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गलियों में भवन निर्र्माण के नियम बदलने की सलाह
Updated Tue, 27 Nov 2018 01:35 AM IST
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वाराणसी। काशी की प्राचीन गलियों और इनमें रहने वालों की परेशानियों की ओर ध्यान दिलाते हुए सपा एमएलसी शतरुद्र प्रकाश ने वाराणसी धरोहर संरक्षण समिति में प्रस्ताव रखकर भवन निर्माण के बारे में वीडीए के नियमों को अनुपयुक्त और अव्यावहारिक बताया है। सोमवार को हुई समिति की बैठक में वीडीए को नियमों में बदलाव करने का सुझाव दिया है। कहा गया कि गलियों में मानकों के अनुसार निर्माण कराना संभव नहीं है। इसका पालन कराने पर काशी की सुंदरता समाप्त होना तय है।
काशी की धरोहरें बचाने, उनके संरक्षण और उनके जीर्णोद्धार के लिए समिति बनाई गई है। बैठक में काशी में गंगा तट के किनारे की इलाकों की प्रसिद्घ गलियों में भवन निर्माणों पर चर्चा में शतरुद्र प्रकाश ने समिति को प्रस्ताव दिया। प्रस्ताव में वाराणसी विकास प्राधिकरण के उपविधि 2008 के 2.5.1 के नियमों को इन गलियों में अव्यावहारिक और औचित्यहीन बताया गया। कहा, इस नियम का काशी की गलियों में पालन कराना संभव नहीं है। अगर पालन कराया गया तो इन गलियों का अस्तित्व ही खतरे में पड़ जाएगा। समिति ने वीडीए उपाध्यक्ष को इस प्रस्ताव पर तत्काल कार्रवाई करने की सलाह दी है। बताया गया कि नियमों में बदलाव से काफी लोग लाभान्वित होंगे।
न्यायालय ने भी दिया है आदेश
बैठक में बताया गया कि विश्वविख्यात गलियों के मामले में इलाहाबाद उच्चन्यायालय द्वारा भी आदेश दिए गए हैं। इस आदेश में उपविधि 2008 के 3.1.10 में महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं। इसलिए महानगर के पौराणिक क्षेत्र के मूल स्वरूप को बनाए रखने के लिए उपविधि के 2.5.1 को विलुप्त किया जाए।
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उपविधि से हो रही परेशानी
वीडीए के भवन निर्माण की उपविधि 2008 के 2.5.1 के अनुसार सड़क की चौड़ाई चार मीटर से कम होने पर भूखंड का अग्र भाग सड़क की मध्य रेखा से दो मीटर दूर होगा। इसमें फ्रंट सेटबैक भी छोड़ा जाएगा। नियमों के चलते गलियों में रहने वालों को निर्माण कराने में परेशानी आ रही है। लोग साठगांठ कर निर्माण कराते हैं।
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काशी की धरोहरें बचाने, उनके संरक्षण और उनके जीर्णोद्धार के लिए समिति बनाई गई है। बैठक में काशी में गंगा तट के किनारे की इलाकों की प्रसिद्घ गलियों में भवन निर्माणों पर चर्चा में शतरुद्र प्रकाश ने समिति को प्रस्ताव दिया। प्रस्ताव में वाराणसी विकास प्राधिकरण के उपविधि 2008 के 2.5.1 के नियमों को इन गलियों में अव्यावहारिक और औचित्यहीन बताया गया। कहा, इस नियम का काशी की गलियों में पालन कराना संभव नहीं है। अगर पालन कराया गया तो इन गलियों का अस्तित्व ही खतरे में पड़ जाएगा। समिति ने वीडीए उपाध्यक्ष को इस प्रस्ताव पर तत्काल कार्रवाई करने की सलाह दी है। बताया गया कि नियमों में बदलाव से काफी लोग लाभान्वित होंगे।
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न्यायालय ने भी दिया है आदेश
बैठक में बताया गया कि विश्वविख्यात गलियों के मामले में इलाहाबाद उच्चन्यायालय द्वारा भी आदेश दिए गए हैं। इस आदेश में उपविधि 2008 के 3.1.10 में महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं। इसलिए महानगर के पौराणिक क्षेत्र के मूल स्वरूप को बनाए रखने के लिए उपविधि के 2.5.1 को विलुप्त किया जाए।
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उपविधि से हो रही परेशानी
वीडीए के भवन निर्माण की उपविधि 2008 के 2.5.1 के अनुसार सड़क की चौड़ाई चार मीटर से कम होने पर भूखंड का अग्र भाग सड़क की मध्य रेखा से दो मीटर दूर होगा। इसमें फ्रंट सेटबैक भी छोड़ा जाएगा। नियमों के चलते गलियों में रहने वालों को निर्माण कराने में परेशानी आ रही है। लोग साठगांठ कर निर्माण कराते हैं।