{"_id":"d525f998-b1c8-11e2-851b-d4ae52bc57c2","slug":"up-life-imprisonment-escaped-criminal-court-hearing","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपी: उम्रकैद सुनते ही कोर्ट से भाग गया मुजरिम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी: उम्रकैद सुनते ही कोर्ट से भाग गया मुजरिम
मुजफ्फरनगर/ब्यूरो
Updated Wed, 01 May 2013 12:54 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तरप्रदेश के मुजफ्फनगर जनपद में अहसान की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा सुनते ही अभियुक्त सुनहरी कोर्ट से फरार हो गया। अदालत ने तीनों अभियुक्तों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
विज्ञापन
सुनहरी की गिरफ्तारी के लिए वारंट जारी किया गया। तीसरा अभियुक्त कृष्णपाल भी कोर्ट नहीं पहुंचा।
मीरापुर थाना क्षेत्र के गांव तुलहेड़ी में गन्ना तौल केंद्र के चौकीदार अहसान (60) की तीन फरवरी 2007 को हत्या कर दी गई थी।
मृतक के पुत्र हसरत ने गांव के ही कृष्णपाल, विनोद और सुनहरी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
सुनहरी और कृष्णपाल को जमानत मिल गई थी, जबकि विनोद जिला कारागार में बंद है। मंगलवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-9 चंद्रभूषण सिंह ने तीनों को दोषी करार दिया।
विज्ञापन
धारा 302 में आजीवन कारावास और 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया गया। सुनहरी और विनोद को दफा 25 में तीन-तीन साल की सजा सुनाई गई। सजा सुनते ही सुनहरी मौका देखकर कोर्ट से फरार हो गया।
विज्ञापन
उधर, जमानत पर चल रहा अभियुक्त कृष्णपाल कोर्ट ही नहीं पहुंचा। शासकीय अधिवक्ता सीताराम आर्य और इनाम इलाही ने बताया कि सुनहरी के गिरफ्तारी वारंट जारी करने के साथ-साथ जमानत राशि जब्त करने की कार्रवाई की गई है। तीसरे अभियुक्त विनोद को जेल से पेशी पर लाया गया था।
इसलिए भाग गया सुनहरी
मुजफ्फरनगर। एडीजे कोर्ट संख्या नौ के कोर्ट मोहर्रिर योगेश छुट्टी पर था। दोष सिद्ध होने के बाद कोर्ट ने विशेष अदालत के मोहर्रिर को बुलावा भेजा, लेकिन वह समय से नहीं पहुंच सका।
बगैर हथकड़ी के कटघरे में खड़ा सुनहरी मौका पाकर फरार हो गया। एसएसपी को भी पत्र लिखा गया है। दो महीने पहले भी सजा सुनते ही पुलिस का सिपाही कोर्ट से फरार हो गया था, बाद में वह खुद पेश हो गया।
क्या था अहसान हत्याकांड?
मुजफ्फरनगर। तुलहेड़ी का अहसान तौल केंद्र पर चौकीदारी के लिए गया था। अधिवक्ता ओंकार सिंह तोमर ने बताया कि तौल केंद्र पर अभियुक्त बांट चोरी करने पहुंचे।
विरोध करने पर कहासुनी हो गई। अभियुक्तों ने अहसान को जंगल में ले जाकर धारदार हथियारों और गोली मारकर हत्या कर दी। शव तीन दिन बाद बरामद हुआ था। 12 गवाह वादी पक्ष की ओर से पेश किए गए।