{"_id":"597e44444f1c1b45708b464f","slug":"201501447236-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सड़कें-गलियां डूबीं, घरों-दुकानों में घुसा पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सड़कें-गलियां डूबीं, घरों-दुकानों में घुसा पानी
Updated Mon, 31 Jul 2017 02:26 AM IST
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वाराणसी। ढाई घंटे की झमाझम बारिश से रविवार की तड़के शहर की अधिकतर सड़कें और गलियां डूब गईं। कई जगह घरों-दुकानों में पानी घुसने से अफरातफरी मच गई। जलनिकासी के इंतजाम ध्वस्त होने से जगह-जगह सड़कों से घरों तक सीवर उफनाया। जलभराव के बीच गंदगी और दुर्गंध से इतनी सांसत कि लोग बारिश के घंटों बाद तक घरों में कैद होकर रह गए। शहर के सबसे व्यस्त बाजारों में शामिल गोदौलिया, नई सड़क से गुरुबाग, रथयात्रा तक जलभराव से अफरातफरी मची। कमच्छा, भेलूपुर और लंका के अलावा अंधरापुल, तेलियाबाग से चौकाघाट और फिर अर्दलीबाजार, भोजूबीर, पांडेयपुर तक दुश्वारियां ऐसी ही थीं। पांडेयपुर और वरुणापार के हिस्सों में भी जलभराव और गंदगी से लोग बेहाल हुए।
घंटे-दो घंटे की बारिश में जलभराव से बेहाल होते शहर में जलनिकासी के नगर निगम प्रशासन के दावों की लगातार धज्जियां उड़ रही हैं। सावन मेला के बावजूद प्रमुख मार्गों के भी नाले-नालियां और सीवर लाइनें दुरुस्त नहीं हैं। बारिश के पानी की निकासी न हो पाने के साथ ही सबसे बड़ी समस्या सीवर के ओवरफ्लो करने या फिर बैक मारने की है। भोर में ढाई घंटे की बारिश के बाद अधिकतर मुहल्लों, कॉलोनियों में लोग पूरे दिन परेशान हुए। कई इलाकों में तो शाम तक पानी भरा हुआ था। रवींद्रपुरी मार्ग पर तो करीब डेढ़ किमी तक पानी भरने से लोग परेशान हुए। सिगरा-सोनिया इलाके में भी जगह-जगह जलभराव से मुसीबत हुई। सोनिया तालाब की जलकुंभी बहकर आसपास के इलाकों तक पहुंच गई। महमूरगंज के शिवाजी नगर के अलावा बजरडीहा, सरैया क्षेत्र के कई मुहल्लों में लोग घरों में घुसा पानी निकालने के लिए जूझते रहे।
ट्रेनों के परिचालन में आई दिक्कत
कैंट स्टेशन पर रेल पटरी पर जलभराव से करीब दो घंटे तक परिचालन में दिक्कतें आईं। ऑन काल ट्रेनों का परिचालन कराया गया। वहीं, रेलवे कॉलोनियों में सीवर उफनाकर आवासों तक पहुंच गया। कई बेसिक और माध्यमिक स्कूलों के परिसर में पानी भर गया।
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घंटे-दो घंटे की बारिश में जलभराव से बेहाल होते शहर में जलनिकासी के नगर निगम प्रशासन के दावों की लगातार धज्जियां उड़ रही हैं। सावन मेला के बावजूद प्रमुख मार्गों के भी नाले-नालियां और सीवर लाइनें दुरुस्त नहीं हैं। बारिश के पानी की निकासी न हो पाने के साथ ही सबसे बड़ी समस्या सीवर के ओवरफ्लो करने या फिर बैक मारने की है। भोर में ढाई घंटे की बारिश के बाद अधिकतर मुहल्लों, कॉलोनियों में लोग पूरे दिन परेशान हुए। कई इलाकों में तो शाम तक पानी भरा हुआ था। रवींद्रपुरी मार्ग पर तो करीब डेढ़ किमी तक पानी भरने से लोग परेशान हुए। सिगरा-सोनिया इलाके में भी जगह-जगह जलभराव से मुसीबत हुई। सोनिया तालाब की जलकुंभी बहकर आसपास के इलाकों तक पहुंच गई। महमूरगंज के शिवाजी नगर के अलावा बजरडीहा, सरैया क्षेत्र के कई मुहल्लों में लोग घरों में घुसा पानी निकालने के लिए जूझते रहे।
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ट्रेनों के परिचालन में आई दिक्कत
कैंट स्टेशन पर रेल पटरी पर जलभराव से करीब दो घंटे तक परिचालन में दिक्कतें आईं। ऑन काल ट्रेनों का परिचालन कराया गया। वहीं, रेलवे कॉलोनियों में सीवर उफनाकर आवासों तक पहुंच गया। कई बेसिक और माध्यमिक स्कूलों के परिसर में पानी भर गया।
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