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संघर्ष के लिए कमर कसें, हक तभी मिलेगा

Sat, 04 Nov 2017 02:26 AM IST
Updated Sat, 04 Nov 2017 02:26 AM IST
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संघर्ष के लिए कमर कसें, हक तभी मिलेगा
वाराणसी। केंद्र सरकार सिर्फ कहती, करती कुछ नहीं है। कर्मचारियों की समस्याओं से सरकार का कोई लेना-देना नहीं है। अब हमारे पास संघर्ष के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा। यदि कर्मचारियों को अपना हक चाहिए तो लड़ाई के लिए कमर कस लें। 15-16 नवंबर को गोरखपुर में होने वाले एआईआरएफ के महा अधिवेशन में इसकी रणनीति तय की जाएगी। ये बातें एआईआरएफ और नार्दन रेलवे मेंस यूनियन के केंद्रीय महामंत्री शिव गोपाल मिश्र ने शुक्रवार को नर्मू के कार्यालय में पत्रकारों से कहीं।
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उन्होंने युवा रेल कर्मचारियों से धैर्य रखने की अपील की। कहा कि किसी प्रकार का शार्टकट न अपनाएं। देर हो जाए पर संरक्षा का पूरा ख्याल रखें। रेलवे के कैंसर अस्पताल के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि रेलवे बोर्ड ने अस्पताल के अधिग्रहण के दौरान कर्मचारियों के हितों का ध्यान नहीं रखा। महामंत्री ने कहा कि बोर्ड ने कर्मचारियों के लिए हेल्थ स्मार्ट कार्ड जारी करने का वादा किया है। यदि यह वादा पूरा नहीं किया जाता तो कर्मचारी इसका जवाब देंगे। उन्होंने न्यूनतम वेतनमान 18 हजार से 21 हजार हजार किए जाने की बात को उन्होंने गलत सूचना बताया। वहीं, सातवें वेतन आयोग की विसंगतियों और नई पेंशन स्कीम के विरोध में किए गए संघर्ष के बारे में शिव गोपाल ने कहा कि चार कमेटियां बनाई गई हैं। कर्मचारियों के हित में फैसले हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि पांच लाख युवा कर्मचारियों के भविष्य से जुड़ी पुरानी पेंशन योजना से समझौता नही किया जाएगा। उन्होंने निजीकरण पर नाराजगी जताई। कहा कि 1000 डीजल रेल इंजन के लिए बाहर की कंपनियों से समझौते हो रहे हैं जबकि डीरेका का उत्पादन लक्ष्य घटाया जा रहा है। यह कर्मचारी के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
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रिक्त पदों पर भर्ती और प्रोन्नति की वकालत
वाराणसी। नार्दन रेलवे मेंस यूनियन वाराणसी शाखा के संयोजन में शुक्रवार को ट्रेड यूनियन प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। इसके मुख्य अतिथि नर्मू के केंद्रीय महामंत्री शिव गोपाल मिश्र ने कहा कि भारतीय रेल के प्रति विदेशी कंपनियों के रुझान के पीछे सरकार मंशा ठीक नहीं है। इसके माध्यम से सरकार निजीकरण, निगमीकरण व विदेशी पूंजी निवेश को बढ़ावा देना चाहती है।
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यूनियन भवन के सभागार में हुए कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ने रेल कर्मचारियों के बच्चों, आश्रितों की भर्ती की मांग को दोहराया। साथ ही एलाउंसेज कमेटी की रिपोर्ट, न्यूनतम वेतन के फार्मूले में सुधार जैसे विषयों पर चर्चा की। इस मौके पर रिक्त पदों पर भर्ती और पदोन्नति का मुद्दा भी उठाया गया। मंडल अध्यक्ष राजेश सिंह, मंडल मंत्री आरके पांडेय, जोनल युवा संयोजक मनोज श्रीवास्तव और मंडलीय युवा संयोजक सुधीर तिवारी ने भी विचार रखे। इस दौरान जनरल शाखा के मंत्री सुनील सिंह, लाइन शाखा के मंत्री डीके सिंह व राजकुमार और एनई रेलवे मजदूर यूनियन के मंत्री राना राजेश रंजन भी मौजूद रहे।
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