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Varanasi News: पहले बर्ड ओपनिंग बाजी ड्रॉ की फिर लगातार छह मुकाबले जीत वर्धन बने चैंपियन
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जिला शतरंज एसोसिएशन की ओर से सोयेपुर स्थित डॉ. घनश्याम सिंह महाविद्यालय में जिलास्तरीय शतरंज प्रतियोगिता रविवार को संपन्न हुई। ऋषि पांडेय ने सफेद मोहरों से वर्धन श्रीवास्तव के विरुद्ध बर्ड ओपनिंग ली लेकिन मुकाबला ड्रॉ हो गया। दोनों को आधा-आधा अंक मिला। वर्धन ने छह जीत और एक ड्रॉ से साढ़े छह अंक अर्जित किए और विजेता बने। प्रतियोगिता में 75 खिलाड़ियों के बीच सात चक्रों की बाजी खेली गई।
दूसरे बोर्ड पर शिष्य सईद जरताब के सामने उनके गुरु आर्यन वर्मा थे। सईद जरताब ने सफेद मोहरों से अपने गुरु आर्यन वर्मा के विरुद्ध घोड़े से ओपनिंग की और क्वीन के सामने से पैदल को आगे बढ़ाया। अंत में दोनों के सिर्फ राजा ही बोर्ड बचा इस वजह से मैच ड्रॉ हो गया। दोनों के पास साढ़े पांच अंक हो गए। तीसरे बोर्ड पर अनुभव गोंड ने नंदीश एस के विरुद्ध फ्रेंच डिफेंस (राजा के आगे पैदल से ओपनिंग) के माध्यम से शुरुआत से ही दबाव बनाया और पूरे खेल में अपनी स्थिति मजबूत बनाए रखी। 31वीं चाल में विरोधी को पर बढ़त बनाए रखा। मुकाबले में नंदीश का समय समाप्त हो गया और अनुभव ने महत्वपूर्ण जीत हासिल की। अनुभव गोंड ने छह अंक लेकर दूसरा स्थान हासिल कर लिया।
चौथे बोर्ड पर शीर्ष वरीय डॉ. दिनेश कुमार पांडेय के लिए उज्ज्वल दुबे के विरुद्ध मुकाबला वाराणसी टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण था। डॉ. दिनेश ने काली मोहरों से किंग्स इंडियन डिफेंस अपनाया। इसके बाद भी अंतिम क्रम निर्धारण में टाई-ब्रेकर के बाद वह शीर्ष चार में जगह नहीं बना सके। पांचवें बोर्ड पर वाराणसी की दो खिलाड़ी रुद्र प्रताप श्रीवास्तव और स्वर श्रीवास्तव आमने-सामने थीं। रुद्र ने काली मोहरों से किंग्स इंडियन डिफेंस खेला। अंतिम खेल में जी-2 खाने पर काले मोहरों के हल्के खानों वाले सफेद ऊंट के लगातार दबाव ने निर्णायक भूमिका निभाई और रुद्र प्रताप श्रीवास्तव ने मुकाबला में साढ़े पांच अंक लेकर सातवें स्थान पर रहे।
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मुख्य अतिथि विद्यालय के प्राचार्य डॉ. आनंद सिंह ने खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया। संचालन अंकिता यादव, धन्यवाद ज्ञापन कार्यक्रम संयोजक अरविंद कुमार चौबे ने किया। इस अवसर पर वाराणसी चेस एसोसिएशन के महासचिव तुषार सारस्वत, सीके गांगुली, शाहाब अहमद फारूकी, राज रंजन, ईश्वर मौर्य मौजूद रहे।
प्रादेशिक में खेलेंगे काशी के चार खिलाड़ी
वाराणसी टीम के शीर्ष दो प्रतिष्ठित स्थानों के लिए पांच खिलाड़ी दौड़ में थे। फिडे के निर्धारित टाई-ब्रेकर नियमों के आधार पर अंतिम क्रम तय किया गया। वर्धन श्रीवास्तव प्रथम, अनुभव गोंड द्वितीय, आर्यन वर्मा तृतीय और सईद जरताब चतुर्थ स्थान पर रहे। इन चारों खिलाड़ियों का चयन वाराणसी की जिला टीम में हुआ। ये खिलाड़ी प 22 से 26 अक्तूबर तक गाजियाबाद में होने वाली प्रादेशिक शतरंज प्रतियोगिता में काशी का प्रतिनिधित्व करेंगे।
