Unnao: छोटे भाई ने बड़े भाई को रास्ते से हटाने की रची थी साजिश, 1.20 लाख की सुपारी देकर कराई हत्या, पढ़ें मामला
बुधवार को अरुण और चंदन, मृतक सूरज के घर आए। दोनों का पहले से घर आना जाना होने से किसी को शक भी नहीं हुआ। बुधवार को आरोपी छोटा भाई नीरज दोस्तों के साथ बड़े भाई सूरज को शराब ठेके के पास ले गया। वहां उसे शराब पिलाई। बाद में पास के ही जंगल में ले जाकर सिर पर डंडे से वार किया।
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उन्नाव जिले में सोहरामऊ थाना क्षेत्र के रसूलपुर में युवक की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। तीन करोड़ रुपये के लालच में छोटे भाई ने लखनऊ निवासी दो दोस्तों को 1.20 लाख रुपये की सुपारी देकर हत्या कराई थी। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। जबकि मृतक के सबसे छोटे भाई की घटना में भूमिका न मिलने पर पुलिस ने उसे छोड़ दिया है।
रसूलपुर गांव निवासी सूरज (24) का शव गुुरुवार को गांव से करीब एक किमी दूर नाले के पास मिला था। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस ने जांच की थी। जांच में भाईयों के बीच तीन करोड़ रुपये के लेनदेन को लेकर विवाद की बात सामने आने के बाद पुलिस ने मृतक के दोनों भाईयों को पूछताछ के लिए उठाया था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने पर मृतक के छोटे भाई नीरज की भूमिका संदिग्ध मानकर कड़ाई से पूछताछ की तो हकीकत सामने आई। उसने बताया कि करीब ढाई बीघा जमीन रसूलपुर मोड़ के पास हाइवे से कुछ दूर पर है। एक महीने पहले उस जमीन का सौदा लुधियाना की एक कंपनी से तीन करोड़ रुपये में हुआ था।
बयाना के तौर पर 17 लाख रुपये मिले थे। इसमें सूरज ने अपने खाते में दो लाख और नीरज के खाते में 15 लाख रुपये जमा करवाए थे। नीरज के मुताबिक तीसरे नंबर का भाई अभी नाबालिग है। उसका खाता नहीं खुला था। शेष रकम आरोपी के खाते में आए इसलिए उसने बड़े भाई को रास्ते से हटाने की साजिश रची।
हत्यारोपी नीरज ने पंजाब में पहले साथ काम करने वाले लखनऊ के थाना बिजनौर के गांव मोहनीखेड़ा निवासी अरुण कुमार और उसी थानाक्षेत्र के मंझिगवा निवासी दोस्त चंदन से फोन पर बात कर पूरी बात बताई। दोनों से 1.20 लाख रुपये में हत्या करने का सौदा तय हुआ। इसके बाद तीनों ने योजना बनाई।
बुधवार को अरुण और चंदन, मृतक सूरज के घर आए। दोनों का पहले से घर आना जाना होने से किसी को शक भी नहीं हुआ। बुधवार को आरोपी छोटा भाई नीरज दोस्तों के साथ बड़े भाई सूरज को शराब ठेके के पास ले गया। वहां उसे शराब पिलाई। बाद में पास के ही जंगल में ले जाकर सिर पर डंडे से वार किया।
इसके बाद गला दाबकर हत्या कर दी। गमछे से हाथ-पैर बांधकर उसका शव नाले के पास फेंककर भाग निकले। पुलिस ने तीनों हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। सीओ संतोष सिंह ने बताया कि मृतक के तीसरे भाई लवकुश की घटना में कोई भूमिका नहीं मिली, इसलिए उसे छोड़ दिया गया है।
हत्या के लिए 20 हजार रुपये लिया था बयाना, कॉल डिटेल से खुली पोल
एसओ संदीप मिश्र ने बताया कि मृतक के हत्यारोपी भाई नीरज के फोन को पुलिस ने सर्विलांस पर लगवाया तो हकीकत सामने आई। फोन पर नीरज दोस्तों को भाई की हत्या की सुपारी दे रहा है। यही नहीं 1.20 लाख की तय रकम में 20 हजार रुपये एडवांस और एक लाख रुपये काम पूरा होने के बाद की बात सामने आई। रात में ही दोनों आरोपियों को लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया गया।
पंजाब में काम करने के दौरान संपर्क में आए थे दोस्त
हत्यारोपी नीरज ने बताया कि अरुण और चंदन उसके साथ चार साल पहले पंजाब में एक साथ काम करते थे। वहीं तीनों में दोस्ती हुई थी। डेढ़ साल पहले तीनों ने एक साथ नौकरी छोड़ी थी, लेकिन सब अपना काम कर रहे थे। पैसों के लालच में पहली बार यह कदम उठाया। नीरज के मुताबिक सड़क किनारे उसकी एक और जमीन थी जिसे बड़े भाई सूरज ने 27 लाख रुपये में बेचा था। उसी से घर बनवाया था। पांच लाख शेष बचा था तो उसी से घर का खर्च चल रहा था।