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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   UP Elections: Amit Shah to Revive 2017 Strategy, Address Party Grievances; PM Modi Also Likely to Visit

यूपी: 2017 के फार्मूले पर चुनावी रणनीति की बुनियाद, शाह करेंगे गिले-शिकवे दूर करने की कोशिश; पीएम भी आएंगे

Sat, 24 Oct 2026 09:34 AM IST
Sharukh Khan हिमांशु मिश्र, अमर उजाला, नई दिल्ली
हिमांशु मिश्र, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Sharukh Khan Updated Sat, 24 Oct 2026 09:34 AM IST
सार

उत्तर प्रदेश में प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में शिकरत करने के बहाने गृहमंत्री अमित शाह नब्ज टटोलेंगे। 2017 की तर्ज पर चुनावी रणनीति की बुनियाद तैयार होगी। इस महीने के अंतिम सप्ताह में पीएम मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन समेत कई नेताओं का यूपी दौरा होगा।
 

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UP Elections: Amit Shah to Revive 2017 Strategy, Address Party Grievances; PM Modi Also Likely to Visit
UP Elections - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

गृह मंत्री अमित शाह उत्तर प्रदेश के अहम चुनावी समर में पूरी ताकत से उतरने से पहले प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में शिकरत करने के बहाने सूबे की सियासी नब्ज टटोलेंगे। आगामी 30 और 31 अक्टूबर को शाह पार्टी पदाधिकारियों और शीर्ष नेताओं के साथ बैठक कर पहले हालात का जायजा लेंगे। 
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इसके बाद नवंबर में सहयोगी दलों के नेताओं, बूथ अध्यक्षों, शक्ति केंद्र के संयोजकों और कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद के जरिये जमीनी चुनौतियों-कठिनाईयों से रूबरू होंगे। उनकी योजना जीत की हैट्रिक लगाने के लिए दो तिहाई बहुमत दिलाने वाले 2017 के फार्मूले को जमीन पर उतारने की है।
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दरअसल पश्चिम बंगाल के बाद पंजाब के मोर्चे पर जुटे शाह अब तक उत्तर प्रदेश में सक्रिय नहीं हो पाए थे। पंजाब में अब शिरोमणि अकाली दल से पार्टी का गठबंधन तय है। इसके अलावा तय रणनीति के मुताबिक नशे के खिलाफ पूरे राज्य में यात्रा जारी है, ऐसे में शाह अब सियासी दृष्टि से सबसे अहम राज्य उत्तर प्रदेश में एक बार फिर से मोर्चा संभालने के लिए तैयार हैं। पार्टी सूत्रों ने कहा कि इस क्रम में अपने पहले दो दिवसीय दौरे में शाह की योजना पार्टी पदाधिकारियों से फीडबैक हासिल कर प्रदेश का सियासी नब्ज टटोलने की होगी।
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नवंबर में बढ़ेगी सक्रियता
नवंबर महीने में गृह मंत्री प्रमुख कार्यकर्ताओं, बूथ अध्यक्षों, शक्ति केंद्र के संयोजकों से मुलाकात करेंगे। इसी क्रम में उनकी सहयोगी दलों के नेताओं से भी बातचीत होगी। कई चरण में होने वाली इन मुलाकातों का मकसद पार्टी की मजबूती और कमजोरियों का आकलन करना होगा। 

 
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सूत्र ने बताया कि 2017 में शाह ने नए सहयोगी दलों के साधने के साथ गैरजाटव दलित और गैरयादव ओबीसी को साधने के लिए विशेष रणनीति तैयार करने के साथ कार्यकर्ताओं की नाराजगी दूर करने की सीधी मुहिम चलाई थी। इस बार भी उनकी योजना जमीनी वस्तुस्थिति से पूरी तरह परिचित होने के बाद रणनीति बनाने की है।

 

गिले-शिकवे दूर करने की होगी कोशिश
इस क्रम में शाह सहयोगियों की नहीं बल्कि प्रमुख कार्यकर्ताओं और नेताओं के गिले शिकवे भी दूर करेंगे। 2017 में शाह ने इसी रास्ते को अपना कर सभी प्रमुख कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद कर उनकी नाराजगी दूर की थी।
 

अंतिम हफ्ते बढ़ेगी हलचल
भाजपा की सूबे की राजनीति के लिए इस महीने का अंतिम सप्ताह हलचल भरा होगा। रविवार को प्रधानमंत्री एयर शो के बहाने वाराणसी में होंगे। इस दौरान कई कार्यक्रमों के साथ पीएम खोचवां में स्थानीय महिलाओं से संवाद करेंगे।

इसके बाद अध्यक्ष नितिन नवीन सहयोगी एसबीएसपी प्रमुख ओमप्रकाश राजभर की आजमगढ़ की 27 अक्टूबर की रैली में शिकरत करेंगे। महीने के अंतिम दो दिन शाह लखनऊ में डेरा डालेंगे।
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