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वैज्ञानिक खेती के बताए गुर
Updated Tue, 13 Jun 2017 01:55 AM IST
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नियामताबाद। कृषि विभाग के द्वारा सोमवार को राजकीय कृषि बीज भंडार केंद्र पर खरीफ गोष्ठी एवं कृषि मेले का आयोजन किया गया। मेले में पशुपालन, उद्यान, कृषि रक्षा, मृदा परीक्षण आदि का स्टाल लगाया गया। इसमें बतौर मुख्य अतिथि विधायक साधना सिंह तथा सीडीओ श्रीकृष्ण त्रिपाठी ने फीता काटकर मेले का शुभारंभ किया।
मेले में आये किसानों को कृषि विभाग द्वारा लगाये गये स्टाल पर धान की विभिन्न प्रजातियों, कीट नाशकों और ट्राइकोड्रामा के छिड़काव के बारे में बताया गया। पशु चिकित्साधिकारी जेपी सिंह ने किसानों को अधिक दूध देने वाली गाय और भैंस की नस्लों की जानकारी दी। इस दौरान विधायक साधना सिंह ने कहा कि केन्द्र और प्रदेश सरकार द्वारा किसानों के लिए कई योजनाओं का संचालन कर रही है। इससे किसानों को बेहतर लाभ भी मिल रहा है। उन्होंने ने किसानों को खेत में बुआई से पहले मृदा परीक्षण कराने पर जोर दिया। मुख्य विकास अधिकारी श्रीकृष्ण त्रिपाठी ने कहा कि किसान खेती के साथ पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन तथा फूलों की खेती करके अधिक मुनाफा कमा सकता है। कहा कि किसी भी प्रकार की खेती करने से पहले किसान को शोधित बीज और विशेषज्ञों से राय लेनी चाहिए। उप निदेशक कृषि आरके सिंह ने कहा कि किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अपनी फसल का बीमा कराकर लाभ ले सकते हैं। कहा कि शासन द्वारा किसानों को अनुदान पर बीज, कृषि यंत्र और खाद उपलब्ध कराया जा रहा है। गन्ना शोध संस्थान वाराणसी के निदेशक विनोद कुमार सिंह ने बताया कि गन्ने की शोधित बीज का प्रयोग करने से किसान कम खर्च में अधिक मुनाफा कमा सकता है। इस दौरान केबी सिंह, सदानंद पांडेय, राघवेन्द्र प्रताप सिंह, बृजकुमार सिंह, सूर श्याम, जयप्रकाश, जितेन्द्र वर्मा, मनीष मौर्य, विकाश कुमार, चंदन कुमार, अजय सिंह, मन्नन सिंह, मेवा सिंह, राजकेश्वर आदि मौजूद रहे।
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मेले में आये किसानों को कृषि विभाग द्वारा लगाये गये स्टाल पर धान की विभिन्न प्रजातियों, कीट नाशकों और ट्राइकोड्रामा के छिड़काव के बारे में बताया गया। पशु चिकित्साधिकारी जेपी सिंह ने किसानों को अधिक दूध देने वाली गाय और भैंस की नस्लों की जानकारी दी। इस दौरान विधायक साधना सिंह ने कहा कि केन्द्र और प्रदेश सरकार द्वारा किसानों के लिए कई योजनाओं का संचालन कर रही है। इससे किसानों को बेहतर लाभ भी मिल रहा है। उन्होंने ने किसानों को खेत में बुआई से पहले मृदा परीक्षण कराने पर जोर दिया। मुख्य विकास अधिकारी श्रीकृष्ण त्रिपाठी ने कहा कि किसान खेती के साथ पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन तथा फूलों की खेती करके अधिक मुनाफा कमा सकता है। कहा कि किसी भी प्रकार की खेती करने से पहले किसान को शोधित बीज और विशेषज्ञों से राय लेनी चाहिए। उप निदेशक कृषि आरके सिंह ने कहा कि किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अपनी फसल का बीमा कराकर लाभ ले सकते हैं। कहा कि शासन द्वारा किसानों को अनुदान पर बीज, कृषि यंत्र और खाद उपलब्ध कराया जा रहा है। गन्ना शोध संस्थान वाराणसी के निदेशक विनोद कुमार सिंह ने बताया कि गन्ने की शोधित बीज का प्रयोग करने से किसान कम खर्च में अधिक मुनाफा कमा सकता है। इस दौरान केबी सिंह, सदानंद पांडेय, राघवेन्द्र प्रताप सिंह, बृजकुमार सिंह, सूर श्याम, जयप्रकाश, जितेन्द्र वर्मा, मनीष मौर्य, विकाश कुमार, चंदन कुमार, अजय सिंह, मन्नन सिंह, मेवा सिंह, राजकेश्वर आदि मौजूद रहे।
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