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झूम कर बरसे बादल, फिर लौटी ठंड
Updated Wed, 14 Feb 2018 01:16 AM IST
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ज्ञानपुर। सोमवार रात आंधी और बूंदाबांदी होने के बाद मंगलवार को दिन में झूम कर बादल बरसे। झमाझम बरसात होने से जगह-जगह भारी जलभराव हो गया। फसलों के लिए यह बारिश फायदेमंद मानी जा रही है लेकिन तेज हवाएं चलने से काफी नुकसान पहुंचा है। वहीं, मौसम के बदलाव से एक बार फिर से ठंड लौट आई है।
सोमवार को हुई बूंदाबांदी रात में मूसलाधार बारिश में तब्दील हो गई। रात्रि 11 बजे के आसपास शुरू हुई बारिश ढाई बजे के बाद तक झमाझम होती रही। इसके बाद मंगलवार को दोपहर में दो से ढाई बजे तक आसमान में छाए बादलों ने पानी बरसाए। इससे दुर्गागंज त्रिमुहानी के अलावा पुरानी कलेक्ट्रेट के सामने, पुरानी देहाती, जीआईसी मैदान, पुलिस लाइन आदि इलाकों में जलभराव हो गया। बारिश के साथ ठंडी हवाएं चलने से तापमान में गिरावट आ गई। इससे लोगों ने बढ़ी सर्दी का एहसास किया। सुबह जगह-जगह पानी भर जाने से आवागमन में भी बाधा आई। इस बारिश को फसलों के लिए फायदेमंद माना जा रहा है। किसानों ने कहा कि बारिश से गेहूं की फसल को अधिक फायदा होगा। अन्य फसलें भी लाभान्वित होंगी। औराई के रामजी यादव ने कहा कि अब गेहूं की सिंचाई की जरूरत शायद नहीं पड़ेगी। इसी बारिश से काम हो जाएगा। मोढ़ के सुरेंद्र पांडेय ने कहा कि सरसों और अरहर की फसल पर बारिश का असर पड़ सकता है। फूलों के झड़ने की आशंका रहती है। कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां के कृषि वैज्ञानिक डॉ. एके चतुर्वेदी ने कहा कि बारिश बढ़ी तो सरसों में माहो लगने का खतरा हो जाएगा। इसके लिए किसानों को सतर्क रहना चाहिए और दवा का छिड़काव कर देना चाहिए। हालांकि अब तक की बारिश लगभग सभी फसलों के लिए फायदेमंद ही रही है। मंगलवार को देर शाम तक आसमान साफ नहीं हुआ था। इससे देर रात बारिश की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा था।
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सोमवार को हुई बूंदाबांदी रात में मूसलाधार बारिश में तब्दील हो गई। रात्रि 11 बजे के आसपास शुरू हुई बारिश ढाई बजे के बाद तक झमाझम होती रही। इसके बाद मंगलवार को दोपहर में दो से ढाई बजे तक आसमान में छाए बादलों ने पानी बरसाए। इससे दुर्गागंज त्रिमुहानी के अलावा पुरानी कलेक्ट्रेट के सामने, पुरानी देहाती, जीआईसी मैदान, पुलिस लाइन आदि इलाकों में जलभराव हो गया। बारिश के साथ ठंडी हवाएं चलने से तापमान में गिरावट आ गई। इससे लोगों ने बढ़ी सर्दी का एहसास किया। सुबह जगह-जगह पानी भर जाने से आवागमन में भी बाधा आई। इस बारिश को फसलों के लिए फायदेमंद माना जा रहा है। किसानों ने कहा कि बारिश से गेहूं की फसल को अधिक फायदा होगा। अन्य फसलें भी लाभान्वित होंगी। औराई के रामजी यादव ने कहा कि अब गेहूं की सिंचाई की जरूरत शायद नहीं पड़ेगी। इसी बारिश से काम हो जाएगा। मोढ़ के सुरेंद्र पांडेय ने कहा कि सरसों और अरहर की फसल पर बारिश का असर पड़ सकता है। फूलों के झड़ने की आशंका रहती है। कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां के कृषि वैज्ञानिक डॉ. एके चतुर्वेदी ने कहा कि बारिश बढ़ी तो सरसों में माहो लगने का खतरा हो जाएगा। इसके लिए किसानों को सतर्क रहना चाहिए और दवा का छिड़काव कर देना चाहिए। हालांकि अब तक की बारिश लगभग सभी फसलों के लिए फायदेमंद ही रही है। मंगलवार को देर शाम तक आसमान साफ नहीं हुआ था। इससे देर रात बारिश की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा था।
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