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सीट के बाद महाकाल एक्सप्रेस के रसोईं यान से हटे भोलेनाथ

Sun, 23 Feb 2020 11:28 AM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: स्‍वाधीन तिवारी Updated Sun, 23 Feb 2020 11:28 AM IST
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After the seat, Bholenath's statue was removed from the kitchen of Mahakal Express
महाकाल एक्सप्रेस के रसोईं यान से हटाई गई भोलेनाथ की प्रतिमा - फोटो : अमर उजाला।

कारपोरेट ट्रेन काशी-महाकाल एक्सप्रेस में रसोईं यान में भगवान शिव की पूजापाठ का इंतजाम किया गया था। शनिवार की सुबह 5:37 बजे ट्रेन कैंट स्टेशन पर आई तो रसोईं यान में फूल-मालाएं रखी दिखीं, लेकिन भगवान शिव और उनका परिवार नहीं दिखा। गौरतलब है कि इससे पहले ट्रेन की बोगी बी-5 की बर्थ नंबर 64 पर भगवान शिव का मंदिर बनाया गया था। इसे लेकर विवाद शुरू हुआ तो आईआरसीटीसी ने सफाई दी कि नई गाड़ी की सफलता और भगवान शिव का आशीर्वाद लेने के लिए स्टाफ ने पूजापाठ किया था।

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बीती 20 फरवरी को कैंट रेलवे स्टेशन से महाकाल एक्सप्रेस पहले कामर्शियल रन पर इंदौर के लिए रवाना हुई। बनारस से इंदौर तक ट्रेन में 727 यात्री सवार थे। इंदौर से 584 यात्रियों को लेकर 21 फरवरी की सुबह 10:55 बजे महाकाल एक्सप्रेस काशी के लिए रवाना हुई। 22 फरवरी की सुबह निर्धारित समय छह बजे की बजाय 23 मिनट पहले ही पहुंच गई। कैंट रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर छह पर ट्रेन खड़ी हुई। सुबह का समय होने के बावजूद भी ट्रेन को देखने के लिए लोगों की भीड़ लग गई थी और कई लोग सेल्फी लेते नजर आए।

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वहीं, रसोईं यान से भगवान शिव का मंदिर हटाए जाने के संबंध में आईआरसीटीसी के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक अश्वनी श्रीवास्तव ने कहा कि यह सब पैंट्रीकार के कर्मियों की आस्था का मामला है। मंदिर वगैरह नहीं बना था। कर्मचारियों ने सफलता के लिए पूजापाठ किया था। वैसे भी हर ट्रेन के पैंट्री कार में कर्मचारी पूजापाठ करते हैं।

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महाकाल एक्सप्रेस में पूर्व की फोटो - फोटो : kashi mahakal express

आज प्रयागराज के रास्ते जाएगी इंदौर

काशी-महाकाल एक्सप्रेस रविवार को 3:15 बजे कैंट रेलवे स्टेशन से प्रयागराज के रास्ते कानपुर होते हुए उज्जैन और फिर इंदौर जाएगी। इससे पहले 20 फरवरी को यह ट्रेन लखनऊ होते हुए उज्जैन और फिर इंदौर गई थी।
 

ट्रेन अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है। ट्रेन की साफ सफाई से प्रभावित हुआ। तीन ज्योर्तिलिंग को जोड़ने वाली ट्रेन में सफर का अनुभव अच्छा रहा।
नवनीत पाठक, यात्री
 

महाकाल एक्सप्रेस कई खूबियों से लैस है। साफ सफाई की ऐसी ही व्यवस्था सभी ट्रेनों में होना चाहिए। इस ट्रेन से यात्रा कर बहुत अच्छा लगा।
शिवा पाठक, यात्री
 

ट्रेन में वाईफाई की सुविधा भी होनी चाहिए। बाकी, यह ट्रेन आरामदेह और अच्छी है। इस ट्रेन से यात्रा करना एक सुखद अनुभव रहा।
कुश चौहान, यात्री
 

प्रधानमंत्री मोदी ने एक अच्छी सौगात दी है। तीन ज्योर्तिलिंग को जोड़ने वाली इस ट्रेन में यात्रा करना अपने आप में सुखद अनुभव है।
नंदू गुप्ता, यात्री

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