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UP Election 2022: इटावा में आज सत्ता का संग्राम, महिलाओं-युवाओं से होगी बात, नेताओं से पूछे जाएंगे सवाल
Tue, 23 Nov 2021 01:31 AM IST
हिमांशु मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा
Published by: हिमांशु मिश्रा
Updated Tue, 23 Nov 2021 01:31 AM IST
सार
'अमर उजाला' का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' आज (मंगलवार को) इटावा में होगा। आजादी की लड़ाई में इटावा की भूमिका भी काफी अहम रही। यमुना और चंबल नदी का संगम भी यहां है। समाजवादी पार्टी का गढ़ कहे जाने वाले इस जिले में तीन विधानसभा सीटें हैं। 2017 में इनमें दो पर भाजपा ने जीत हासिल की थी, एक पर समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़े शिवपाल सिंह यादव जीते थे।
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इटावा, उत्तर प्रदेश चुनाव 2022
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
इटावा शुरू से ही समाजवादी पार्टी का गढ़ रहा है। यहां मुलायम सिंह यादव, अखिलेश यादव और शिवपाल सिंह यादव का पूरा परिवार रहता है। यही कारण है कि इस जिले में ज्यादातर समाजवादी पार्टी का ही दबदबा रहा है। हालांकि, 2017 में मोदी और योगी की लहर में यहां समाजवादी पार्टी को तगड़ा झटका लगा था। यहां की तीन सीटों में से दो सीटें भाजपा के कब्जे में चली गई थीं।
अब पांच साल बाद यानी अगले साल फिर से विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में यहां की राजनीति फिर से गर्म होने लगी है। कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। मसलन क्या भाजपा सरकार यहां के लोगों की उम्मीदों पर खरी उतरी है? भाजपा ने यहां के लोगों को क्या खास दिया, जो समाजवादी पार्टी ने लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद नहीं दिया। यहां आम लोगों के लिए चुनाव में मुद्दे क्या होंगे? युवा, महिलाएं और बुजुर्ग सरकार की किन फैसलों से खुश हैं और किनसे नाराज? इन सवालों का जवाब जानने के लिए आज 'अमर उजाला' का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' इटावा पहुंचेगा।
चाय पर चर्चा से शुरू होने वाले इस कार्यक्रम में महिलाओं, युवाओं और प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं से बातचीत होगी। आप भी 'अमर उजाला' के इस मंच से जुड़ सकते हैं। इसके जरिए आप अपने क्षेत्र, शहर, राज्य और देश के हर मुद्दों को उठा पाएंगे। आप बता पाएंगे कि आने वाले चुनाव में नेताओं और राजनीतिक दलों से आपको क्या उम्मीदें हैं? किन मसलों को लेकर आप वोट करेंगे और नेताओं से आप क्या चाहते हैं?
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कब और कहां होंगे कार्यक्रम?
1. सुबह 9 बजे
चाय पर चर्चा
स्थानः रेलवे स्टेशन के पास घोड़ा टी स्टॉल
2. दोपहर 12 बजे
आधी आबादी पर चर्चा
स्थानः इटावा क्लब, सिविल लाइन थाने के पास इटावा
3. दोपहर दो बजे
युवाओं से चर्चा
स्थान-इटावा क्लब, सिविल लाइन थाने के पास इटावा
4. शाम चार बजे
राजनीतिक दलों के अध्यक्षों से चर्चा
स्थान-इटावा क्लब, सिविल लाइन थाने के पास इटावा
अब तक इन जिलों में हुआ कार्यक्रम
अब तक पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में 'अमर उजाला' का यह कार्यक्रम हो चुका है। गाजियाबाद से शुरू हुआ 'सत्ता का संग्राम' मुरादाबाद, रामपुर, अमरोहा, बरेली, बदायूं, पीलीभीत, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, फर्रुखाबाद होते हुए कन्नौज पहुंच चुका है। अगला पड़ाव इटावा है।
'सत्ता का संग्राम' में क्या होगा खास?
चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' के तहत अमर उजाला हर वर्ग के मतदाताओं तक पहुंचेगा। महिलाओं-युवाओं से संवाद होगा और राजनीतिक हस्तियों से सीधे सवाल पूछे जाएंगे। अमर उजाला आपको एक मंच दे रहा है, जहां आप बातों को रख सकेंगे, ताकि जब राजनीतिक हस्तियां चुनावी रैलियां करने आएं तो उन्हें आपसे जुड़े जमीनी मुद्दे भी याद रहें।
विशेष प्रोत्साहन की व्यवस्था
'सत्ता का संग्राम' से जुड़े कार्यक्रमों में जमीनी स्तर पर हिस्सा लेने वाले दर्शकों और श्रोताओं के लिए विशेष प्रोत्साहन की भी व्यवस्था की गई है।
इस विशेष कवरेज को आप कहां देख सकेंगे?
