फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Accused denied anticipatory bail for concealing criminal history fraud crores name of investment

यूपी: आपराधिक इतिहास छिपाने पर आरोपी की अग्रिम जमानत खारिज, निवेश के नाम पर करोड़ों की धोखाधड़ी; जानें मामला

Fri, 09 Oct 2026 05:31 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Aman Vishwakarma Updated Fri, 09 Oct 2026 05:31 AM IST
सार

वाराणसी में निवेश के नाम पर चार लाख रुपये की धोखाधड़ी और धमकी के आरोपी कुशाग्र श्रीवास्तव की अग्रिम जमानत अर्जी अदालत ने खारिज कर दी। अपर सत्र न्यायाधीश आलोक कुमार ने आरोपी के खिलाफ तीन मुकदमे दर्ज होने और जमानत अर्जी में आपराधिक इतिहास का उल्लेख नहीं किए जाने को अहम आधार माना।

विज्ञापन
Accused denied anticipatory bail for concealing criminal history fraud crores name of investment
वाराणसी कोर्ट। - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

वाराणसी में निवेश के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी और जान से मारने की धमकी देने के आरोपी कुशाग्र श्रीवास्तव की अग्रिम जमानत अर्जी अपर सत्र न्यायाधीश आलोक कुमार की अदालत ने खारिज कर दी। अदालत ने आरोपी के खिलाफ दर्ज तीन मुकदमों और अग्रिम जमानत अर्जी में आपराधिक इतिहास छिपाने को अहम आधार माना।

विज्ञापन


एडीजीसी संतोष तिवारी के अनुसार, भेलूपुर क्षेत्र की नीलिमा सिंह ने आरोप लगाया था कि कुशाग्र श्रीवास्तव, उसकी पत्नी शुभांगी श्रीवास्तव और अन्य लोगों ने गुड लाइफ फाइनेंशियल हब और गुड लाइफ एचडीएफसी हब के नाम पर निवेश का झांसा देकर उनसे चार लाख रुपये लिए थे। आरोप है कि शुरुआत में कुछ समय तक निवेश पर ब्याज दिया गया, लेकिन बाद में भुगतान बंद कर दिया गया।
विज्ञापन


नीलिमा सिंह का आरोप है कि जब उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। मामले में कैंट थाने में 13 अगस्त 2026 को प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इसके बाद आरोपी की ओर से अदालत में अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दाखिल की गई।

विज्ञापन
विज्ञापन
Trending Videos

लालपुर-पांडेयपुर थाने में दो अन्य प्राथमिकी भी दर्ज हैं

अदालत में आरोपी ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि वादिनी को ब्याज समेत 1.23 लाख रुपये लौटाए जा चुके हैं और उसके ऊपर कोई रकम बकाया नहीं है। आरोपी ने मुकदमे को साजिश बताते हुए अग्रिम जमानत का अनुरोध किया।

अभियोजन की ओर से आरोपी की जमानत अर्जी का विरोध किया गया। अदालत ने पत्रावली और उपलब्ध तथ्यों का अवलोकन करने के बाद पाया कि आरोपी के खिलाफ मौजूदा मुकदमे के अलावा लालपुर-पांडेयपुर थाने में दो अन्य प्राथमिकी भी दर्ज हैं। इस तरह आरोपी के खिलाफ कुल तीन मुकदमों का आपराधिक इतिहास सामने आया।

अदालत ने अग्रिम जमानत अर्जी में आपराधिक इतिहास का उल्लेख नहीं किए जाने को गंभीरता से लिया। न्यायालय ने आरोपी के खिलाफ दर्ज मुकदमों और मामले की परिस्थितियों को देखते हुए अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया। सुनवाई के बाद कुशाग्र श्रीवास्तव की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी गई।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed