
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प्रो. जगदीश ने नैनो टेक्नोलॉजी, फोटोनिक्स, हेल्थकेयर और टिकाऊ ऊर्जा सहित भौतिकी में अनुसंधान के सीमावर्ती क्षेत्रों सहित कई विषयों पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान प्रो. एलेक्जेंडर मिखेवंद और जयपोरिया के साथ ही प्रो. श्याम बिहारी द्विवेदी, प्रो. रजनीश त्यागी, प्रो. लाल प्रताप सिंह, प्रो. राजीव श्रीवास्तव, डॉ. संतोष कुमार सिंह, डॉ. संजीव कुमार महतो, और डॉ. प्रांजल चंद्रा रहे।
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बैठक में दोनों संस्थानों के बीच संयुक्त सहयोग, छात्र और संकाय आदान-प्रदान के विभिन्न तरीकों पर चर्चा की गई। प्रो. जगदीश ने ’चेन्नूपति और विद्या जगदीश इंडोमेंड फंड’ के बारे में बताया। इसके माध्यम से शोधकर्ता इंटर्नशिप और प्रोजेक्ट फेलो के माध्यम से अनुसंधान सुविधाओं का दौरा कर सकते हैं और उन तक पहुंच सकते हैं।
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आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रो. प्रमोद कुमार जैन ने बताया कि छात्रों और शोधकर्ताओं को एएनयू में अध्ययन करने और पहले चरण में 12 सप्ताह तक अनुसंधान करने का अवसर मिलेगा। संकाय सदस्यों ने भी प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की और प्रारंभिक करियर अनुसंधान विकास, उभरते अनुसंधान विषयों और वर्तमान में विज्ञान की प्रमुख समस्याओं से अवगत कराया।
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प्रो. जगदीश ने नैनो टेक्नोलॉजी, फोटोनिक्स, हेल्थकेयर और टिकाऊ ऊर्जा सहित भौतिकी में अनुसंधान के सीमावर्ती क्षेत्रों सहित कई विषयों पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान प्रो. एलेक्जेंडर मिखेवंद और जयपोरिया के साथ ही प्रो. श्याम बिहारी द्विवेदी, प्रो. रजनीश त्यागी, प्रो. लाल प्रताप सिंह, प्रो. राजीव श्रीवास्तव, डॉ. संतोष कुमार सिंह, डॉ. संजीव कुमार महतो, और डॉ. प्रांजल चंद्रा रहे।