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अब पांच साल बाद यानी अगले साल फिर से विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में यहां की राजनीति फिर से गर्म होने लगी है। कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। मसलन क्या भाजपा सरकार यहां के लोगों की उम्मीदों पर खरी उतरी है? भाजपा ने यहां के लोगों को क्या खास दिया, जो समाजवादी पार्टी ने लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद नहीं दिया। यहां आम लोगों के लिए चुनाव में मुद्दे क्या होंगे? युवा, महिलाएं और बुजुर्ग सरकार की किन फैसलों से खुश हैं और किनसे नाराज? इन सवालों का जवाब जानने के लिए आज 'अमर उजाला' का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' इटावा पहुंचेगा।
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चाय पर चर्चा से शुरू होने वाले इस कार्यक्रम में महिलाओं, युवाओं और प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं से बातचीत होगी। आप भी 'अमर उजाला' के इस मंच से जुड़ सकते हैं। इसके जरिए आप अपने क्षेत्र, शहर, राज्य और देश के हर मुद्दों को उठा पाएंगे। आप बता पाएंगे कि आने वाले चुनाव में नेताओं और राजनीतिक दलों से आपको क्या उम्मीदें हैं? किन मसलों को लेकर आप वोट करेंगे और नेताओं से आप क्या चाहते हैं?
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कब और कहां होंगे कार्यक्रम?
1. सुबह 9 बजे
चाय पर चर्चा
स्थानः रेलवे स्टेशन के पास घोड़ा टी स्टॉल
2. दोपहर 12 बजे
आधी आबादी पर चर्चा
स्थानः इटावा क्लब, सिविल लाइन थाने के पास इटावा
3. दोपहर दो बजे
युवाओं से चर्चा
स्थान-इटावा क्लब, सिविल लाइन थाने के पास इटावा
4. शाम चार बजे
राजनीतिक दलों के अध्यक्षों से चर्चा
स्थान-इटावा क्लब, सिविल लाइन थाने के पास इटावा
अब तक इन जिलों में हुआ कार्यक्रम
अब तक पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में 'अमर उजाला' का यह कार्यक्रम हो चुका है। गाजियाबाद से शुरू हुआ 'सत्ता का संग्राम' मुरादाबाद, रामपुर, अमरोहा, बरेली, बदायूं, पीलीभीत, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, फर्रुखाबाद होते हुए कन्नौज पहुंच चुका है। अगला पड़ाव इटावा है।
'सत्ता का संग्राम' में क्या होगा खास?
चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' के तहत अमर उजाला हर वर्ग के मतदाताओं तक पहुंचेगा। महिलाओं-युवाओं से संवाद होगा और राजनीतिक हस्तियों से सीधे सवाल पूछे जाएंगे। अमर उजाला आपको एक मंच दे रहा है, जहां आप बातों को रख सकेंगे, ताकि जब राजनीतिक हस्तियां चुनावी रैलियां करने आएं तो उन्हें आपसे जुड़े जमीनी मुद्दे भी याद रहें।
विशेष प्रोत्साहन की व्यवस्था
'सत्ता का संग्राम' से जुड़े कार्यक्रमों में जमीनी स्तर पर हिस्सा लेने वाले दर्शकों और श्रोताओं के लिए विशेष प्रोत्साहन की भी व्यवस्था की गई है।
इस विशेष कवरेज को आप कहां देख सकेंगे?
- अमर उजाला अखबार और amarujala.com पर आपको कार्यक्रम स्थल की जानकारी मिलेगी।
- 'सत्ता का संग्राम' से जुड़ा व्यापक जमीनी कवरेज आप अमर उजाला अखबार में पढ़ सकेंगे।
- amarujala.com पर आप कार्यक्रमों को लाइव देख सकेंगे।
- सभी कार्यक्रम अमर उजाला डिजिटल के फेसबुक पेज और यू-ट्यूब चैनल पर भी देखे जा सकेंगे।
- इन सभी कार्यक्रमों के जरिए दर्ज होने वाली जनता की आवाज विशेष रूप से अमर उजाला के पॉडकास्ट "आवाज" पर भी उपलब्ध रहेगी।