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विश्वनाथ मंदिर के लिए खरीदे गए भवन का ध्वस्तीकरण शुरू
Updated Sun, 14 Jan 2018 02:37 AM IST
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वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर की ओर से खरीदे गए भवन का ध्वस्तीकरण शनिवार को शुरू करा दिया गया। सरस्वती फाटक के नीलकंठ प्वाइंट के पास स्थित इस भवन को दिन में ध्वस्त कराए जाने से न सिर्फ आवाजाही बाधित हुई बल्कि यहां कारोबार ठप रहने के साथ दुकानदारों, स्थानीय लोगों और दर्शनार्थियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
उनका कहना था कि भवन तोड़ने की कार्रवाई दिन के बजाए देर रात की जानी चाहिए थी। दिन में ध्वस्तीकरण होने से नीलकंठ प्वाइंट से सरस्वती फाटक के बीच की दो दर्जन से अधिक दुकानें बंद रहीं। रास्ता बंद होने से पर्यटक और दर्शनार्थियों को भी परेशान होना पड़ा। गौरतलब है कि विश्वनाथ मंदिर विस्तार योजना के तहत मंदिर प्रशासन ने यह भवन खरीदा था। ध्वस्तीकरण के बाद नीलकंठ प्वाइंट से मंदिर तक का रास्ता चौड़ा होने के साथ दुकानें व्यवस्थित की जाएंगी।
किराएदारों को भवन खाली करने का निर्देश
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन द्वारा क्रय किए गए भवनों का मुख्य कार्यपालक अधिकारी एसएन त्रिपाठी ने शनिवार को मुआयना किया। इसके साथ ही खाली जगहों पर होने वाले निर्माण पर भी मंत्रणा की। उन्होंने बताया कि मंदिर विस्तारीकरण के लिए अब तक तीन भवन तोड़े जा चुके हैं। तीन भवनों में अभी किरायेदार काबिज हैं, जिन्हें खाली करने के लिए नोटिस दिया गया है।
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उनका कहना था कि भवन तोड़ने की कार्रवाई दिन के बजाए देर रात की जानी चाहिए थी। दिन में ध्वस्तीकरण होने से नीलकंठ प्वाइंट से सरस्वती फाटक के बीच की दो दर्जन से अधिक दुकानें बंद रहीं। रास्ता बंद होने से पर्यटक और दर्शनार्थियों को भी परेशान होना पड़ा। गौरतलब है कि विश्वनाथ मंदिर विस्तार योजना के तहत मंदिर प्रशासन ने यह भवन खरीदा था। ध्वस्तीकरण के बाद नीलकंठ प्वाइंट से मंदिर तक का रास्ता चौड़ा होने के साथ दुकानें व्यवस्थित की जाएंगी।
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किराएदारों को भवन खाली करने का निर्देश
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन द्वारा क्रय किए गए भवनों का मुख्य कार्यपालक अधिकारी एसएन त्रिपाठी ने शनिवार को मुआयना किया। इसके साथ ही खाली जगहों पर होने वाले निर्माण पर भी मंत्रणा की। उन्होंने बताया कि मंदिर विस्तारीकरण के लिए अब तक तीन भवन तोड़े जा चुके हैं। तीन भवनों में अभी किरायेदार काबिज हैं, जिन्हें खाली करने के लिए नोटिस दिया गया है।
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