बर्ड ओपनिंग बाजी -
यह शतरंज में सफेद मोहरों से चली जाने वाली एक आक्रामक शुरुआत है। इसमें सफेद मोहरों से खेलने वाला खिलाड़ी पहली चाल 1.f4 चलता है। इसका नाम उन्नीसवीं सदी के महान ब्रिटिश शतरंज खिलाड़ी हेनरी एडवर्ड बर्ड के नाम पर रखा गया।
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दूसरे बोर्ड पर शिष्य सईद जरताब के सामने उनके गुरु आर्यन वर्मा थे। सईद जरताब ने सफेद मोहरों से अपने गुरु आर्यन वर्मा के विरुद्ध घोड़े से ओपनिंग की और क्वीन के सामने से पैदल को आगे बढ़ाया। अंत में दोनों के सिर्फ राजा ही बोर्ड बचा इस वजह से मैच ड्रॉ हो गया। दोनों के पास साढ़े पांच अंक हो गए। तीसरे बोर्ड पर अनुभव गोंड ने नंदीश एस के विरुद्ध फ्रेंच डिफेंस (राजा के आगे पैदल से ओपनिंग) के माध्यम से शुरुआत से ही दबाव बनाया और पूरे खेल में अपनी स्थिति मजबूत बनाए रखी। 31वीं चाल में विरोधी को पर बढ़त बनाए रखा। मुकाबले में नंदीश का समय समाप्त हो गया और अनुभव ने महत्वपूर्ण जीत हासिल की। अनुभव गोंड ने छह अंक लेकर दूसरा स्थान हासिल कर लिया।
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चौथे बोर्ड पर शीर्ष वरीय डॉ. दिनेश कुमार पांडेय के लिए उज्ज्वल दुबे के विरुद्ध मुकाबला वाराणसी टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण था। डॉ. दिनेश ने काली मोहरों से किंग्स इंडियन डिफेंस अपनाया। इसके बाद भी अंतिम क्रम निर्धारण में टाई-ब्रेकर के बाद वह शीर्ष चार में जगह नहीं बना सके। पांचवें बोर्ड पर वाराणसी की दो खिलाड़ी रुद्र प्रताप श्रीवास्तव और स्वर श्रीवास्तव आमने-सामने थीं। रुद्र ने काली मोहरों से किंग्स इंडियन डिफेंस खेला। अंतिम खेल में जी-2 खाने पर काले मोहरों के हल्के खानों वाले सफेद ऊंट के लगातार दबाव ने निर्णायक भूमिका निभाई और रुद्र प्रताप श्रीवास्तव ने मुकाबला में साढ़े पांच अंक लेकर सातवें स्थान पर रहे।
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मुख्य अतिथि विद्यालय के प्राचार्य डॉ. आनंद सिंह ने खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया। संचालन अंकिता यादव, धन्यवाद ज्ञापन कार्यक्रम संयोजक अरविंद कुमार चौबे ने किया। इस अवसर पर वाराणसी चेस एसोसिएशन के महासचिव तुषार सारस्वत, सीके गांगुली, शाहाब अहमद फारूकी, राज रंजन, ईश्वर मौर्य मौजूद रहे।
प्रादेशिक में खेलेंगे काशी के चार खिलाड़ी
वाराणसी टीम के शीर्ष दो प्रतिष्ठित स्थानों के लिए पांच खिलाड़ी दौड़ में थे। फिडे के निर्धारित टाई-ब्रेकर नियमों के आधार पर अंतिम क्रम तय किया गया। वर्धन श्रीवास्तव प्रथम, अनुभव गोंड द्वितीय, आर्यन वर्मा तृतीय और सईद जरताब चतुर्थ स्थान पर रहे। इन चारों खिलाड़ियों का चयन वाराणसी की जिला टीम में हुआ। ये खिलाड़ी प 22 से 26 अक्तूबर तक गाजियाबाद में होने वाली प्रादेशिक शतरंज प्रतियोगिता में काशी का प्रतिनिधित्व करेंगे।
बर्ड ओपनिंग बाजी -
यह शतरंज में सफेद मोहरों से चली जाने वाली एक आक्रामक शुरुआत है। इसमें सफेद मोहरों से खेलने वाला खिलाड़ी पहली चाल 1.f4 चलता है। इसका नाम उन्नीसवीं सदी के महान ब्रिटिश शतरंज खिलाड़ी हेनरी एडवर्ड बर्ड के नाम पर रखा गया।