मंदिर प्रशासन ने निरस्त की कलश यात्रा की अनुमति, निर्जला एकादशी पर श्रद्धालुओं को नहीं मिलेंगे बाबा के दर्शन
निर्जला एकादशी पर दो दशक से निकलने वाली कलश यात्रा नहीं निकलेगी। एकादशी पर श्रद्धालुओं को बाबा का दर्शन नहीं मिल सकेगा। मंगलवार को निकलने वाली प्रतीकात्मक कलश यात्रा के लिए मंदिर प्रशासन ने जारी अनुमति को निरस्त कर दिया है। रविवार को काशी विशिष्ट विकास क्षेत्र के एसडीएम विनोद सिंह ने कलश यात्रा की अनुमति को निरस्त कर दिया।
उन्होंने बताया कि कोविड-19 के संक्रमण को देखते उच्चाधिकारियों के निर्देश पर तत्काल प्रभाव से कलश यात्रा को निरस्त किया गया है। दो जून को पडऩे वाली निर्जला एकादशी पर काशी मोक्षदायिनी समिति ने मंदिर के सीईओ से कलश यात्रा निकालने की अनुमति मांगी थी। निर्जला एकादशी की परंपरा को देखते हुए मुख्य कार्यपालक ने 30 मई को अनुमति दी थी।
इसमें 11 श्रद्धालुओं और चार डमरू वादकों को ही मंदिर में प्रवेश कराने का निर्देश दिया था। रविवार को अधिकारियों ने विचार विमर्श करने के बाद अनुमति को निरस्त कर दिया है। काशी मोक्षदायिनी समिति के संरक्षण निधिदेव अग्रवाल ने बताया कि यात्रा निरस्त होने का पत्र प्राप्त हो गया है। प्रशासन का जैसा आदेश होगा उसका पालन किया जाएगा।
दो दशक से निकलती रही है यात्रा
काशी विश्वनाथ मंदिर के पूर्व महंत डॉ. कुलपति तिवारी ने बताया कि निर्जला एकादशी के दिन होने वाले विशिष्ट आयोजन वार्षिक कलश यात्रा दो दशक से काशी में निकल रही है। प्रतिवर्ष इस दिन हजारों भक्तों के हुजूम के साथ गंगा तट से कलश यात्रा निकलती थी। शहर की कई बैंड पार्टियां, शहनाई व नगाड़ा वादकों की टोलियां इसमें शामिल होती हैं। श्रद्धालु विश्वनाथ मंदिर पहुंचकर जलाभिषेक करते थे।